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रोडवेज के चालक अब थामेंगे एंबुलेंस की स्टेयरिंग
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The drivers of roadways will now hold the steering of the ambulance
- फोटो : Kaithal
कैथल। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सेवाओं को मजबूत करने में जुट गया है। इसके तहत अस्पताल में खड़ी मोबाइल एंबुलेंस के लिए रोडवेज से 30 चालकों की सूची मांगी थी। ताकि कोरोना के दौरान मरीजों को बेहतर एंबुलेंस सर्विस मिल सके। रोडवेज की तरफ से 30 चालकों की सूची स्वास्थ्य विभाग को मिल गई है। रोडवेज के चालक दो माह तक इन एंबुलेंस का स्टेयरिंग थामेंगे, जिसके बाद कोई भी एंबुलेंस चालक के इंतजार में नहीं खड़ी रहेगी।
स्वास्थ्य विभाग के पास 23 एंबुलेंस हैं। इन पर 40 चालक तैनात किए गए हैं। चालकों को लेकर रोस्टर बनाया गया है और यह चालक शिफ्टों में ड्यूटी करते हैं। इमरजेंसी के हालात में 24 घंटे एंबुलेंस सेवा बहाल रखनी जरूरी होती है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी से लेकर गंभीर मरीजों को रोहतक या चंडीगढ़ छोड़ने तक हर कार्य एंबुलेंस के माध्यम से हो रहा है। इस कारण एंबुलेंस और चालक हर समय उपलब्ध रहना जरूरी होता है। जिले में कोरोना के केस भी बढ़ने लगे हैं। ऐसे में दूसरे एंबुलेंस चालकों को आराम मिल सके और एंबुलेंस सेवा भी निरंतर चलती रहे, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने रोडवेज से चालक भेजने को कहा है।
कैथल डिपो के महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने 30 चालक भेजने को कहा था। डिपो ने 30 चालकों की ड्यूटी एंबुलेंस चलाने के लिए लगाने को कह दिया गया है। चालकों की सूची स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी गई है।
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स्वास्थ्य विभाग के पास 23 एंबुलेंस हैं। इन पर 40 चालक तैनात किए गए हैं। चालकों को लेकर रोस्टर बनाया गया है और यह चालक शिफ्टों में ड्यूटी करते हैं। इमरजेंसी के हालात में 24 घंटे एंबुलेंस सेवा बहाल रखनी जरूरी होती है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी से लेकर गंभीर मरीजों को रोहतक या चंडीगढ़ छोड़ने तक हर कार्य एंबुलेंस के माध्यम से हो रहा है। इस कारण एंबुलेंस और चालक हर समय उपलब्ध रहना जरूरी होता है। जिले में कोरोना के केस भी बढ़ने लगे हैं। ऐसे में दूसरे एंबुलेंस चालकों को आराम मिल सके और एंबुलेंस सेवा भी निरंतर चलती रहे, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने रोडवेज से चालक भेजने को कहा है।
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कैथल डिपो के महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने 30 चालक भेजने को कहा था। डिपो ने 30 चालकों की ड्यूटी एंबुलेंस चलाने के लिए लगाने को कह दिया गया है। चालकों की सूची स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी गई है।
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