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Kaithal News: स्मैक बेचने में दो साल सख्त कारावास
Fri, 25 Aug 2023 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 25 Aug 2023 01:31 AM IST
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कैथल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश व विशेष जज एनडीपीएस एक्ट संदीप गर्ग की अदालत ने स्मैक बेचने के दोषी को दो साल सख्त कारावास और 15000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दो महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इस बारे में एसआई बलजीत सिंह ने थाना शहर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21-बी, 61, 85 के तहत 17 नवंबर 2019 को एफआईआर नंबर 489 दर्ज करवाई थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी कर रहे जिला न्यायवादी मैनपाल ने बताया कि 17 नवंबर 2019 को एसआई बलजीत सिंह के साथ ईएसआई जोगिन्द्र सिंह, एएसआई बलराज सिंह, एएसआई शुभकर्ण, एससी राज सिंह, एचसी राजेश कुमार, चालक मनोज कुमार गश्त के दौरान होते हुए आईटीआई कैथल के सामने पहुंचे। वहां पुलिस पार्टी को सूचना मिली कि जाखौली अड्डा सैंसी बस्ती कैथल निवासी सुनील कुमार उर्फ भोला उर्फ काणा स्मैक बेचने का धंधा करता है। वह अपने मकान के पास खड़ा स्मैक बेच रहा है।
इस पर एसआई बलजीत सिंह ने छापामार दल तैयार कर छापा मारा। पुलिस को अपनी तरफ आते देख सुनील गली में भागने लगा, लेकिन एसआई बलजीत सिंह ने साथी कर्मचारियों की ममद से उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम सुनील कुमार उर्फ भोला उर्फ काणा निवासी जाखौली अड्डा कैथल बताया। जब उसकी डीएसपी एईसी बलजिंद्र सिंह के समाने तलाशी ली गई तो उसके पास से 30 ग्राम स्मैक बरामद हुई। इस पर पुलिस ने सुनील के खिलाफ केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने चालान तैयार करके अदालत में पेश किया। मामले में कुल 11 गवाह पेश किए गए। सेशन जज संदीप गर्ग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सबूतों और गवाहों की रोशनी में सुनील को दोषी पाया। अपने 24 पेज के फैसले मेंं उसे दो साल के सख्त कारावास व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी कर रहे जिला न्यायवादी मैनपाल ने बताया कि 17 नवंबर 2019 को एसआई बलजीत सिंह के साथ ईएसआई जोगिन्द्र सिंह, एएसआई बलराज सिंह, एएसआई शुभकर्ण, एससी राज सिंह, एचसी राजेश कुमार, चालक मनोज कुमार गश्त के दौरान होते हुए आईटीआई कैथल के सामने पहुंचे। वहां पुलिस पार्टी को सूचना मिली कि जाखौली अड्डा सैंसी बस्ती कैथल निवासी सुनील कुमार उर्फ भोला उर्फ काणा स्मैक बेचने का धंधा करता है। वह अपने मकान के पास खड़ा स्मैक बेच रहा है।
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इस पर एसआई बलजीत सिंह ने छापामार दल तैयार कर छापा मारा। पुलिस को अपनी तरफ आते देख सुनील गली में भागने लगा, लेकिन एसआई बलजीत सिंह ने साथी कर्मचारियों की ममद से उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम सुनील कुमार उर्फ भोला उर्फ काणा निवासी जाखौली अड्डा कैथल बताया। जब उसकी डीएसपी एईसी बलजिंद्र सिंह के समाने तलाशी ली गई तो उसके पास से 30 ग्राम स्मैक बरामद हुई। इस पर पुलिस ने सुनील के खिलाफ केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने चालान तैयार करके अदालत में पेश किया। मामले में कुल 11 गवाह पेश किए गए। सेशन जज संदीप गर्ग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सबूतों और गवाहों की रोशनी में सुनील को दोषी पाया। अपने 24 पेज के फैसले मेंं उसे दो साल के सख्त कारावास व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।