फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Voice raised on demand for cancellation of creamy layer notification

क्रीमीलेयर अधिसूचना रद्द करने की मांग को लेकर आवाज बुलंद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Dec 2021 01:03 AM IST
विज्ञापन
Voice raised on demand for cancellation of creamy layer notification
Voice raised on demand for cancellation of creamy layer notification - फोटो : Kaithal
ओबीसी समाज के लोगों ने उठाई क्रीमीलेयर की नई अधिसूचना रद्द करने की मांग
विज्ञापन

जवाहर पार्क में एकत्रित हुए ओबीसी समाज के लोग, राष्ट्रपति नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। एससीबीसी एकता मंच के बैनर तले ओबीसी समाज के लोग ओबीसी क्रीमी लेयर की नई अधिसूचना को लेकर जवाहर पार्क में एकत्रित हुए। उन्होंने जिला प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर क्रीमी लेयर की नई अधिसूचना रद्द करने की मांग की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एससी बीसी एकता मंच के प्रधान एडवोकेट धर्मपाल रत्ती ने और मंच संचालन सचिव सुरेश लोधर ने किया। प्रधान धर्मपाल रत्ती ने कहा कि हरियाणा सरकार ने 17 अगस्त 2016 व 28 अगस्त 2016 को नोटिस के माध्यम से ओबीसी का आरक्षण खत्म करने की साजिश रची, जिसके खिलाफ पिछड़ा वर्ग कल्याण महासभा व अन्य संगठनों ने विरोध करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट में हारने के बाद हरियाणा सरकार सुप्रीम कोर्ट में उनके संवैधानिक अधिकारों को छीनने के लिए पहुंची। 24 अगस्त 2021 को अपने फैसलों में आरक्षण संबंधी क्रीमी लेयर अधिसूचना को गैर कानूनी मानते हुए रद्द कर दिया और इंदरा साहनी बनाम भारत सरकार के फैसले के अनुसार अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया। परंतु सरकार ने 17 नवंबर 2021 के नई अधिसूचना जारी की है।
विज्ञापन

इसके अनुसार हरियाणा में अब क्रीमीलेयर की सीमा 8 लाख की बजाय 6 लाख कर दी है। उसमें कर्मचारी सरकारी हो या गैर सरकारी की आय को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। साथ ही कृषि से प्राप्त आय को भी अब 6 लाख की सीमा में ही शामिल कर लिया है। ओबीसी वर्ग के 90 प्रतिशत लोगों को शैक्षणिक संस्थाओं में दाखिलों, सर्विस में आरक्षण से वंचित रखने का प्रावधान कर दिया गया। जबकि केंद्र सरकार के साथ साथ भारत के सभी राज्यों में क्रीमीलेयर की सीमा 8 लाख निर्धारित है। इससे कर्मचारियों के वेतन और कृषि से प्राप्त आय शामिल नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने संविधान के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है। इससे बीसी और एससी समाज में भारी रोष है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से क्रीमी लेयर की अधिसूचना को रद्द करने की मांग की है। इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व काटी कला बोर्ड के चेयरमैन भूपेंद्र गंगवा, राजेश सिंह मार, धर्मवीर प्रजापति, प्रेम सिंह जांगड़ा, गुरमीत कंबोज, अमनदीप जेई, राजेश मुंढाल, सुनील सिंह, सुरेश द्रविड़ व शमशेर कालिया मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed