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धर्म की रक्षा में कुर्बान हुए चारों साहिबजादे सदा अमर रहेंगे: सुरजीत मलिकपुर
Fri, 26 Dec 2025 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 26 Dec 2025 12:10 AM IST
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गुहला चीका गुरुद्वारा साहिब में बाबा गुरजीत सिंह गुरबाणी का प्रचार करते हुए। ।
धर्म की रक्षा में कुर्बान हुए चारों साहिबजादे सदा अमर रहेंगे: सुरजीत मलिकपुर
गुहला चीका। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 359वें साला प्रकाश पर्व और छोटे साहिबजादे बाबा जोराबर सिंह, बाबा फतेह सिंह एवं माता गुजरी की शहादत के अवसर पर गुरुद्वारा छेवीं एवं नौवीं पातशाही चीका में श्री अखंड पाठ साहिब का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा साहिब के स्टाफ और श्रद्धालुओं ने इन महान शहीदों को नमन किया।
गुरुद्वारा प्रबंधक सुरजीत सिंह मलिकपुर ने बताया कि साहिबजादों की याद में 25 दिसंबर को श्री अखंड पाठ साहिब रखा गया, जिसका भोग 27 दिसंबर को किया जाएगा और उसी दिन धार्मिक दीवान का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य मेजर सिंह गुहला विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
उन्होंने बताया कि भाई गुरप्रीत सिंह रागी, बीबी बलजिंदर कौर खालसा के कीर्तनी जत्थे और गुरुद्वारा के हेड ग्रंथी भाई रणजीत सिंह कथा कीर्तन के माध्यम से इन महान शहीदों की कुर्बानी के प्रसंग बताएंगे। सुरजीत मलिकपुर ने आगे बताया कि अजीत सिंह और जुझार सिंह मुगलों के साथ युद्ध करते हुए शहीद हुए।
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जोरावर सिंह और फतेह सिंह को इस्लाम कबूल न करने के कारण जिंदा दीवार में चुनवा दिया गया था, जबकि माता गुजरी को किले के ऊंचे बुर्ज से धक्का देकर शहीद कर दिया गया। इस प्रकार देश और धर्म की रक्षा में गुरु गोबिंद सिंह का पूरा परिवार शहीद हो गया।
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गुहला चीका। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 359वें साला प्रकाश पर्व और छोटे साहिबजादे बाबा जोराबर सिंह, बाबा फतेह सिंह एवं माता गुजरी की शहादत के अवसर पर गुरुद्वारा छेवीं एवं नौवीं पातशाही चीका में श्री अखंड पाठ साहिब का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा साहिब के स्टाफ और श्रद्धालुओं ने इन महान शहीदों को नमन किया।
गुरुद्वारा प्रबंधक सुरजीत सिंह मलिकपुर ने बताया कि साहिबजादों की याद में 25 दिसंबर को श्री अखंड पाठ साहिब रखा गया, जिसका भोग 27 दिसंबर को किया जाएगा और उसी दिन धार्मिक दीवान का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य मेजर सिंह गुहला विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
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उन्होंने बताया कि भाई गुरप्रीत सिंह रागी, बीबी बलजिंदर कौर खालसा के कीर्तनी जत्थे और गुरुद्वारा के हेड ग्रंथी भाई रणजीत सिंह कथा कीर्तन के माध्यम से इन महान शहीदों की कुर्बानी के प्रसंग बताएंगे। सुरजीत मलिकपुर ने आगे बताया कि अजीत सिंह और जुझार सिंह मुगलों के साथ युद्ध करते हुए शहीद हुए।
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जोरावर सिंह और फतेह सिंह को इस्लाम कबूल न करने के कारण जिंदा दीवार में चुनवा दिया गया था, जबकि माता गुजरी को किले के ऊंचे बुर्ज से धक्का देकर शहीद कर दिया गया। इस प्रकार देश और धर्म की रक्षा में गुरु गोबिंद सिंह का पूरा परिवार शहीद हो गया।