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Kaithal News: सिरसल नर्सरी के वॉलीबॉल खिलाड़ी पदक जीत चमक रहे

Sun, 22 Dec 2024 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sun, 22 Dec 2024 12:34 AM IST
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Volleyball players of Sirsal Nursery are shining by winning medals
राजिंद्र तंवर
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कैथल। जिले के सिरसल गांव ने वॉलीबॉल के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई है। इस छोटे से गांव के खिलाड़ी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन से पदक जीतकर न केवल अपने गांव बल्कि देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

गांव सिरसल के राजकीय स्कूल में स्थित नर्सरी के खिलाड़ियों की सफलता का श्रेय उनकी मेहनत, अनुशासन और गांव में खेलों को दिए जाने वाले महत्व को जाता है। गांव में वॉलीबॉल का खेल न केवल एक शौक, बल्कि एक परंपरा बन चुका है। यहां के युवा खिलाड़ी छोटी उम्र से ही इस खेल में रुचि लेने लगते हैं।
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स्थानीय कोच पंकज शर्मा और पूर्व खिलाड़ी इन युवाओं को प्रशिक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सिरसल नर्सरी के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कई स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीते हैं। उनकी उपलब्धियों ने न केवल खेल जगत में बल्कि सरकारी नौकरियों के क्षेत्र में भी उनके लिए नए रास्ते खोले हैं। भारतीय सेना में गांव के कई खिलाड़ी चयनित होकर सेवाएं दे रहे हैं।
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गांव में खेल के प्रति उत्साह को देखते हुए सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी वॉलीबॉल के लिए बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को विकसित करने पर जोर दिया है। नियमित प्रशिक्षण शिविर, आधुनिक खेल उपकरण और प्रतियोगिताओं का आयोजन सिरसल के खिलाड़ियों को और प्रेरित कर रहा है।

कुल मिलाकर सिरसल बताता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें, तो युवा अपनी प्रतिभा से बड़े मंचों पर देश का गौरव बढ़ा सकते हैं। सिरसल का उदाहरण अन्य गांवों के लिए प्रेरणास्त्रोत है।

वॉलीबॉल कोच पंकज शर्मा ने बताया कि वे सिरसल गांव में पिछले 15 वर्षों खिलाड़ियों को निशुल्क वॉलीबॉल खेल का अभ्यास करवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजकीय उच्च विद्यालय सिरसल में यह वॉलीबॉल की सरकारी खेल नर्सरी 15 जून से संचालित हुई है। इसमें 25 आयु वर्ग छह से 19 वर्ष तक के लड़के अभ्यास करने आते हैं।

इसके अलावा यहां 80 लड़कियां व 25 खिलाड़ी और अभ्यास करते हैं। सभी खिलाड़ियों को सुबह दो व शाम को तीन घंटे अभ्यास करवाया जाता है। इस नर्सरी के कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय व राज्यस्तर पर खेल कर कई पदक जीत चुके हैं। छह खिलाड़ी अंडर-17 में तेलंगाना में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीत चुके हैं।

उन्होंने बताया कि हाल में फतेहाबाद में हुई राज्यस्तरीय स्कूली वॉलीबॉल प्रतियोगिता में अंडर-17 आयु वर्ग की लड़कियों ने स्वर्ण पदक व प्रथम ट्रॉफी जीती हैं। उन्होंने

बताया कि वॉलीबॉल के तीन अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी खेल कोटे के तहत इस समय इंडियन आर्मी में विभिन्न स्थानो पर संवाएं प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नर्सरी के अधिकतर खिलाड़ी मध्यम वर्ग से हैं। इसमें ग्राम पंचायत खिलाड़ियों का बहुत सहयोग करती है। समय-समय पर जरूरतमंद खिलाड़ियों को आहार व अन्य सामग्री वितरित करती है।

कोच पंकज ने बताया कि नर्सरी के खिलाड़ी किठन अभ्यास कर अपने सपनो को साकार करने की कोशिश कर रहे हैं। उनहोने ने कहा कि नर्सरी के खिलाडियों का सपना है की वे अंतरराष्ट्रीय पर खेले ओर देश के लिए पदक जीत कर सरकारी नौकरी प्राप्त करें। वहीं जिस तरह शहर या गांव में आजकल युवा मोबाइल व नशे की लत की ओर बढ़ रहा है। उन्हे येे सब छोड़ कर खेल की ओर बढना चाहिए ताकी खेल से उनका मानसिक व शारीरिक स्वास्थय भी ठीक रहे ओर खेलों में अपना भविष्य बनाएं। संवाद

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अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सुमित कुमार छह वर्षों से भारतीय सेना में हैं। इस समय वह जम्मू में वालीबॉल के हेड कोच हैं। वे विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर कई पदक जीत चुके हैं। दिन-रात मेहनत के बलबूते वह कामयाबी हासिल कर चुके हैं।

n खिलाड़ी मोहित कुमार चार साल से आर्मी में हैं। वह सिकंदराबद में आर्मी के ब्वाय होस्टल में रह रहे हैं। वे भी कईं प्रतियोगिताओ में भाग लेकर पदक जीत चुके हें। खेल कोटे के तहत वह नौकरी हासिल कर भारतीय सेना में देश के लिए सेवांए दे रहे हैं।

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अंकित का चार साल पहले अग्निवीर के तहत चयन हुआ है। वह इस समय जम्मू में कार्यरत हैं। कोच पंकज के मार्गदर्शन में कई पदक जीत चुके हैं। इस समय देश की सेवा में लगे हैं।

n खिलाड़ी सावन 12 राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर तीन स्वर्ण, दो रजत जीत चुके हैं। वर्ष 2017 में खेल के दौरान घायल हो गए थे। अब एनआईस की ओर से कोचिंग दे रहे हैं।


खिलाड़ी सेजल, राज्यस्तर पर अंडर 17 में खेल कर स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। सुबह-शाम मैदान पर वह रोज अभ्यास करती हैं। सपना है अंतरराष्ट्रीय स्तर खेले ओर देश व अपने माता पिता का नाम रोशन करे।

अंकिता राज्य स्तरीय खिलाड़ी हैं। चार बार राज्यस्तर पर खेल कर बढ़िया खेल प्रदर्शन दिखा चुकी है। वह सुबह शाम मैदान पर अभ्यास करती हैं। अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेलने का सपना है।


खिलाड़ी रुबी देवी पिछले खेल महाकुंभ में बेहतरीन प्रदर्शन कर चुकी हैं। वह सुबह शाम मैदान पर अभ्यास करती हैं। उसका सपना है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेले और माता पिता का नाम रोशन करें।
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