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Kaithal News: जिस धरती पर वाल्मीकि से ऋषि हुए महान, वो है मेरा हिंदुस्तान

Fri, 18 Oct 2024 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 18 Oct 2024 01:20 AM IST
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The land where sages like Valmiki became great, that is my Hindustan.
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। अखिल भारतीय साहित्य परिषद हरियाणा की जिला इकाई कैथल ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर नगर के विवेकानंद जिला पुस्तकालय में कवि गोष्ठी आयोजित की। महर्षि वाल्मीकि का स्मरण करते हुए श्याम सुंदर शर्मा गौड़ ने कहा, जिस धरती पर वाल्मीकि से ऋषि हुए महान, वो है मेरा हिंदुस्तान।

इतिहासकार एवं साहित्यकार कमलेश शर्मा ने गोष्ठी में महर्षि वाल्मीकि के व्यक्तित्व के एक अल्प ज्ञात पक्ष महर्षि वाल्मीकि, ज्योतिष और खगोल विद्या के ज्ञाता विषय पर प्रकाश डाला।
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सतपाल पराशर आनंद ने महर्षि वाल्मीकि को समर्पित यह दोहा पढ़ा, बंबी तै परगट हुए, वाल्मीकि भगवान। चारों पासे गा रहें, लोग रामायण आज। महेंद्र पाल सारस्वत ने महर्षि वाल्मीकि के समर्पण-भाव को व्यक्त करती कविता पढ़ी।
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महर्षि वाल्मीकि को नमन करते हुए डाॅ. तेजिंद्र ने कहा, सदा सिखाया जीतना, जीवन का संग्राम। प्रकट दिवस पर आपके, ऋषिवर तुम्हें प्रणाम। पर्यावरण बचाने के लिए पराली न जलाने का आह्वान सतबीर जागलान ने इन शब्दों में किया, सुणल्यो हाली पाली, म्हारी धरती होगी काली। प्रदूषण भी फैल्ले, तुम मत ना जलाओ पराली।

मां बाबा को प्रथम गुरु बताते हुए रजनीश शर्मा ने कहा, मेरे प्रथम गुरु हैं, मेरी मां और बाबा। उनसे ही तो है, मेरे जीवन का आभा। मां की दुआ की ताकत के बारे में बताते हुए सतीश शर्मा ने कहा, जब हर दवा नाकाम हो जाती है, मां की दुआ काम आती है। सत्य सनातन के दर्शन करवाते हुए ईश्वर चंद गर्ग ने कहा, कुछ पा लेना जीत नहीं है, कुछ खो देना हार नहीं। राजनीतिज्ञों के स्वभाव को प्रकट करते हुए डाॅ. विकास आनंद ने कहा, वो वायदा निभाने की बात करते हैं। खुशहाली लाने की बात करते हैं। डाॅ. जगदीप शर्मा राही ने परिषद का विस्तार करने के लिए नगर के और लोगों को परिषद से जोड़ने का आह्वान किया।

भगवान श्रीराम के नाम की महिमा का बखान करते हुए उन्होंने कहा, जिनके नाम से पत्थर तैरे, और बन जाएं बिगड़े काम। रघुपति नंदन राघव राम। मुख्य अतिथि डाॅ. मनोज कुमार भांबू ने कहा कि हमें कर्म करते हुए फल की चिंता नहीं करनी चाहिए, लेकिन फल की इच्छा अवश्य करनी चाहिए।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय साहित्य परिषद हरियाणा के संगठन मंत्री प्रांत डाॅ. जगदीप शर्मा राही ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया। इस कवि-गोष्ठी की अध्यक्षता साहित्य सभा कैथल के प्रधान प्रो. अमृत लाल मदान ने की। मंच संचालन परिषद की जिला इकाई के अध्यक्ष डाॅ. तेजिंद्र ने किया।


साहित्य सभा के प्रधान प्रो. अमृत लाल मदान ने अखिल भारतीय साहित्य परिषद से जुड़े नामचीन साहित्यकारों जैनेंद्र कुमार, भुवनेश्वर प्रसाद गुरुमैता और सोहन लाल द्विवेदी से जुड़े अपने संस्मरण सांझा किए। राजेश भारती, बलवान कुंडू सावी दिलबाग अकेला ने भी रचनाएं पढ़ीं। गोष्ठी के अंत में अतिथियों को सम्मान-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
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