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स्वामित्व योजना में लापरवाही मिलने पर ग्राम सचिव निलंबित
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लघु सचिवालय सभागार में स्वामित्व योजना को लेकर डीसी ने अधिकारियों संग समीक्षा बैठक की। योजना के तहत प्रॉपर्टी कार्ड (टाइटल डीड) बनाकर गांव में वितरित न करने और प्रशासन की बैठक में न पहुंचने पर डीसी प्रदीप दहिया ने राजौंद ब्लॉक में कार्यरत ग्राम सचिव नरेश कुमार को सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं।
लघु सचिवालय स्थित सभागार में स्वामित्व योजना को लेकर हुई बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 233 गांवों के फाइनल मैप प्राप्त हो चुके हैं, इसलिए सभी की टाइटल डीड बनाकर संबंधित व्यक्तियों को दी जाएगी। जिले में अब तक 22 हजार 283 लाभार्थियों को स्वामित्व अधिकार पत्र दिया जा चुका है। डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी जनहित से जुड़ी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुंचाने में पूरी जिम्मेदारी से कार्य करें। अगर कोई अधिकारी व कर्मचारी लापरवाही करेगा तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि 233 गांवों में 1 लाख 4 हजार 283 संपत्ति के स्वामित्व अधिकार पत्र बनाए जाने हैं। प्रत्येक खंड में कंप्यूटर ऑपरेटरों की नियुक्ति के साथ-साथ कार्यालय के तकनीकी स्टाफ इस कार्य को जल्द पूरा करें, ताकि जिले के सभी लाभार्थियों को टाइटल डीड दी जा सके। इसके साथ-साथ जो भी सरकारी संपत्ति चयनित की गई है, उनका इंद्राज करके भी सभी स्थानों की टाइटल डीड बनाई जाए। डीसी ने कहा कि सभी पटवारियों व ग्राम सचिवों के माध्यम से लाभार्थियों के घर पर जाकर टाइटल डीड वितरण की जाए। संबंधित व्यक्तियों को स्वामित्व अधिकार पत्र देने के साथ उनके हस्ताक्षर करवाकर रिकार्ड को पूरी तरह से मेनटेन करें। वितरण कार्य के दौरान घर पर अगर परिवार का मुखिया, जिसके नाम से टाइटल डीड बनी है, उसके नहीं होने पर संबंधित व्यक्ति के परिवार के सदस्यों को टाइटल डीड दें और उसका पूरा ब्यौरा भी बनाए गए प्रोफार्मा में दर्ज करें। बैठक में सामने आया कि राजौंद खंड में कार्यरत ग्राम सचिव नरेश कुमार इस योजना को लेकर काम ठीक नहीं कर रहे हैं। न तो उन्होंने प्रॉपर्टी कार्ड बनवाए और न ही वितरित किए। न ही वे शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक में पहुंचे। इस पर डीसी ने उन्हें निलंबित करने के निर्देश दिए। बैठक में एसडीएम आरके संधू, सीटीएम गुलजार अहमद, एसीईओ अमित कुमार, डीआरओ चांदी राम, डीडीपीओ कंवर दमन, डीआईओ दीपक खुराना, तहसीलदार सुदेश मेहरा, बीडीपीओ नरेंद्र कुमार, श्याम लाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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लघु सचिवालय स्थित सभागार में स्वामित्व योजना को लेकर हुई बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 233 गांवों के फाइनल मैप प्राप्त हो चुके हैं, इसलिए सभी की टाइटल डीड बनाकर संबंधित व्यक्तियों को दी जाएगी। जिले में अब तक 22 हजार 283 लाभार्थियों को स्वामित्व अधिकार पत्र दिया जा चुका है। डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी जनहित से जुड़ी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुंचाने में पूरी जिम्मेदारी से कार्य करें। अगर कोई अधिकारी व कर्मचारी लापरवाही करेगा तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि 233 गांवों में 1 लाख 4 हजार 283 संपत्ति के स्वामित्व अधिकार पत्र बनाए जाने हैं। प्रत्येक खंड में कंप्यूटर ऑपरेटरों की नियुक्ति के साथ-साथ कार्यालय के तकनीकी स्टाफ इस कार्य को जल्द पूरा करें, ताकि जिले के सभी लाभार्थियों को टाइटल डीड दी जा सके। इसके साथ-साथ जो भी सरकारी संपत्ति चयनित की गई है, उनका इंद्राज करके भी सभी स्थानों की टाइटल डीड बनाई जाए। डीसी ने कहा कि सभी पटवारियों व ग्राम सचिवों के माध्यम से लाभार्थियों के घर पर जाकर टाइटल डीड वितरण की जाए। संबंधित व्यक्तियों को स्वामित्व अधिकार पत्र देने के साथ उनके हस्ताक्षर करवाकर रिकार्ड को पूरी तरह से मेनटेन करें। वितरण कार्य के दौरान घर पर अगर परिवार का मुखिया, जिसके नाम से टाइटल डीड बनी है, उसके नहीं होने पर संबंधित व्यक्ति के परिवार के सदस्यों को टाइटल डीड दें और उसका पूरा ब्यौरा भी बनाए गए प्रोफार्मा में दर्ज करें। बैठक में सामने आया कि राजौंद खंड में कार्यरत ग्राम सचिव नरेश कुमार इस योजना को लेकर काम ठीक नहीं कर रहे हैं। न तो उन्होंने प्रॉपर्टी कार्ड बनवाए और न ही वितरित किए। न ही वे शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक में पहुंचे। इस पर डीसी ने उन्हें निलंबित करने के निर्देश दिए। बैठक में एसडीएम आरके संधू, सीटीएम गुलजार अहमद, एसीईओ अमित कुमार, डीआरओ चांदी राम, डीडीपीओ कंवर दमन, डीआईओ दीपक खुराना, तहसीलदार सुदेश मेहरा, बीडीपीओ नरेंद्र कुमार, श्याम लाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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