फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   The drizzle brought smiles to the faces of farmers.

Kaithal News: बूंदाबांदी से किसानों के चेहरे खिले

Thu, 19 Feb 2026 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 19 Feb 2026 01:30 AM IST
विज्ञापन
The drizzle brought smiles to the faces of farmers.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। बुधवार सुबह हल्की बूंदाबांदी से मौसम सुहावना हो गया। पिछले कई दिनों से चल रही ठंडी हवाओं और बादलों के बीच हुई इस हल्की बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। खासकर गेहूं और सरसों की फसल के साथ हरे चारे के लिए बूंदाबांदी फायदेमंद रहेगी।
सुबह करीब चार बजे आसमान में घने बादल छा गए और रुक-रुक कर करीब आधे घंटे तक बूंदाबांदी होती रही। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और ठंडक बढ़ गई। बूंदाबांदी के कारण सुबह सड़कों पर हल्की फिसलन भी देखी गई, जिससे दफ्तर और स्कूल जाने वाले लोगों को कुछ असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि दिन चढ़ने के साथ बारिश थम गई और दिनभर आसमान में बादल छाए रहे।
विज्ञापन

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होगी। बुधवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मंगलवार को अधिकतम 26 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

फसलों के लिए संजीवनी ः मौसम में आई नमी से खेतों में खड़ी फसलों को राहत मिली है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस समय गेहूं की फसल बढ़वार की अवस्था में है। ऐसे में हल्की बारिश फसल के लिए संजीवनी का काम करती है। इससे खेतों में नमी बनी रहती है और सिंचाई की जरूरत कम हो जाती है। जिन किसानों ने अभी तक सिंचाई नहीं की थी, उन्हें इस बूंदाबांदी से विशेष लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित मात्रा में बारिश गेहूं की बालियों के विकास के लिए लाभकारी होती है। इससे दानों का भराव बेहतर होता है और उत्पादन बढ़ने की संभावना रहती है। हालांकि अधिक बारिश या ओलावृष्टि नुकसानदेह हो सकती है, लेकिन फिलहाल हुई हल्की बूंदाबांदी को फसल के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।
किसानों ने जताई खुशी ः किसान रामजुवारी, राजेश और मंजीत ने बताया कि पिछले दिनों मौसम शुष्क था और खेतों में नमी कम हो रही थी। ऐसे में यह बारिश समय पर हुई है। किसानों का कहना है कि यदि आगे भी हल्की बारिश होती है तो फसल को और फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि बिजली की बढ़ती लागत के बीच प्राकृतिक बारिश होने से सिंचाई का खर्च बचता है। इससे खेती की लागत घटती है और मुनाफा बढ़ने की उम्मीद रहती है।


फरवरी में हुई यह बूंदाबांदी बिल्कुल समय पर हुई है। इससे मेरी फसल सूखने से बच गई है और अब अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है। यदि आगे भी मौसम अनुकूल बना रहा तो गेहूं की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में बढ़ोतरी होगी।

-सुरेंद्र, निवासी क्योड़क
इस समय गेहूं की फसल को पानी की सख्त जरूरत थी। बूंदाबांदी से खेतों में नमी बढ़ी है और अब अच्छी पैदावार की उम्मीद जगी है। बारिश ने मिट्टी को तरोताजा कर दिया है, जिससे फसल की बढ़वार में मदद मिलेगी। -रामलाल, निवासी क्योड़क

बुधवार सुबह हुई बूंदाबांदी ने जहां मौसम को खुशनुमा बना दिया, वहीं किसानों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है। गेहूं की फसल के लिए यह बारिश लाभकारी है और किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। -डॉ. रमेश चंद्र, मुख्य समन्वयक, कृषि विज्ञान केंद्र


फरवरी–मार्च के आसपास की हल्की बारिश (बूंदाबांदी) रबी फसलों के लिए अक्सर फायदेमंद मानी जाती है, खासकर तब जब फसल दाना बनने या फूल आने के चरण में हो।

गेहूं के लिए लाभ ः मिट्टी में नमी बढ़ती है, जिससे दाना भराव (ग्रेन फिलिंग) बेहतर होता है। पौधों की बढ़वार मजबूत होती है। यदि पहले सूखापन था तो फसल मुरझाने से बच जाती है।

सरसों के लिए लाभ ः

फूल और दाना बनने के समय हल्की नमी फायदेमंद होती है। पौधों की फली भरने की प्रक्रिया बेहतर होती है। हल्की वर्षा पैदा
वार बढ़ाने में सहायक बनती है।

बारिश के साथ तेज हवा या ओलावृष्टि हो जाए तो गेहूं की

फसल गिरने का खतरा है। सरसों के फूल झड़ने या रोग लगने का खतरा बढ़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed