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Kaithal News: बदहाल हुई सीवरेज व्यवस्था, गलियों में भरा गंदा पानी
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बदहाल हुई सीवरेज व्यवस्था गलियों में भरा गंदा पानी। संवाद
कलायत। नगर के आधे से ज्यादा वार्ड इन दिनों सीवरेज ओवरफ्लो की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। इसके कारण स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है।
वार्ड नंबर 2 से लेकर 7 तक की गलियों में मैनहोल से निकलता गंदा पानी तालाब का रूप ले चुका है। आलम यह है कि घरों के बाहर जमा इस दूषित पानी से उठने वाली तीव्र दुर्गंध के कारण लोगों का घरों में बैठना और खाना-पीना भी मुश्किल हो गया है।
सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है जिन्हें मजबूरी में इसी बदबूदार पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। गंदगी के कारण इलाके में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है।
स्थानीय निवासियों साहिल, यादवेंद्र और जसपाल राणा ने प्रशासन के प्रति रोष प्रकट करते हुए कहा कि नगर में पेयजल संकट के साथ-साथ अब सीवरेज की समस्या ने नरक जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से डाली गई सीवरेज पाइप लाइनें काफी संकरी हैं जो शहर की आबादी के हिसाब से निकास के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
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विभाग को बार-बार सूचित करने के बाद भी सफाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही लाइनों को दुरुस्त कर सफाई व्यवस्था सुचारू नहीं की गई तो संक्रमण फैलने की पूरी जिम्मेदारी जन स्वास्थ्य विभाग की होगी। मामले के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता (जेई) रवि पूनिया ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सीवरेज चोक होने का मुख्य कारण कुछ लोगों की ओर से लाइनों में पशुओं का गोबर बहाना है।
उन्होंने कहा कि बार-बार चेतावनी के बावजूद यह सिलसिला थम नहीं रहा जिससे पाइप जाम हो रहे हैं। जेई ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए सोमवार को मशीन के जरिये विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा।
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वार्ड नंबर 2 से लेकर 7 तक की गलियों में मैनहोल से निकलता गंदा पानी तालाब का रूप ले चुका है। आलम यह है कि घरों के बाहर जमा इस दूषित पानी से उठने वाली तीव्र दुर्गंध के कारण लोगों का घरों में बैठना और खाना-पीना भी मुश्किल हो गया है।
सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है जिन्हें मजबूरी में इसी बदबूदार पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। गंदगी के कारण इलाके में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है।
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स्थानीय निवासियों साहिल, यादवेंद्र और जसपाल राणा ने प्रशासन के प्रति रोष प्रकट करते हुए कहा कि नगर में पेयजल संकट के साथ-साथ अब सीवरेज की समस्या ने नरक जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से डाली गई सीवरेज पाइप लाइनें काफी संकरी हैं जो शहर की आबादी के हिसाब से निकास के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
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विभाग को बार-बार सूचित करने के बाद भी सफाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही लाइनों को दुरुस्त कर सफाई व्यवस्था सुचारू नहीं की गई तो संक्रमण फैलने की पूरी जिम्मेदारी जन स्वास्थ्य विभाग की होगी। मामले के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता (जेई) रवि पूनिया ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सीवरेज चोक होने का मुख्य कारण कुछ लोगों की ओर से लाइनों में पशुओं का गोबर बहाना है।
उन्होंने कहा कि बार-बार चेतावनी के बावजूद यह सिलसिला थम नहीं रहा जिससे पाइप जाम हो रहे हैं। जेई ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए सोमवार को मशीन के जरिये विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा।

बदहाल हुई सीवरेज व्यवस्था गलियों में भरा गंदा पानी। संवाद