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Kaithal News: ढांड में मंडली ने पेश किए भजन
Fri, 01 May 2026 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 01 May 2026 12:37 AM IST
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30 ढांड 01 भगवान परशुराम की महिमा का गुणगान करते हुए भजन मंडली।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। शिव मंदिर चंदलाना में भी जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। यहां हवन-यज्ञ व भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भजन मंडली ने भजनों के माध्यम से भगवान परशुराम की महिमा का गुणगान किया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। मंदिर के महंत शेरपुरी ने अपने प्रवचन में बताया कि भगवान परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं, जो शस्त्र और शास्त्र दोनों के ज्ञाता तथा चिरंजीवी हैं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ परशु (फरसा) धारण किया। मूल रूप से उनका नाम ‘राम’ था, लेकिन भगवान शिव से दिव्य परशु प्राप्त करने के बाद वे परशुराम कहलाए। उन्होंने कहा कि परशुराम ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष कर धर्म की स्थापना की और समाज को सत्य व न्याय का मार्ग दिखाया।
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ढांड। शिव मंदिर चंदलाना में भी जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। यहां हवन-यज्ञ व भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भजन मंडली ने भजनों के माध्यम से भगवान परशुराम की महिमा का गुणगान किया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। मंदिर के महंत शेरपुरी ने अपने प्रवचन में बताया कि भगवान परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं, जो शस्त्र और शास्त्र दोनों के ज्ञाता तथा चिरंजीवी हैं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ परशु (फरसा) धारण किया। मूल रूप से उनका नाम ‘राम’ था, लेकिन भगवान शिव से दिव्य परशु प्राप्त करने के बाद वे परशुराम कहलाए। उन्होंने कहा कि परशुराम ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष कर धर्म की स्थापना की और समाज को सत्य व न्याय का मार्ग दिखाया।