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Kaithal News: यूरिया के लिए मारामारी, मिल रहे सिर्फ आधे बैग

Sat, 19 Jul 2025 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 19 Jul 2025 12:17 AM IST
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There is a fight for urea, only half the bags are available
संवाद न्यूज एजेंसी
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ढांड। यूरिया खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों को गांव-गांव भटकने और लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर होना पड़ रहा है, लेकिन उसके बावजूद उन्हें जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल पा रही। शुक्रवार को सहकारी समिति कौल में जैसे ही यूरिया की गाड़ी पहुंची, किसानों की लंबी लाइनें लग गईं।

किसान गुरमेल सिंह, बलवान सिंह, संजीव कुमार, बिरा, महेंद्र सिंह, सतबीर, रामफल, मंगल, राजीव, मनीष, पवन और प्रवीण ने बताया कि उन्हें 10 बैग यूरिया खाद की आवश्यकता थी, लेकिन उन्हें सिर्फ चार बैग ही मिल पाए। किसानों ने कहा कि इस समय धान की फसल में यूरिया की अत्यधिक जरूरत होती है, और देरी से खाद देने पर पैदावार में भारी गिरावट आ सकती है। इससे आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
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किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर उन्हें यूरिया के लिए परेशान कर रही है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अखबारों में सरकार रोज दावा करती है कि जरूरत से ज्यादा यूरिया उपलब्ध है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे उलट है। अगर खाद पर्याप्त होता तो हमें दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़तीं।
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उन्होंने कहा कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद सिर्फ चार बैग मिलना किसानों के साथ भद्दा मज़ाक है। किसानों ने मांग की है कि तुरंत पर्याप्त यूरिया खाद उपलब्ध कराया जाए।

प्राइवेट दुकानदारों पर भी पक्षपात का आरोप ः किसानों ने बताया कि प्राइवेट दुकानों पर यूरिया की कमी नहीं है, लेकिन वहां चहेते किसानों या मजबूरी में दवाइयां साथ खरीदने वालों को ही यूरिया दिया जा रहा है। इससे ईमानदार किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने सरकार से व्यवस्था सुधारने का अनुरोध किया।


सफाई ः पासबुकधारी किसानों को आठ बैग, शेष को चार

सहकारी समिति कौल के कर्मचारी भीम सिंह ने खाद पर मारामारी से इन्कार किया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को समिति में 1100 बैग यूरिया पहुंचा। कृषि विभाग के एसडीओ के आदेश अनुसार,पासबुकधारी किसानों को आठ बैग प्रति पासबुक,जबकि आधार कार्ड वाले किसानों को चार बैग प्रति किसान दिए गए।
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