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सात गेटों के जीर्णोद्धार का था प्रस्ताव, अवशेष भी हुए खत्म

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 27 Sep 2022 02:09 AM IST
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There was a proposal to renovate seven gates, the remains were also finished
नगर परिषद कैथल की ओर से वर्ष-2018 में शहर के उन सभी सात गेटों के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव पारित किया था, जिनके अंदर 100-150 साल पहले शहर बसता था। पहले ही विलुप्त हो चुके छह गेटों का कार्य कराना तो दूर बचे हुए रेलवे गेट के अवशेष को भी गिरा दिया गया। साथ ही उस जगह को समतल कर दिया गया, लेकिन जान बूझकर भी नप प्रशासन अंजान बना है।
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इतिहासकार कमलेश शर्मा ने बताया कि प्राचीन समय में कैथल शहर कुल सात गेटों में बसा था। यह सात गेट शहर में चंदाना गेट, प्रताप गेट, डोगरा गेट, सीवन गेट, माता गेट, कोठी गेट, रेलवे गेट और क्योड़क गेट पर स्थापित थे। अन्य गेट तो पहले ही विलुप्त हो चुके थे। बीते रविवार को बचे हुए रेलवे गेट के ढांचे का भी नामोनिशान मिटा दिया गया, जो प्राचीन लाहोरी ईंटों से बना था। अब पास में ही दुकान बनाए जाने की तैयारी दिख रही है। वहीं, जिस व्यक्ति ने यहां अपनी दुकान को तोड़ा है। वह इसे अपनी मलकियत बता रहा है। उसका कहना है कि उन्होंने केवल अपनी दुकान को तोड़ा है। गेट का ढांचा पहले से गिरा था। इस संबंध में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी कुलदीप मलिक ने कहा कि रेलवे गेट पर ढांचा गिराने को लेकर जानकारी जुटाई जाएगी। यदि किसी ने नगर परिषद की धरोहर को क्षति पहुंचाई है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि संदीप गर्ग ने कहा कि इस मामले की जांच करवाई जाएगी। शहर की ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाया जाएगा।
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नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने कहा कि शहर के सातों गेटों के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा था। इन सभी सातों प्रवेश द्वारों का निर्माण करवाया जाना था। किन्हीं कारणों से उनके समय में यह काम शुरू नहीं हो पाया लेकिन इन गेटों के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव पारित जरूर किया था।
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निवर्तमान डीसी ने रद करवा दी थी नप की जमीन की रजिस्टरी-
निवर्तमान डीसी प्रदीप दहिया ने राजकीय विद्यालय के निकट एक जमीन की रजिस्टरी तक भी रद करवा दी थी, जो नगर परिषद की थी। उसे किसी व्यक्ति को बेचा जा चुका था। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस प्राचीन धरोहर के मामले में क्या कार्रवाई करता है या फिर यह गेट इस गेट की जगह इतिहास के पन्नों और लोगों की यादों में सिमट कर रह जाएगी।
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