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कार्तिक पूर्णिमा पर आठ को लगेगा चंद्र ग्रहण
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कैथल। आठ नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा मनाई जाएगी। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इसलिए बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान और दान के लिए नदी तटों पर पहुंचते हैं। इसी दिन देव दीपावली भी मनाई जाती है, लेकिन इस साल कार्तिक पूर्णिमा पर आठ नवंबर को साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लग रहा है।
हनुमान वाटिका के मुख्य पुजारी पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि ग्रहण के नौ घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इससे किसी भी प्रकार के पूजन पाठ या धार्मिक कार्य पर रोक होती है। ऐसे में लोगों के बीच देव दीपावली मनाने पर संशय है। सूतक काल में किसी भी प्रकार के पूजा पाठ, देव दर्शन या स्पर्श पर रोक होती है, जिस कारण देव दीपावली इस बार सात नवंबर को मनाई जाएगी।
चंद्र ग्रहण का समय
चंद्रग्रहण शाम 5.32 बजे शुरू होगा, जो शाम 6.19 बजे खत्म हो जाएगा। सूतक काल सुबह 8.10 बजे शुरू होगा, जो शाम 6.19 बजे समाप्त होगा। सूतक काल शुरू होने के बाद मंदिरों में दर्शन पर रोक रहेगी। सूतक शुरू होते ही मंदिरों के पट बंद कर दिए जाएंगे। सूतक काल की समाप्ति के बाद मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे और देव स्नान और सफाई के बाद पूजा-अर्चना होगी और श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिरों के पट खोल दिए जाएंगे।
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हनुमान वाटिका के मुख्य पुजारी पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि ग्रहण के नौ घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इससे किसी भी प्रकार के पूजन पाठ या धार्मिक कार्य पर रोक होती है। ऐसे में लोगों के बीच देव दीपावली मनाने पर संशय है। सूतक काल में किसी भी प्रकार के पूजा पाठ, देव दर्शन या स्पर्श पर रोक होती है, जिस कारण देव दीपावली इस बार सात नवंबर को मनाई जाएगी।
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चंद्र ग्रहण का समय
चंद्रग्रहण शाम 5.32 बजे शुरू होगा, जो शाम 6.19 बजे खत्म हो जाएगा। सूतक काल सुबह 8.10 बजे शुरू होगा, जो शाम 6.19 बजे समाप्त होगा। सूतक काल शुरू होने के बाद मंदिरों में दर्शन पर रोक रहेगी। सूतक शुरू होते ही मंदिरों के पट बंद कर दिए जाएंगे। सूतक काल की समाप्ति के बाद मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे और देव स्नान और सफाई के बाद पूजा-अर्चना होगी और श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिरों के पट खोल दिए जाएंगे।
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