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Kaithal News: परंपरा से किया तुलसी-शालिग्राम विवाह

Tue, 04 Nov 2025 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 04 Nov 2025 12:11 AM IST
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Tulsi-Shaligram marriage performed as per tradition
3केएलटी2: तुलसी शालिग्राम विवाह पर नाच कर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करती महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत। तुलसी और शालिग्राम विवाह के उपलक्ष्य में सोमवार को श्री कपिल मुनि मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन हुआ। विहिप प्रखंड मातृशक्ति संयोजक एवं पूर्व महिला पार्षद सरोज सिंगला ने अपनी टीम के साथ सनातन परंपरा अनुसार तुलसी विवाह का मंडप सजाया। इस आयोजन के माध्यम से उन्होंने समाज में महिलाओं की भूमिका और सम्मान का संदेश दिया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हुए। विवाह की रस्में मंदिर के पुजारी संजय गौतम व अनिरुद्ध गौतम ने संपन्न कराईं। माहौल घर-परिवार के विवाह की तरह उल्लासमय था। जैसे ही शालिग्राम की बारात मंदिर पहुंची, महिलाओं ने भजन-कीर्तन के साथ नाच-गाकर अपनी खुशी का इजहार किया।
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फेरों की बेला में सरोज सिंगला सहित राजरानी, सुधा, सीमा, अन्नू, पिंकु, निशु अग्रवाल व अन्य महिलाएं भावुक हो उठीं। सरोज सिंगला ने कहा कि बेटियों के हाथ पीले करने की जो कसक उनके मन में थी, वह इस आयोजन से पूरी हुई। उन्होंने कहा कि “तुलसी विवाह समाज को यह संदेश देता है कि बेटियां भी हमारे जीवन की गरिमा और परंपरा की धुरी हैं।”
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कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के निशीकांत शर्मा, बीरभान निर्मल, हर्ष बजरंगी, सत्यवान, रणबीर धानियां, पार्षद प्रीत जगदेवा, संजय सिंगला, पंडित विशाल शांडिल्य, पार्षद जगदीश रायका सहित कई सामाजिक संगठन जुड़े।

मंदिर में इन दिनों चल रही कार्तिक मास कथा के अंतर्गत सुंदरकांड महिला मंडल ने तुलसी विवाह करवाने की इच्छा जताई थी, जिसे सोमवार को पूरा किया गया। पंडित अनिरुद्ध गौतम ने बताया कि रविवार को तिथि क्षय होने के कारण यह विवाह सोमवार को संपन्न कराया गया।


यह है पौराणिक मान्यता

पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार माता तुलसी ने भगवान विष्णु को श्राप दिया कि वे काला पत्थर बन जाएं। इसके परिणामस्वरूप विष्णु ने शालिग्राम शिला रूप धारण किया और तुलसी से विवाह किया। तभी से देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी-शालिग्राम विवाह का पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि बिना तुलसी दल के भगवान विष्णु की पूजा पूर्ण नहीं होती। जिस प्रकार भगवान शिव के प्रतीक रूप में शिवलिंग की पूजा की जाती है, उसी प्रकार विष्णु के प्रतीक रूप में शालिग्राम की पूजा की जाती है।

3केएलटी2: तुलसी शालिग्राम विवाह पर नाच कर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करती महिलाएं

3केएलटी2: तुलसी शालिग्राम विवाह पर नाच कर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करती महिलाएं

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