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Kaithal News: कैथल डिपो में खत्म नहीं हो रहा नई बसों का इंतजार
Wed, 03 Sep 2025 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 03 Sep 2025 01:01 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के परिवहन विभाग के डिपो में पिछले कुछ समय से नई एसी बसों के आगमन का इंतजार जारी है, लेकिन अभी तक डिपो को कोई बड़ी सौगात नहीं मिली है। वर्तमान में डिपो में केवल पुरानी और खटारा बसें ही भेजी जा रही हैं, जिससे यात्रियों को लगातार असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
जिले की परिवहन व्यवस्था में सुधार की उम्मीद में लोग नई बसों की बाट जोह रहे थे, लेकिन विभाग ने हाल ही में केवल पुरानी बसों को ही भेजा है। पिछले दो माह में कुछ पुरानी बसें कंडम घोषित की गईं, और उन्हें बदलने के लिए नई बसों के बजाय सिर्फ उतनी ही बसें डिपो में भेजी जा रही हैं, जितनी हटाई गई हैं। इस वजह से कुल बसों की संख्या जस की तस बनी हुई है और परिवहन व्यवस्था में वास्तविक सुधार नहीं हुआ है।
यात्री अब भी नई और आधुनिक बसों की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें पुराने वाहनों में सफर करना पड़ रहा है। यह व्यवस्था न केवल यात्रियों के लिए असुविधाजनक है बल्कि उनकी सुरक्षा पर भी प्रश्न उठाती है। विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि अगस्त के अंत तक बीएस-6 तकनीक की 10 नई बसें डिपो में शामिल होने वाली थीं। हालांकि, सरकार की ओर से इन बसों की आपूर्ति अभी तक नहीं हुई है। इस देरी के कारण डिपो में बसों की संख्या वर्तमान में 202 है, और नई बसें आने के बाद यह बढ़कर 212 हो जाएगी।
कैथल डिपो के कार्यशाला प्रबंधक अनिल चोपड़ा ने बताया कि सरकार से 10 बीएस-6 बसों की मांग काफी पहले की गई थी। ये बसें अगस्त में डिपो के बेड़े में शामिल होनी थीं, लेकिन अब इन बसों के आने की संभावना केवल सितंबर के अंत तक ही जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि नई बसों के आने के बाद भी यह ध्यान रखना होगा कि पुरानी बसें हटाई जाएँ, ताकि बेड़े में समुचित संख्या और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
वर्तमान में यात्रियों को पुराने वाहनों में यात्रा करना पड़ रहा है। इसके अलावा, खराब सड़क और मौसम की वजह से इन बसों की संचालन क्षमता भी प्रभावित हो रही है। डिपो प्रबंधन ने सुनिश्चित किया है कि नई बीएस-6 बसों के आने के बाद उन्हें समय पर परिचालित किया जाएगा, ताकि व्यवस्था में सुधार आ सके।
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कैथल। जिले के परिवहन विभाग के डिपो में पिछले कुछ समय से नई एसी बसों के आगमन का इंतजार जारी है, लेकिन अभी तक डिपो को कोई बड़ी सौगात नहीं मिली है। वर्तमान में डिपो में केवल पुरानी और खटारा बसें ही भेजी जा रही हैं, जिससे यात्रियों को लगातार असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
जिले की परिवहन व्यवस्था में सुधार की उम्मीद में लोग नई बसों की बाट जोह रहे थे, लेकिन विभाग ने हाल ही में केवल पुरानी बसों को ही भेजा है। पिछले दो माह में कुछ पुरानी बसें कंडम घोषित की गईं, और उन्हें बदलने के लिए नई बसों के बजाय सिर्फ उतनी ही बसें डिपो में भेजी जा रही हैं, जितनी हटाई गई हैं। इस वजह से कुल बसों की संख्या जस की तस बनी हुई है और परिवहन व्यवस्था में वास्तविक सुधार नहीं हुआ है।
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यात्री अब भी नई और आधुनिक बसों की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें पुराने वाहनों में सफर करना पड़ रहा है। यह व्यवस्था न केवल यात्रियों के लिए असुविधाजनक है बल्कि उनकी सुरक्षा पर भी प्रश्न उठाती है। विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि अगस्त के अंत तक बीएस-6 तकनीक की 10 नई बसें डिपो में शामिल होने वाली थीं। हालांकि, सरकार की ओर से इन बसों की आपूर्ति अभी तक नहीं हुई है। इस देरी के कारण डिपो में बसों की संख्या वर्तमान में 202 है, और नई बसें आने के बाद यह बढ़कर 212 हो जाएगी।
कैथल डिपो के कार्यशाला प्रबंधक अनिल चोपड़ा ने बताया कि सरकार से 10 बीएस-6 बसों की मांग काफी पहले की गई थी। ये बसें अगस्त में डिपो के बेड़े में शामिल होनी थीं, लेकिन अब इन बसों के आने की संभावना केवल सितंबर के अंत तक ही जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि नई बसों के आने के बाद भी यह ध्यान रखना होगा कि पुरानी बसें हटाई जाएँ, ताकि बेड़े में समुचित संख्या और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
वर्तमान में यात्रियों को पुराने वाहनों में यात्रा करना पड़ रहा है। इसके अलावा, खराब सड़क और मौसम की वजह से इन बसों की संचालन क्षमता भी प्रभावित हो रही है। डिपो प्रबंधन ने सुनिश्चित किया है कि नई बीएस-6 बसों के आने के बाद उन्हें समय पर परिचालित किया जाएगा, ताकि व्यवस्था में सुधार आ सके।