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गांव कुराड़ के लोगों ने तालाब खुदाई करवाने की मांग
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कलायत। गांव कुराड़ के चहल पट्टी के लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर तालाब की खुदाई का कार्य निरंतर करने की मांग की है। ग्रामीण सुखपाल, सतनाम, राममेहर, दिलबाग, साधू राम, इंद्र सिंह, नरेश कुमार ने बताया कि गांव की चहल पट्टी के तालाब का पानी इतना गंदा हो चुका था कि उसके पास से निकलने में भी भारी दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा था। आसपास के रिहायशी इलाके में लोगों का रहना दुर्भर हो गया था। मजबूरन चहल पट्टी के लोगों ने अपने स्तर पर ही राशि इकट्ठा कर तालाब से गंदे पानी की निकासी का निर्णय लिया।
राशि के जमा हो जाने के बाद तालाब के गंदे पानी को निकाल दिया गया। अब तालाब की खुदाई का कार्य जारी था, जिसे किसी शरारती तत्व की शिकायत पर खंड विकास अधिकारी के निर्देशों से बंद करवा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी समस्या का स्वयं की निराकरण करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें प्रशासन द्वारा करने नहीं दिया जा रहा। ग्रामीणों ने मांग की है कि जो तालाब की खुदाई का कार्य चल रहा था, उसे सुचारू रूप से जारी रहने दिया जाए।
बीडीपीओ रोजी सिंह ने कहा कि गांव के तालाब पंचायत की संपत्ति होती है। कार्य शुरू करने से पहले मनरेगा के तहत अनुमति ली जानी चाहिए। उनके पास जो शिकायत आई उसमें शिकायतकर्ता का आरोप है कि खुदाई के नाम पर तालाब की मिट्टी को बेचा जा रहा है। इसी आधार पर खुदाई का कार्य बंद करवाया गया।
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राशि के जमा हो जाने के बाद तालाब के गंदे पानी को निकाल दिया गया। अब तालाब की खुदाई का कार्य जारी था, जिसे किसी शरारती तत्व की शिकायत पर खंड विकास अधिकारी के निर्देशों से बंद करवा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी समस्या का स्वयं की निराकरण करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें प्रशासन द्वारा करने नहीं दिया जा रहा। ग्रामीणों ने मांग की है कि जो तालाब की खुदाई का कार्य चल रहा था, उसे सुचारू रूप से जारी रहने दिया जाए।
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बीडीपीओ रोजी सिंह ने कहा कि गांव के तालाब पंचायत की संपत्ति होती है। कार्य शुरू करने से पहले मनरेगा के तहत अनुमति ली जानी चाहिए। उनके पास जो शिकायत आई उसमें शिकायतकर्ता का आरोप है कि खुदाई के नाम पर तालाब की मिट्टी को बेचा जा रहा है। इसी आधार पर खुदाई का कार्य बंद करवाया गया।
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