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Kaithal News: चीका में किया छोटे साहिबजादों की शहादत को नमन
Thu, 18 Dec 2025 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 18 Dec 2025 12:23 AM IST
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गुहला चीका। दशम गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह और माता गुजरी की सर्वोच्च शहादत की याद में बुधवार को गांव स्थित गुरुद्वारा साहिब छेवीं एवं नौवीं पातशाही में तीसरे दिन की प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी के बाद गुरप्रीत सिंह व बीबी चरणजीत कौर ने परिवार की ओर से संगत को चाय, बिस्कुट और कड़ा
प्रसाद का वितरण कर सेवा का सम्मानित कार्य किया।
गुरुद्वारा प्रबंधक सुरजीत सिंह मलिकपुर ने कहा कि देश, कौम और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व वार देने वाले दशम गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह का इस संसार में कोई सानी नहीं है। गुरु साहिब ने स्वयं और उनके साहिबजादों ने धर्म पर अडिग रहते हुए अपनी जान तक कुर्बान कर दी, लेकिन मुस्लिम धर्म स्वीकार नहीं किया। ऐसी अमर शहादत देने वाली महान आत्माओं को संपूर्ण संगत नतमस्तक होकर श्रद्धांजलि अर्पित करती है।
उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह के चारों साहिबजादों की शहादत को समर्पित पौष माह में जगह-जगह लंगर लगाए जाते हैं और कीर्तन दरबार सजाए जाते हैं। जब-जब इन बहादुर साहिबजादों की शहादत को याद किया जाता है, हर किसी का सिर श्रद्धा से झुक जाता है। संवाद
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प्रसाद का वितरण कर सेवा का सम्मानित कार्य किया।
गुरुद्वारा प्रबंधक सुरजीत सिंह मलिकपुर ने कहा कि देश, कौम और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व वार देने वाले दशम गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह का इस संसार में कोई सानी नहीं है। गुरु साहिब ने स्वयं और उनके साहिबजादों ने धर्म पर अडिग रहते हुए अपनी जान तक कुर्बान कर दी, लेकिन मुस्लिम धर्म स्वीकार नहीं किया। ऐसी अमर शहादत देने वाली महान आत्माओं को संपूर्ण संगत नतमस्तक होकर श्रद्धांजलि अर्पित करती है।
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उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह के चारों साहिबजादों की शहादत को समर्पित पौष माह में जगह-जगह लंगर लगाए जाते हैं और कीर्तन दरबार सजाए जाते हैं। जब-जब इन बहादुर साहिबजादों की शहादत को याद किया जाता है, हर किसी का सिर श्रद्धा से झुक जाता है। संवाद
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