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Kaithal News: दो वर्ष से लटका है यमुनानगर–पटियाला एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य
Fri, 15 Aug 2025 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 15 Aug 2025 01:44 AM IST
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aसंवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के दो वर्ष बाद भी यमुनानगर–पटियाला एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है। यह परियोजना भारतमाला प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसे अगस्त 2022 में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंजूरी दी थी। तब से अब तक इसकी प्रगति कागजों तक ही सीमित है, जिससे लोगों में निराशा है।
प्रदेश में पंजाब को जोड़ने वाले कैथल–पटियाला राज्यमार्ग के फोरलेन निर्माण की प्रक्रिया हाल ही में शुरू हुई है। इसके लिए वन विभाग ने पेड़ काटने की एनओसी जारी कर दी है, जिससे तकनीकी बाधा समाप्त हो गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वर्ष के अंत तक इस हाईवे का निर्माण शुरू हो सकता है।
लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता वरुण कंसल ने बताया कि भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले यमुनानगर–पटियाला एक्सप्रेस-वे के निर्माण को लेकर अब तक कोई आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। हालांकि पूर्व विधायक की ओर से विधानसभा में उठाए गए मुद्दे पर सरकार ने मौखिक रूप से जानकारी दी थी।
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कैथल–पटियाला फोरलेन के लिए वन विभाग ने वैकल्पिक भूमि की मांग की थी, जिसे राज्य सरकार ने 40 एकड़ भूमि उपलब्ध करवा कर पूरा कर दिया है। इस परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
गौरतलब है कि इस स्टेट हाईवे के दोहरीकरण के लिए केंद्र सरकार 129.40 करोड़ रुपये का बजट पहले ही मंजूर कर चुकी है। परियोजना को लोकसभा चुनाव 2023 से पहले हरी झंडी मिली थी, लेकिन वन विभाग की एनओसी न मिलने के कारण कार्य लटका रहा। इस मार्ग की कुल लंबाई करीब 65 किलोमीटर है, जिसमें कैथल से चीका तक का 32 किलोमीटर हिस्सा जिले की सीमा में आता है। लोगों के अनुसार, यह मार्ग उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जाने का एक प्रमुख रास्ता बनेगा। इसके बन जाने से समय की बचत होगी और कई जिलों, कस्बों और सैकड़ों गांवों का आपसी संपर्क बढ़ेगा।
यह एक्सप्रेस-वे पंजाब के पटियाला से शुरू होकर वाया चीका, पिहोवा, कुरुक्षेत्र होते हुए यमुनानगर तक जाएगा। इससे चीका क्षेत्र सीधे मालवा से जुड़ जाएगा और व्यापारिक दृष्टि से भी लाभ मिलेगा।
मार्ग का निर्माण प्रदेश की सबसे बड़ी मार्बल मार्केट कहे जाने वाले चीका क्षेत्र के लिए भी फायदेमंद होगा, जिससे यहां के व्यापार को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी और जिला आर्थिक दृष्टि से सुदृढ़ होगा।
चीका को होगा फायदा
मार्ग का निर्माण प्रदेश की सबसे बड़ी मार्बल मार्केट कहे जाने वाले चीका क्षेत्र के लिए फायदेमंद होगा, जिससे व्यापार को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
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कैथल। केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के दो वर्ष बाद भी यमुनानगर–पटियाला एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है। यह परियोजना भारतमाला प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसे अगस्त 2022 में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंजूरी दी थी। तब से अब तक इसकी प्रगति कागजों तक ही सीमित है, जिससे लोगों में निराशा है।
प्रदेश में पंजाब को जोड़ने वाले कैथल–पटियाला राज्यमार्ग के फोरलेन निर्माण की प्रक्रिया हाल ही में शुरू हुई है। इसके लिए वन विभाग ने पेड़ काटने की एनओसी जारी कर दी है, जिससे तकनीकी बाधा समाप्त हो गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वर्ष के अंत तक इस हाईवे का निर्माण शुरू हो सकता है।
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लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता वरुण कंसल ने बताया कि भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले यमुनानगर–पटियाला एक्सप्रेस-वे के निर्माण को लेकर अब तक कोई आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। हालांकि पूर्व विधायक की ओर से विधानसभा में उठाए गए मुद्दे पर सरकार ने मौखिक रूप से जानकारी दी थी।
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कैथल–पटियाला फोरलेन के लिए वन विभाग ने वैकल्पिक भूमि की मांग की थी, जिसे राज्य सरकार ने 40 एकड़ भूमि उपलब्ध करवा कर पूरा कर दिया है। इस परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
गौरतलब है कि इस स्टेट हाईवे के दोहरीकरण के लिए केंद्र सरकार 129.40 करोड़ रुपये का बजट पहले ही मंजूर कर चुकी है। परियोजना को लोकसभा चुनाव 2023 से पहले हरी झंडी मिली थी, लेकिन वन विभाग की एनओसी न मिलने के कारण कार्य लटका रहा। इस मार्ग की कुल लंबाई करीब 65 किलोमीटर है, जिसमें कैथल से चीका तक का 32 किलोमीटर हिस्सा जिले की सीमा में आता है। लोगों के अनुसार, यह मार्ग उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जाने का एक प्रमुख रास्ता बनेगा। इसके बन जाने से समय की बचत होगी और कई जिलों, कस्बों और सैकड़ों गांवों का आपसी संपर्क बढ़ेगा।
यह एक्सप्रेस-वे पंजाब के पटियाला से शुरू होकर वाया चीका, पिहोवा, कुरुक्षेत्र होते हुए यमुनानगर तक जाएगा। इससे चीका क्षेत्र सीधे मालवा से जुड़ जाएगा और व्यापारिक दृष्टि से भी लाभ मिलेगा।
मार्ग का निर्माण प्रदेश की सबसे बड़ी मार्बल मार्केट कहे जाने वाले चीका क्षेत्र के लिए भी फायदेमंद होगा, जिससे यहां के व्यापार को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी और जिला आर्थिक दृष्टि से सुदृढ़ होगा।
चीका को होगा फायदा
मार्ग का निर्माण प्रदेश की सबसे बड़ी मार्बल मार्केट कहे जाने वाले चीका क्षेत्र के लिए फायदेमंद होगा, जिससे व्यापार को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।