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भडक़े गांव करोड़ा के लोग
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पूंडरी/पाई। पिछले वर्ष किसान आंदोलन के दौरान चेयरमैन रणधीर गोलन की गांव करोड़ा को लेकर की गई टिप्पणी और शनिवार को उनके पुत्र अमित गोलन द्वारा फेसबुक पर की गई पोस्ट से रविवार को गांव करोड़ा के लोग भड़क गए। चेयरमैन के गांव में सड़क का उद्घाटन करने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण गांव के चौक पर जमा हो गए। इससे चेयरमैन को गांव के बाहर से ही सड़क का उद्घाटन कर लौटना पड़ा। इससे गांव के मुख्य चौक पर दिनभर तनाव की स्थिति बनी रही। कैथल एसपी के अवकाश पर रहने के कारण करनाल एसपी को मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालना पड़ा।
रणधीर गोलन ने किसान आंदोलन के दौरान टिप्पणी की थी कि केवल पाई, भाणा और करोड़ा में ही किसान हैं क्या? बाकी हलके में भी तो किसान हैं। उस समय इन गांवों के लोगों ने ज्यादा विरोध किया था। गोलन की टिप्पणी से ग्रामीणों में रोष था। वहीं शनिवार को गोलन के पुत्र अमित गोलन ने सोशल मीडिया पर गांव में हर हाल में जाने की पोस्ट कर दी। इसके विरोध में रविवार को सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण करोड़ा गांव बस अड्डे पर एकत्रित हो गए। दिनभर सैकड़ों की संख्या में लोग डटे रहे। लोगों का कहना था कि एक तो गोलन ने किसान आंदोलन में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। दूसरे अब उनके पुत्र द्वारा जबरदस्ती गांव में घुसने की बात कही जा रही है। वह ऐसा नहीं होने देंगे। उधर, विधायक भी गांव में शिलान्यास और चाय पान के लिए गांव में आने पर अड़े रहे। इससे पुलिस प्रशासन को काफी मेहनत करनी पड़ी। गांव में डीएसपी रविंद्र सांगवान, एसएचओ शिवकुमार, चौकी प्रभारी तरसेम लाल भारी पुलिस बल के साथ हर घटनाक्रम पर नजर बनाए रखे हुए थे। कुछ ग्रामीण विधायक गोलन के माफी मांगने की जिद्द पर अड़े थे। इसके बाद एसपी करनाल गंगा राम पूनिया मौके पर पहुंचे। लोगों के विरोध को देखते हुए रणधीर गोलन सेरधा वाले रास्ते से सड़क का उद्घाटन कर लौट गए। उधर, कैथल पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह के छुट्टी पर होने के कारण करनाल एसपी गंगा राम पूनिया ने अधिकारियों से तालमेल करवाकर सेरधा से करोड़ा वाली सड़क का शिलान्यास करवाया।
दूसरी ओर ग्रामीणों ने दावा किया कि उनका फैसला था कि बिना माफी मांगे गोलन को गांव में नहीं घुसने देंगे। दूसरी ओर गोलन पक्ष के लोगों ने कहा कि चेयरमैन उद्घाटन करने गए थे और उद्घाटन करके ही वापस लौटे।
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रणधीर गोलन ने किसान आंदोलन के दौरान टिप्पणी की थी कि केवल पाई, भाणा और करोड़ा में ही किसान हैं क्या? बाकी हलके में भी तो किसान हैं। उस समय इन गांवों के लोगों ने ज्यादा विरोध किया था। गोलन की टिप्पणी से ग्रामीणों में रोष था। वहीं शनिवार को गोलन के पुत्र अमित गोलन ने सोशल मीडिया पर गांव में हर हाल में जाने की पोस्ट कर दी। इसके विरोध में रविवार को सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण करोड़ा गांव बस अड्डे पर एकत्रित हो गए। दिनभर सैकड़ों की संख्या में लोग डटे रहे। लोगों का कहना था कि एक तो गोलन ने किसान आंदोलन में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। दूसरे अब उनके पुत्र द्वारा जबरदस्ती गांव में घुसने की बात कही जा रही है। वह ऐसा नहीं होने देंगे। उधर, विधायक भी गांव में शिलान्यास और चाय पान के लिए गांव में आने पर अड़े रहे। इससे पुलिस प्रशासन को काफी मेहनत करनी पड़ी। गांव में डीएसपी रविंद्र सांगवान, एसएचओ शिवकुमार, चौकी प्रभारी तरसेम लाल भारी पुलिस बल के साथ हर घटनाक्रम पर नजर बनाए रखे हुए थे। कुछ ग्रामीण विधायक गोलन के माफी मांगने की जिद्द पर अड़े थे। इसके बाद एसपी करनाल गंगा राम पूनिया मौके पर पहुंचे। लोगों के विरोध को देखते हुए रणधीर गोलन सेरधा वाले रास्ते से सड़क का उद्घाटन कर लौट गए। उधर, कैथल पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह के छुट्टी पर होने के कारण करनाल एसपी गंगा राम पूनिया ने अधिकारियों से तालमेल करवाकर सेरधा से करोड़ा वाली सड़क का शिलान्यास करवाया।
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दूसरी ओर ग्रामीणों ने दावा किया कि उनका फैसला था कि बिना माफी मांगे गोलन को गांव में नहीं घुसने देंगे। दूसरी ओर गोलन पक्ष के लोगों ने कहा कि चेयरमैन उद्घाटन करने गए थे और उद्घाटन करके ही वापस लौटे।
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