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क्रीमीलेयर अधिसूचना रद्द करने की मांग को लेकर आवाज बुलंद
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Voice raised on demand for cancellation of creamy layer notification
- फोटो : Kaithal
ओबीसी समाज के लोगों ने उठाई क्रीमीलेयर की नई अधिसूचना रद्द करने की मांग
जवाहर पार्क में एकत्रित हुए ओबीसी समाज के लोग, राष्ट्रपति नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। एससीबीसी एकता मंच के बैनर तले ओबीसी समाज के लोग ओबीसी क्रीमी लेयर की नई अधिसूचना को लेकर जवाहर पार्क में एकत्रित हुए। उन्होंने जिला प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर क्रीमी लेयर की नई अधिसूचना रद्द करने की मांग की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एससी बीसी एकता मंच के प्रधान एडवोकेट धर्मपाल रत्ती ने और मंच संचालन सचिव सुरेश लोधर ने किया। प्रधान धर्मपाल रत्ती ने कहा कि हरियाणा सरकार ने 17 अगस्त 2016 व 28 अगस्त 2016 को नोटिस के माध्यम से ओबीसी का आरक्षण खत्म करने की साजिश रची, जिसके खिलाफ पिछड़ा वर्ग कल्याण महासभा व अन्य संगठनों ने विरोध करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट में हारने के बाद हरियाणा सरकार सुप्रीम कोर्ट में उनके संवैधानिक अधिकारों को छीनने के लिए पहुंची। 24 अगस्त 2021 को अपने फैसलों में आरक्षण संबंधी क्रीमी लेयर अधिसूचना को गैर कानूनी मानते हुए रद्द कर दिया और इंदरा साहनी बनाम भारत सरकार के फैसले के अनुसार अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया। परंतु सरकार ने 17 नवंबर 2021 के नई अधिसूचना जारी की है।
इसके अनुसार हरियाणा में अब क्रीमीलेयर की सीमा 8 लाख की बजाय 6 लाख कर दी है। उसमें कर्मचारी सरकारी हो या गैर सरकारी की आय को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। साथ ही कृषि से प्राप्त आय को भी अब 6 लाख की सीमा में ही शामिल कर लिया है। ओबीसी वर्ग के 90 प्रतिशत लोगों को शैक्षणिक संस्थाओं में दाखिलों, सर्विस में आरक्षण से वंचित रखने का प्रावधान कर दिया गया। जबकि केंद्र सरकार के साथ साथ भारत के सभी राज्यों में क्रीमीलेयर की सीमा 8 लाख निर्धारित है। इससे कर्मचारियों के वेतन और कृषि से प्राप्त आय शामिल नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने संविधान के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है। इससे बीसी और एससी समाज में भारी रोष है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से क्रीमी लेयर की अधिसूचना को रद्द करने की मांग की है। इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व काटी कला बोर्ड के चेयरमैन भूपेंद्र गंगवा, राजेश सिंह मार, धर्मवीर प्रजापति, प्रेम सिंह जांगड़ा, गुरमीत कंबोज, अमनदीप जेई, राजेश मुंढाल, सुनील सिंह, सुरेश द्रविड़ व शमशेर कालिया मौजूद रहे।
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जवाहर पार्क में एकत्रित हुए ओबीसी समाज के लोग, राष्ट्रपति नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। एससीबीसी एकता मंच के बैनर तले ओबीसी समाज के लोग ओबीसी क्रीमी लेयर की नई अधिसूचना को लेकर जवाहर पार्क में एकत्रित हुए। उन्होंने जिला प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर क्रीमी लेयर की नई अधिसूचना रद्द करने की मांग की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एससी बीसी एकता मंच के प्रधान एडवोकेट धर्मपाल रत्ती ने और मंच संचालन सचिव सुरेश लोधर ने किया। प्रधान धर्मपाल रत्ती ने कहा कि हरियाणा सरकार ने 17 अगस्त 2016 व 28 अगस्त 2016 को नोटिस के माध्यम से ओबीसी का आरक्षण खत्म करने की साजिश रची, जिसके खिलाफ पिछड़ा वर्ग कल्याण महासभा व अन्य संगठनों ने विरोध करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट में हारने के बाद हरियाणा सरकार सुप्रीम कोर्ट में उनके संवैधानिक अधिकारों को छीनने के लिए पहुंची। 24 अगस्त 2021 को अपने फैसलों में आरक्षण संबंधी क्रीमी लेयर अधिसूचना को गैर कानूनी मानते हुए रद्द कर दिया और इंदरा साहनी बनाम भारत सरकार के फैसले के अनुसार अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया। परंतु सरकार ने 17 नवंबर 2021 के नई अधिसूचना जारी की है।
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इसके अनुसार हरियाणा में अब क्रीमीलेयर की सीमा 8 लाख की बजाय 6 लाख कर दी है। उसमें कर्मचारी सरकारी हो या गैर सरकारी की आय को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। साथ ही कृषि से प्राप्त आय को भी अब 6 लाख की सीमा में ही शामिल कर लिया है। ओबीसी वर्ग के 90 प्रतिशत लोगों को शैक्षणिक संस्थाओं में दाखिलों, सर्विस में आरक्षण से वंचित रखने का प्रावधान कर दिया गया। जबकि केंद्र सरकार के साथ साथ भारत के सभी राज्यों में क्रीमीलेयर की सीमा 8 लाख निर्धारित है। इससे कर्मचारियों के वेतन और कृषि से प्राप्त आय शामिल नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने संविधान के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है। इससे बीसी और एससी समाज में भारी रोष है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से क्रीमी लेयर की अधिसूचना को रद्द करने की मांग की है। इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व काटी कला बोर्ड के चेयरमैन भूपेंद्र गंगवा, राजेश सिंह मार, धर्मवीर प्रजापति, प्रेम सिंह जांगड़ा, गुरमीत कंबोज, अमनदीप जेई, राजेश मुंढाल, सुनील सिंह, सुरेश द्रविड़ व शमशेर कालिया मौजूद रहे।
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