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Kaithal News: वक्ता बोले- बदलाव ला सकती हैं खबरें
Sun, 16 Nov 2025 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 16 Nov 2025 01:00 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। राजकीय कॉलेज के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग में शनिवार को राष्ट्रीय प्रेस दिवस (16 नवंबर) के उपलक्ष्य में व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सकारात्मक पत्रकारिता पर चर्चा के दौरान कहा गया कि सत्य, जिम्मेदारी और संतुलन ही मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला है। वक्ता बोले कि खबरें बदलाव ला सकती हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार भाम्बू ने की, जबकि संयोजक व मंच संचालक डॉ. अभिषेक गोयल रहे। व्याख्यान में पत्रकारों की भूमिका, खबरों की सकारात्मक दिशा और समाज पर मीडिया के प्रभाव को विस्तार से रखा गया।
वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार का छोटा-सा प्रयास भी किसी व्यक्ति या मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर की पहचान दिला सकता है। निजी अनुभव साझा करते हुए बताया गया कि एक स्थानीय किसान की जैविक खेती पर सकारात्मक खबर प्रकाशित होने के बाद उसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ। यह उदाहरण इस बात को पुष्ट करता है कि रचनात्मक खबरें समाज में उम्मीद और बदलाव दोनों ला सकती हैं।
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प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार भाम्बू ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, इसलिए इसकी जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मीडिया के विद्यार्थियों को चाहिए कि वे तथ्यों की गहराई से जांच कर, सजगता और संवेदनशीलता के साथ हर शब्द लिखें। उन्होंने कहा कि खबर की सत्यता, महत्व और उसका समाज पर प्रभाव—इन तीनों पर गंभीरता से विचार करना आवश्यक है।
डॉ. अभिषेक गोयल ने कहा कि नेशनल प्रेस दिवस हमें मीडिया की स्वतंत्रता, नैतिकता और कर्तव्यों की याद दिलाता है। यह दिवस पत्रकारिता में निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा और जिम्मेदारी के महत्व को स्थापित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि देश-दुनिया की घटनाओं और उनके कारणों की ठोस समझ के बिना तथ्यात्मक व संतुलित रिपोर्टिंग संभव नहीं। आधुनिक पत्रकारिता में संचार कौशल और तकनीकी दक्षता भी अनिवार्य है।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य और जनसंचार विभाग द्वारा अतिथियों को पौधा भेंट कर धन्यवाद किया गया। इस अवसर पर डॉ. मोनिका जाखड़, डॉ. अमित पाहवा, विरेंद्र खटकड़ समेत विभाग के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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कैथल। राजकीय कॉलेज के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग में शनिवार को राष्ट्रीय प्रेस दिवस (16 नवंबर) के उपलक्ष्य में व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सकारात्मक पत्रकारिता पर चर्चा के दौरान कहा गया कि सत्य, जिम्मेदारी और संतुलन ही मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला है। वक्ता बोले कि खबरें बदलाव ला सकती हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार भाम्बू ने की, जबकि संयोजक व मंच संचालक डॉ. अभिषेक गोयल रहे। व्याख्यान में पत्रकारों की भूमिका, खबरों की सकारात्मक दिशा और समाज पर मीडिया के प्रभाव को विस्तार से रखा गया।
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वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार का छोटा-सा प्रयास भी किसी व्यक्ति या मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर की पहचान दिला सकता है। निजी अनुभव साझा करते हुए बताया गया कि एक स्थानीय किसान की जैविक खेती पर सकारात्मक खबर प्रकाशित होने के बाद उसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ। यह उदाहरण इस बात को पुष्ट करता है कि रचनात्मक खबरें समाज में उम्मीद और बदलाव दोनों ला सकती हैं।
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प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार भाम्बू ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, इसलिए इसकी जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मीडिया के विद्यार्थियों को चाहिए कि वे तथ्यों की गहराई से जांच कर, सजगता और संवेदनशीलता के साथ हर शब्द लिखें। उन्होंने कहा कि खबर की सत्यता, महत्व और उसका समाज पर प्रभाव—इन तीनों पर गंभीरता से विचार करना आवश्यक है।
डॉ. अभिषेक गोयल ने कहा कि नेशनल प्रेस दिवस हमें मीडिया की स्वतंत्रता, नैतिकता और कर्तव्यों की याद दिलाता है। यह दिवस पत्रकारिता में निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा और जिम्मेदारी के महत्व को स्थापित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि देश-दुनिया की घटनाओं और उनके कारणों की ठोस समझ के बिना तथ्यात्मक व संतुलित रिपोर्टिंग संभव नहीं। आधुनिक पत्रकारिता में संचार कौशल और तकनीकी दक्षता भी अनिवार्य है।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य और जनसंचार विभाग द्वारा अतिथियों को पौधा भेंट कर धन्यवाद किया गया। इस अवसर पर डॉ. मोनिका जाखड़, डॉ. अमित पाहवा, विरेंद्र खटकड़ समेत विभाग के विद्यार्थी उपस्थित रहे।