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Kaithal News: विहिप ने ग्यारह रूद्री मंदिर में किया सुंदरकांड का पाठ
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कलायत। हनुमान जन्मोत्सव पर नगर में अनेक स्थानों पर धार्मिक आयोजन हुए। दुर्गा मंदिर अनाज मंडी, हनुमान मंदिर, खाटू श्याम मंदिर में सुंदरकांड का पाठ व राम संकीर्तन का आयोजन हुआ। श्री ग्यारह रुद्री मंदिर में विश्व हिंदू परिषद की ओर से धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। सबसे पहले सदस्यों ने हनुमान जी का पंचामृत स्नान करवाया।
इसके बाद सुंदरकांड का पाठ हुआ। इसके बाद सामूहिक रूप से सुंदरकांड, हनुमानाष्टक व बजरंग बाण का पाठ किया गया। अंत में आरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम में विहिप जिला उपाध्यक्ष बीरभान निर्मल, जिला सहमंत्री निशीकांत शर्मा, प्रखंड मंत्री डाॅ. प्रियव्रत गालव ने सभी श्रद्धालुओं को हनुमान जी के जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। निर्मल ने कहा कि पवन पुत्र भगवान हनुमान जी का जन्मोत्सव साल में दो बार मनाया जाता है।
हर साल पंचाग अनुसार चैत्र माह की पूर्णिमा व कार्तिक माह के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को भी हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। जिला सहमंत्री निशीकांत शर्मा ने कहा कि राम भक्त और हनुमान भक्त दोनों के लिए ही हनुमान जन्मोत्सव का दिन बहुत ही खास होता है। यह दिन देशभर में लोग बड़े ही धूमधाम के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि इसे हनुमान जयंती भी कहते हैं। दोनों एक ही है या दोनों में अंतर है इसे लेकर लोग असमंजस में रहते हैं।
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हनुमान जी के जन्मदिन को जयंती नहीं बल्कि जन्मोत्सव कहा जाना उचित होगा। जयंती का प्रयोग ऐसे व्यक्ति के लिए किया जाता है जो संसार में जीवित नहीं है और किसी विशेष तिथि में उसका जन्मदिन है। जब बात हो भगवान हनुमान की तो इन्हें कलयुग संसार का जीवित व जागृत देवता माना गया है।
माना जाता है कि भगवान राम से अमर होने का वरदान पाने के बाद हनुमान जी ने गंधमादन पर्वत पर निवास बनाया और इसी स्थान पर कलयुग में धर्म के रक्षक के रूप में निवास करते हैं। इसलिए हनुमान जी के जन्मदिन की तिथि को भी जयंती नहीं बल्कि जन्मोत्सव कहना सही है। क्योंकि कहा जाता है कि भगवान हनुमान आज भी सशरीर इस धरती पर मौजूद हैं।
जहां भी राम कथा या राम नाम चर्चा होती है वहां हनुमान जी किसी न किसी रूप में विद्यमान रहते हैं। कार्यक्रम में पंडित विशाल शांडिल्य, अनिरुद्ध गौतम, लोकेश शास्त्री, राजू कौशिक, रणबीर शास्त्री, अशोक शर्मा, पार्षद रवींद्र बंटी, पार्षद महिपाल बैरागी, पाला राम प्रजापति, कमल धीमान, महेंद्र राईका, सुरेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में विहिप सदस्य मौजूद रहे।
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इसके बाद सुंदरकांड का पाठ हुआ। इसके बाद सामूहिक रूप से सुंदरकांड, हनुमानाष्टक व बजरंग बाण का पाठ किया गया। अंत में आरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम में विहिप जिला उपाध्यक्ष बीरभान निर्मल, जिला सहमंत्री निशीकांत शर्मा, प्रखंड मंत्री डाॅ. प्रियव्रत गालव ने सभी श्रद्धालुओं को हनुमान जी के जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। निर्मल ने कहा कि पवन पुत्र भगवान हनुमान जी का जन्मोत्सव साल में दो बार मनाया जाता है।
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हर साल पंचाग अनुसार चैत्र माह की पूर्णिमा व कार्तिक माह के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को भी हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। जिला सहमंत्री निशीकांत शर्मा ने कहा कि राम भक्त और हनुमान भक्त दोनों के लिए ही हनुमान जन्मोत्सव का दिन बहुत ही खास होता है। यह दिन देशभर में लोग बड़े ही धूमधाम के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि इसे हनुमान जयंती भी कहते हैं। दोनों एक ही है या दोनों में अंतर है इसे लेकर लोग असमंजस में रहते हैं।
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हनुमान जी के जन्मदिन को जयंती नहीं बल्कि जन्मोत्सव कहा जाना उचित होगा। जयंती का प्रयोग ऐसे व्यक्ति के लिए किया जाता है जो संसार में जीवित नहीं है और किसी विशेष तिथि में उसका जन्मदिन है। जब बात हो भगवान हनुमान की तो इन्हें कलयुग संसार का जीवित व जागृत देवता माना गया है।
माना जाता है कि भगवान राम से अमर होने का वरदान पाने के बाद हनुमान जी ने गंधमादन पर्वत पर निवास बनाया और इसी स्थान पर कलयुग में धर्म के रक्षक के रूप में निवास करते हैं। इसलिए हनुमान जी के जन्मदिन की तिथि को भी जयंती नहीं बल्कि जन्मोत्सव कहना सही है। क्योंकि कहा जाता है कि भगवान हनुमान आज भी सशरीर इस धरती पर मौजूद हैं।
जहां भी राम कथा या राम नाम चर्चा होती है वहां हनुमान जी किसी न किसी रूप में विद्यमान रहते हैं। कार्यक्रम में पंडित विशाल शांडिल्य, अनिरुद्ध गौतम, लोकेश शास्त्री, राजू कौशिक, रणबीर शास्त्री, अशोक शर्मा, पार्षद रवींद्र बंटी, पार्षद महिपाल बैरागी, पाला राम प्रजापति, कमल धीमान, महेंद्र राईका, सुरेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में विहिप सदस्य मौजूद रहे।