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Kaithal News: भीषण गर्मी में भी डिपो में कोई एसी बस नहीं
Fri, 30 May 2025 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 30 May 2025 01:16 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नौतपा चल रहा है गर्मी भरपूर है लेकिन कैथल डिपो में एक भी एसी बस नहीं है। डिपो ने गर्मी शुरू होने से पहले 10 एसी बसों की मांग की थी, लेकिन ये मिल नहीं सकी है।
ऐसे में कैथल के यात्री एसी बसों में सफर नहीं कर पा रहे हैं। इस समय कैथल डिपो के पास एक भी एसी बस नहीं है। हालांकि चंडीगढ़-हिसार रूट पर चंडीगढ़ और दिल्ली रूट पर करनाल डिपो की ओर से एसी बसें चलाई जा रही हैं।
कैथल डिपो में एसी बसों के न होने से रोडवेज अधिकारी अपने रूटों पर बस नहीं चला पा रहे हैं। हालांकि चंडीगढ़-हिसार रूट पर चंडीगढ़ और दिल्ली रूट पर करनाल डिपो की चल एसी बसें चल रही हैं।
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गौरतलब है कि कैथल डिपो में पिछले दो साल में आठ पुरानी बसों सहित 45 बसें आई थी। इसमें से 48 बसें बीएस छह तकनीक की दूसरे जिलों में भी जा चुकी हैं। यदि डिपो को एसी बसें मिल जाती हैं तो वोल्वो बस के बाद रोडवेज के बेड़े में पहली बार एसी बसें शामिल होती। इससे यात्रियों को आराम होता।
वर्ष 2014 में आई थीं वोल्वो बसें
इससे पहले कैथल डिपो के रोडवेज बेड़े में वर्ष 2014 में वोल्वो बसों को शामिल किया गया था परंतु मरम्मत का कार्य अधिक होने के कारण यह बसें लंबे समय तक नहीं चल पाई थी। अब पूरे प्रदेश में बहुत कम बसें ही वोल्वों की दौड़ाई जा रही हैं।
छह महीने पहले ही डिपो में 10 एसी बसें शामिल करने की मांग की थी, लेकिन सरकार की ओर से इन बसों को मंजूरी नहीं दी गई है। ऐसे में यह एसी बसें डिपो में शामिल नहीं होंगी। -विरेंद्र पाल स्वामी, यातायात प्रबंधक, नया बस स्टैंड
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कैथल। नौतपा चल रहा है गर्मी भरपूर है लेकिन कैथल डिपो में एक भी एसी बस नहीं है। डिपो ने गर्मी शुरू होने से पहले 10 एसी बसों की मांग की थी, लेकिन ये मिल नहीं सकी है।
ऐसे में कैथल के यात्री एसी बसों में सफर नहीं कर पा रहे हैं। इस समय कैथल डिपो के पास एक भी एसी बस नहीं है। हालांकि चंडीगढ़-हिसार रूट पर चंडीगढ़ और दिल्ली रूट पर करनाल डिपो की ओर से एसी बसें चलाई जा रही हैं।
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कैथल डिपो में एसी बसों के न होने से रोडवेज अधिकारी अपने रूटों पर बस नहीं चला पा रहे हैं। हालांकि चंडीगढ़-हिसार रूट पर चंडीगढ़ और दिल्ली रूट पर करनाल डिपो की चल एसी बसें चल रही हैं।
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गौरतलब है कि कैथल डिपो में पिछले दो साल में आठ पुरानी बसों सहित 45 बसें आई थी। इसमें से 48 बसें बीएस छह तकनीक की दूसरे जिलों में भी जा चुकी हैं। यदि डिपो को एसी बसें मिल जाती हैं तो वोल्वो बस के बाद रोडवेज के बेड़े में पहली बार एसी बसें शामिल होती। इससे यात्रियों को आराम होता।
वर्ष 2014 में आई थीं वोल्वो बसें
इससे पहले कैथल डिपो के रोडवेज बेड़े में वर्ष 2014 में वोल्वो बसों को शामिल किया गया था परंतु मरम्मत का कार्य अधिक होने के कारण यह बसें लंबे समय तक नहीं चल पाई थी। अब पूरे प्रदेश में बहुत कम बसें ही वोल्वों की दौड़ाई जा रही हैं।
छह महीने पहले ही डिपो में 10 एसी बसें शामिल करने की मांग की थी, लेकिन सरकार की ओर से इन बसों को मंजूरी नहीं दी गई है। ऐसे में यह एसी बसें डिपो में शामिल नहीं होंगी। -विरेंद्र पाल स्वामी, यातायात प्रबंधक, नया बस स्टैंड