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किसान मोर्चे से गए चुनाव लड़ रहे लोगों को नहीं है एसकेएम का समर्थन
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कैथल। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान मोर्चा विभिन्न राज्यों में चुनाव लड़ रहे किसान मोर्चा के सदस्यों का समर्थन नहीं करता न ही राजनीति से कोई हल निकलेगा। हल केवल आंदोलन से निकलेगा। आंदोलन के लिए वह स्वयं पूरे देश का दौरा करेंगे। युवा, आदिवासी से लेकर हर वर्ग के हक के लिए लड़ा जाएगा। देश को सरकार तो चाहिए लेकिन तानाशाह सरकार नहीं। 13 माह के आंदोलन में सरकार केवल 22 जनवरी 2021 को मिली थी। इसके बाद सरकार नहीं मिली। आंदोलन वापसी के समय केवल कागजों का आदान-प्रदान हुआ। जिन लोगों के साथ यह कागजों का आदान-प्रदान हुआ, उनके फोन अब बंद आ रहे हैं।
तितरम मोड़ पर तितरम और आसपास के गांवों के लोगों द्वारा शुरू की गई किसान-मजदूर कैंटीन का शनिवार को शुभारंभ करने के बाद मीडिया से बातचीत में राकेश टिकैत ने ये बातें कही। उन्होंने कहा कि यहां कैंटीन शुरू करने के लिए सभी किसान-मजदूरों का स्वागत है। यह आंदोलन से निकले विचार और गुरुद्वारे की तर्ज पर शुरू किया गया प्रयास है। यहां पहुंचने पर कुमार मुकेश सहित अन्य लोगों ने टिकैत का स्वागत किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में टिकैत ने कहा कि दिल्ली में 13 माह चले आंदोलन में कुछ बातों पर समझौता हुआ था। यह समझौता कागजों पर हुआ। देश में सरकारें तो चाहिए लेकिन तानाशाह सरकारें नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबित मांगों को लेकर पूरे देश में आंदोलन किया जाएगा। लोगों को बताया जाएगा कि किसान, युवा, आदिवासी की जरूरतें क्या हैं। पांच राज्यों के चुनाव में किसी पार्टी की मदद के सवाल पर उन्होंने कहा कि 13 माह के आंदोलन के बाद लोग खुद फैसला लेंगे। अपना वोट खराब न करें। एसकेएम विपक्ष की भूमिका नहीं निभाएगा। एसकेएम के चुनाव लड़ रहे लोगों की मदद के सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा कि वे लोग खुद ही चार माह की छुट्टी पर गए हैं। एसकेएम ऐसे लोगों की मदद नहीं करेगा। एसकेएम के लिए सभी राजनीतिक लोग बराबर हैं। एसकेएम केवल संगठन मजबूती पर ध्यान देगा। पूरे देश में किसान, मजदूर, नौजवान, बेरोजगार आदिवासी सभी की लड़ाई लड़ेगा।
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तितरम मोड़ पर तितरम और आसपास के गांवों के लोगों द्वारा शुरू की गई किसान-मजदूर कैंटीन का शनिवार को शुभारंभ करने के बाद मीडिया से बातचीत में राकेश टिकैत ने ये बातें कही। उन्होंने कहा कि यहां कैंटीन शुरू करने के लिए सभी किसान-मजदूरों का स्वागत है। यह आंदोलन से निकले विचार और गुरुद्वारे की तर्ज पर शुरू किया गया प्रयास है। यहां पहुंचने पर कुमार मुकेश सहित अन्य लोगों ने टिकैत का स्वागत किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में टिकैत ने कहा कि दिल्ली में 13 माह चले आंदोलन में कुछ बातों पर समझौता हुआ था। यह समझौता कागजों पर हुआ। देश में सरकारें तो चाहिए लेकिन तानाशाह सरकारें नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबित मांगों को लेकर पूरे देश में आंदोलन किया जाएगा। लोगों को बताया जाएगा कि किसान, युवा, आदिवासी की जरूरतें क्या हैं। पांच राज्यों के चुनाव में किसी पार्टी की मदद के सवाल पर उन्होंने कहा कि 13 माह के आंदोलन के बाद लोग खुद फैसला लेंगे। अपना वोट खराब न करें। एसकेएम विपक्ष की भूमिका नहीं निभाएगा। एसकेएम के चुनाव लड़ रहे लोगों की मदद के सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा कि वे लोग खुद ही चार माह की छुट्टी पर गए हैं। एसकेएम ऐसे लोगों की मदद नहीं करेगा। एसकेएम के लिए सभी राजनीतिक लोग बराबर हैं। एसकेएम केवल संगठन मजबूती पर ध्यान देगा। पूरे देश में किसान, मजदूर, नौजवान, बेरोजगार आदिवासी सभी की लड़ाई लड़ेगा।
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