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Kaithal News: आढ़तियों पर कार्रवाई के बाद भी नहीं सुधरे हालात
Thu, 17 Oct 2024 04:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 17 Oct 2024 04:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। धान के सीजन में सड़क पर धान डालने वाले आढ़तियों पर कार्रवाई के बाद भी जाम की समस्या को लेकर हालात नहीं सुधरे हैं। ऐसे में अभी भी शहर की तीनों मंडियों में जाम की स्थिति बनी है। आलम यह है कि अभी तक सड़कों पर गिराए गए धान की उठान नहीं हो पाया है। ऐसे में किसानों से लेकर आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
गौरतलब है कि अब तक पूरे जिले में 12 लाख से अधिक एमटी धान की आवक हो चुकी है। वहीं, अब अनाज मंडियों में पीआर व 1509 धान की आवक के बाद अब बारीक धान मुच्छल व 1718 किस्म का धान भी आने लगा है। मुच्छल के भाव 3300 रुपये तो 1718 के भाव तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा मिले हैं। पिछले साले की अपेक्षा इस बार भाव में कुछ कमी है। पिछले साल 3500 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिले थे।
किसानों व आढ़तियों का कहना है कि अभी बारीक धान की आवक शुरू हुई है, उन्हें उम्मीद है कि पिछले साल की तरफ इस बार भी अच्छे भाव मिलेंगे। इसके साथ ही 1509 धान के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल तक कमी आई है। 2900 रुपये दो दिन पहले भाव थे, वहीं अब 2800 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहे हैं। इससे किसान मायूस हैं। किसानों का कहना है कि पिछले साल 1509 धान के भाव 3700 रुपये प्रति क्विंटल तक मिले थे, लेकिन इस सीजन में 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक नुकसान हुआ है।
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डीसी डॉ. विवेक भारती ने किसानों से कहा कि धान को सुखाकर मंडी में लेकर आए, ताकि जल्द खरीद की जा सके। धान की कटाई के बाद फसल के अवशेषों को आग न लगाएं, बल्कि इन अवशेषों से पशुओं के लिए चारा बनाएं और इसे जमीन में मिलाकर उपजाऊ शक्ति बढ़ाएं। बताया कि संबंधित सरकारी एजेंसियों के अधिकारियों को जल्द ही धान की उठान करने के आदेश जारी किए गए हैं।
जिले में अब पांच लाख 31 हजार 554 मीट्रिक टन धान की खरीद
जिला की विभिन्न मंडियों में खरीद एजेंसियों की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पांच लाख 31 हजार 554 मीट्रिक टन (एमटी) धान की खरीद कर ली है।
कुल आवक में से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने दो लाख 73 हजार 209 एमटी, हैफेड ने एक लाख 30 हजार 588 एमटी व हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन ने एक लाख 27 हजार 124 एमटी खरीदा है। इसके साथ ही दो लाख 89 हजार 947 एमटी धान का उठान भी किया जा चुका है।
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कैथल। धान के सीजन में सड़क पर धान डालने वाले आढ़तियों पर कार्रवाई के बाद भी जाम की समस्या को लेकर हालात नहीं सुधरे हैं। ऐसे में अभी भी शहर की तीनों मंडियों में जाम की स्थिति बनी है। आलम यह है कि अभी तक सड़कों पर गिराए गए धान की उठान नहीं हो पाया है। ऐसे में किसानों से लेकर आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
गौरतलब है कि अब तक पूरे जिले में 12 लाख से अधिक एमटी धान की आवक हो चुकी है। वहीं, अब अनाज मंडियों में पीआर व 1509 धान की आवक के बाद अब बारीक धान मुच्छल व 1718 किस्म का धान भी आने लगा है। मुच्छल के भाव 3300 रुपये तो 1718 के भाव तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा मिले हैं। पिछले साले की अपेक्षा इस बार भाव में कुछ कमी है। पिछले साल 3500 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिले थे।
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किसानों व आढ़तियों का कहना है कि अभी बारीक धान की आवक शुरू हुई है, उन्हें उम्मीद है कि पिछले साल की तरफ इस बार भी अच्छे भाव मिलेंगे। इसके साथ ही 1509 धान के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल तक कमी आई है। 2900 रुपये दो दिन पहले भाव थे, वहीं अब 2800 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहे हैं। इससे किसान मायूस हैं। किसानों का कहना है कि पिछले साल 1509 धान के भाव 3700 रुपये प्रति क्विंटल तक मिले थे, लेकिन इस सीजन में 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक नुकसान हुआ है।
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डीसी डॉ. विवेक भारती ने किसानों से कहा कि धान को सुखाकर मंडी में लेकर आए, ताकि जल्द खरीद की जा सके। धान की कटाई के बाद फसल के अवशेषों को आग न लगाएं, बल्कि इन अवशेषों से पशुओं के लिए चारा बनाएं और इसे जमीन में मिलाकर उपजाऊ शक्ति बढ़ाएं। बताया कि संबंधित सरकारी एजेंसियों के अधिकारियों को जल्द ही धान की उठान करने के आदेश जारी किए गए हैं।
जिले में अब पांच लाख 31 हजार 554 मीट्रिक टन धान की खरीद
जिला की विभिन्न मंडियों में खरीद एजेंसियों की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पांच लाख 31 हजार 554 मीट्रिक टन (एमटी) धान की खरीद कर ली है।
कुल आवक में से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने दो लाख 73 हजार 209 एमटी, हैफेड ने एक लाख 30 हजार 588 एमटी व हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन ने एक लाख 27 हजार 124 एमटी खरीदा है। इसके साथ ही दो लाख 89 हजार 947 एमटी धान का उठान भी किया जा चुका है।