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Kaithal News: रोडवेज के बेड़े में शामिल हुईं दो नई बसें
Sun, 18 Feb 2024 02:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 18 Feb 2024 02:36 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। रोडवेज के बेड़े में शनिवार को टाटा की बीएस छह की दो नई बसें शामिल हुई। ये बसें गुरुग्राम स्थित कार्यशाला से आई। इन बसों के रोडवेज बेड़े में शामिल होने के बाद अब कैथल डिपे में बसों की संख्या बढ़कर 190 हो चुकी हैं। बता दें कि अब लगातार बसों की संख्या बढ़ने के बाद लंबे रूटों पर बसें चलाई जा रही हैं। ये बसें टाटा की बीएस छह तकनीक की हैं।
नई तकनीक से लैस हैं बसें ः टाटा की बीएस छह तकनीक की बसें एकदम नई तकनीक से लैस हैं। इसमें दोनों ही दरवाजे ऑटोमेटिक हैं। जिसकी कमांड चालक के हाथ में हैं। इस बस में लगी सभी एलईडी लाइटें भी नई तकनीक की हैं। इसके साथ ही यात्रियों को सूचना देने के लिए चालक की सीट पर एक माइक सिस्टम भी लगा है। यात्रियों की सीट पर एक लाल बटन है, जिसे दबाने पर ब्रेक लगाने की सूचना चालक को मिलती हैं।
जिले के यात्रियों की परेशानी ः गौरतलब है कि लगातार बसों की संख्या बढ़ने के बाद अब जिले के यात्रियों की परेशानी भी अब कम हो रही है। लंबे रूटों के साथ ग्रामीणों रूटों पर भी विभाग ने बसों की संख्या को बढ़ा दिया है। कैथल जिले में जनसंख्या के मुताबिक कुल 240 बसों की जरूरत है। अब 10 बसों के और शामिल होने के बाद बसों की संख्या 200 हो जाएंगी।
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रोडवेज के कैथल बेड़े में गुरुग्राम स्थित एचआरईसी से टाटा बीएस छह तकनीक की दो बसें शनिवार को कैथल डिपो में पहुंची है। यह नई तकनीक से लैस हैं। इन बसों के आने के बाद डिपो में बसों की संख्या 190 हो चुकी हैं। - अजय गर्ग, महाप्रबंधक, कैथल डिपो।
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कैथल। रोडवेज के बेड़े में शनिवार को टाटा की बीएस छह की दो नई बसें शामिल हुई। ये बसें गुरुग्राम स्थित कार्यशाला से आई। इन बसों के रोडवेज बेड़े में शामिल होने के बाद अब कैथल डिपे में बसों की संख्या बढ़कर 190 हो चुकी हैं। बता दें कि अब लगातार बसों की संख्या बढ़ने के बाद लंबे रूटों पर बसें चलाई जा रही हैं। ये बसें टाटा की बीएस छह तकनीक की हैं।
नई तकनीक से लैस हैं बसें ः टाटा की बीएस छह तकनीक की बसें एकदम नई तकनीक से लैस हैं। इसमें दोनों ही दरवाजे ऑटोमेटिक हैं। जिसकी कमांड चालक के हाथ में हैं। इस बस में लगी सभी एलईडी लाइटें भी नई तकनीक की हैं। इसके साथ ही यात्रियों को सूचना देने के लिए चालक की सीट पर एक माइक सिस्टम भी लगा है। यात्रियों की सीट पर एक लाल बटन है, जिसे दबाने पर ब्रेक लगाने की सूचना चालक को मिलती हैं।
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जिले के यात्रियों की परेशानी ः गौरतलब है कि लगातार बसों की संख्या बढ़ने के बाद अब जिले के यात्रियों की परेशानी भी अब कम हो रही है। लंबे रूटों के साथ ग्रामीणों रूटों पर भी विभाग ने बसों की संख्या को बढ़ा दिया है। कैथल जिले में जनसंख्या के मुताबिक कुल 240 बसों की जरूरत है। अब 10 बसों के और शामिल होने के बाद बसों की संख्या 200 हो जाएंगी।
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रोडवेज के कैथल बेड़े में गुरुग्राम स्थित एचआरईसी से टाटा बीएस छह तकनीक की दो बसें शनिवार को कैथल डिपो में पहुंची है। यह नई तकनीक से लैस हैं। इन बसों के आने के बाद डिपो में बसों की संख्या 190 हो चुकी हैं। - अजय गर्ग, महाप्रबंधक, कैथल डिपो।