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योग, अध्यात्म का रंग रहे कायम : हरिओम
Wed, 27 Mar 2024 03:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 27 Mar 2024 03:23 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला/चीका। हर्ष एवं उल्लास के पर्व पर पतंजलि योग समिति चीका इकाई द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन विश्वकर्मा मंदिर प्रांगण में आयोजित किया। सभी सदस्यों ने एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामना दी। साथ ही शांतिपूर्ण वातावरण में होली का त्योहार मनाने का अपील भी की। ठंडा का सेवन न करके गिलोय, तुलसी, नीम का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी।
जिला प्रभारी एवं आचार्य हरिओम शोकल ने योग शिक्षक, योग साधक और योग प्रेमियों से कहा कि होली प्रकृति और ईश्वर का अनुपम उपहार है। इस त्योहार में ईर्ष्या, द्वेष, कपट जैसी बुराइयों को त्याग कर एक दूसरे के प्रति प्रेम, सहानुभूति करुणा और सहयोग की भावना अपनाना चाहिए।
पतंजलि युवा तहसील प्रभारी गुरमीत सीड़ा ने बताया कि पतंजलि योग समिति हर वर्ष होली का त्योहार पिछले लगभग 15 साल से विश्वकर्मा मंदिर चीका में मनाता आ रहा है। सीड़ा ने कहा कि अनुलोम विलोम, भ्रामरी, उदगीथ, प्रणव आदि प्राणायाम का अभ्यास करवाते हुए बहुत सी शारीरिक क्रियाएं भी करवाई। उन्होंने योग का अभ्यास करवाते समय बताया कि हमें होली के त्योहार को हर्षोल्लास के साथ-साथ पवित्रता से भी मनाना चाहिए। हमें किसी के ऊपर कीचड़ नहीं उछालना चाहिए तथा पानी का प्रयोग नहीं करना चाहिए। यह रंगों का त्योहार है। अतः: हमें हर्बल रंगों का ही प्रयोग करना चाहिए। केमिकल युक्त एवं पक्के रंगों से चमड़ी, आंख, कान आदि को नुकसान होने की संभावना बनी रहती है। रविंद्र उर्फ पाली के सुमधुर गाने की अच्छी प्रस्तुति के लिए पतंजलि योग समिति ने काफी प्रशंसा की। फाग गीतों के अलावा इस अवसर पर खईके पान बनारस वाला एवं कई गानों पर सभी योग साधकों ने शानदार डांस किया। आपसी सद्भाव एवं समरसता के लिए आयोजित इस कार्यक्रम का समापन स्वल्पाहार के साथ किया गया। इस अवसर पर भारत स्वाभिमान प्रभारी जयभगवान, इंद्रमोहन मित्तल, पंडित विद्यासागर, कामरेड कृष्ण कुमार, महावीर प्रजापत, कश्मीरी लाल गर्ग मौजूद रहे।
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गुहला/चीका। हर्ष एवं उल्लास के पर्व पर पतंजलि योग समिति चीका इकाई द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन विश्वकर्मा मंदिर प्रांगण में आयोजित किया। सभी सदस्यों ने एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामना दी। साथ ही शांतिपूर्ण वातावरण में होली का त्योहार मनाने का अपील भी की। ठंडा का सेवन न करके गिलोय, तुलसी, नीम का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी।
जिला प्रभारी एवं आचार्य हरिओम शोकल ने योग शिक्षक, योग साधक और योग प्रेमियों से कहा कि होली प्रकृति और ईश्वर का अनुपम उपहार है। इस त्योहार में ईर्ष्या, द्वेष, कपट जैसी बुराइयों को त्याग कर एक दूसरे के प्रति प्रेम, सहानुभूति करुणा और सहयोग की भावना अपनाना चाहिए।
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पतंजलि युवा तहसील प्रभारी गुरमीत सीड़ा ने बताया कि पतंजलि योग समिति हर वर्ष होली का त्योहार पिछले लगभग 15 साल से विश्वकर्मा मंदिर चीका में मनाता आ रहा है। सीड़ा ने कहा कि अनुलोम विलोम, भ्रामरी, उदगीथ, प्रणव आदि प्राणायाम का अभ्यास करवाते हुए बहुत सी शारीरिक क्रियाएं भी करवाई। उन्होंने योग का अभ्यास करवाते समय बताया कि हमें होली के त्योहार को हर्षोल्लास के साथ-साथ पवित्रता से भी मनाना चाहिए। हमें किसी के ऊपर कीचड़ नहीं उछालना चाहिए तथा पानी का प्रयोग नहीं करना चाहिए। यह रंगों का त्योहार है। अतः: हमें हर्बल रंगों का ही प्रयोग करना चाहिए। केमिकल युक्त एवं पक्के रंगों से चमड़ी, आंख, कान आदि को नुकसान होने की संभावना बनी रहती है। रविंद्र उर्फ पाली के सुमधुर गाने की अच्छी प्रस्तुति के लिए पतंजलि योग समिति ने काफी प्रशंसा की। फाग गीतों के अलावा इस अवसर पर खईके पान बनारस वाला एवं कई गानों पर सभी योग साधकों ने शानदार डांस किया। आपसी सद्भाव एवं समरसता के लिए आयोजित इस कार्यक्रम का समापन स्वल्पाहार के साथ किया गया। इस अवसर पर भारत स्वाभिमान प्रभारी जयभगवान, इंद्रमोहन मित्तल, पंडित विद्यासागर, कामरेड कृष्ण कुमार, महावीर प्रजापत, कश्मीरी लाल गर्ग मौजूद रहे।
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