{"_id":"6171bda303490a07621b3fe9","slug":"use-one-drop-of-water-kaithal-news-knl87252770","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक-एक बूंद पानी का करें इस्तेमाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक-एक बूंद पानी का करें इस्तेमाल
विज्ञापन
20-गुहला-चीका। पांच दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम में महिलाआं को प्रशंसा पत्र देते हुए मुख्यात
- फोटो : Kaithal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुहला-चीका। जल जीवन मिशन के अंतर्गत पांच दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सौजन्य से चौथे दिन खंड एवं विकास पंचायत अधिकारी कार्यालय के सभागार में आयोजन किया गया। प्रशिक्षण शिविर में वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ला ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि पानी अमृत है, इसकी एक-एक बूंद का सही इस्तेमाल करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश के बहुत सारे लोगों को आज भी पानी नहीं मिल रहा है वहीं हरियाणा सरकार बधाई की पात्र हैं कि उसने हर घर को नल से जल तय समय से पहले दिया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को पानी की सौगात देने के लिए जरूरी है कि हम पानी को व्यर्थ न बहाएं। इसका संरक्षण करें।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग वासो के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बताया कि एक आंकड़े के अनुसार मुल्क में आजादी के समय लगभग 24 लाख तालाब थे। बरसात का पानी इन तालाबों में इकट्ठा हो जाता था, जो भू-जल स्तर को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी होता था। आजादी के बाद करीब 19 लाख तालाब जोहड़ खत्म हो गए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह गांव में तालाबों को पुनर्जीवित करने का कार्य करें।
विज्ञापन
क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान प्रोजेक्टर पर पानी बचाने के लघु वीडियो दिखाकर जल संरक्षण का संदेश भी दिया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला में गांव अरनौली, शहीद भगत सिंह, गुरु गोविंद नगर, कक्वहेड़ी, छन्ना-जट्टान, गगड़पुर, खराल, टटियाना, सदरहेड़ी, हरिगढ़ किंगन और पपराला गांवों के सरपंच, पंच, ग्राम सचिव, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों के सदस्य ने भाग लिया है। इस अवसर पर एसडीओ श्याम लाल, बीआरसी रघबीर सिंह, बीआरसी विष्णु शर्मा ने भी अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रशिक्षण कार्यशाला में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी बांटे गए।
वर्तमान पत्रकारिता अधिक चुनौतिपूर्ण
कैथल के कोयल कांप्लेक्स में बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ल ने कहा कि वर्तमान में पत्रकारिता का दौर अधिक चुनौतिपूर्ण है। पहले इतनी ज्यादा प्रतिस्पर्धा नहीं थी। उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया का महत्व हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार जितना जनोन्मुखी होगा, उसका उतना ही सम्मान होगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि देश के बहुत सारे लोगों को आज भी पानी नहीं मिल रहा है वहीं हरियाणा सरकार बधाई की पात्र हैं कि उसने हर घर को नल से जल तय समय से पहले दिया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को पानी की सौगात देने के लिए जरूरी है कि हम पानी को व्यर्थ न बहाएं। इसका संरक्षण करें।
विज्ञापन
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग वासो के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बताया कि एक आंकड़े के अनुसार मुल्क में आजादी के समय लगभग 24 लाख तालाब थे। बरसात का पानी इन तालाबों में इकट्ठा हो जाता था, जो भू-जल स्तर को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी होता था। आजादी के बाद करीब 19 लाख तालाब जोहड़ खत्म हो गए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह गांव में तालाबों को पुनर्जीवित करने का कार्य करें।
विज्ञापन
क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान प्रोजेक्टर पर पानी बचाने के लघु वीडियो दिखाकर जल संरक्षण का संदेश भी दिया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला में गांव अरनौली, शहीद भगत सिंह, गुरु गोविंद नगर, कक्वहेड़ी, छन्ना-जट्टान, गगड़पुर, खराल, टटियाना, सदरहेड़ी, हरिगढ़ किंगन और पपराला गांवों के सरपंच, पंच, ग्राम सचिव, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों के सदस्य ने भाग लिया है। इस अवसर पर एसडीओ श्याम लाल, बीआरसी रघबीर सिंह, बीआरसी विष्णु शर्मा ने भी अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रशिक्षण कार्यशाला में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी बांटे गए।
वर्तमान पत्रकारिता अधिक चुनौतिपूर्ण
कैथल के कोयल कांप्लेक्स में बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ल ने कहा कि वर्तमान में पत्रकारिता का दौर अधिक चुनौतिपूर्ण है। पहले इतनी ज्यादा प्रतिस्पर्धा नहीं थी। उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया का महत्व हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार जितना जनोन्मुखी होगा, उसका उतना ही सम्मान होगा।