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Kaithal News: अभियान लाया रंग, सुधर रहा लिंगानुपात
Wed, 22 Jan 2025 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 22 Jan 2025 01:04 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/यमुनानगर। पानीपत की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 22 जनवरी 2015 को शुरू किया गया बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान हरियाणा में रंग लाया है। कैथल में 1000 लड़कों में लड़कियों की संख्या 907 है।
गौरतलब है कि लिंगानुपात के मामले में यमुनानगर प्रदेश में टॉप पर है। जिले में 2024 में 1000 लड़कों के मुकाबले 939 लड़कियाें का जन्म हुआ। गत सात वर्षों में यह जिले का सबसे अधिक लिंगानुपात है।
इसी प्रकार कैथल में भी लिंगानुपात में सुधार हुआ है। गौरतलब है कि 2016 में लिंगानुपात 884, वर्ष 2017 में 900, वर्ष 2018 में 916, वर्ष 2019 में 919 तथा अब तक 2020 में 942 लिंगानुपात दर्ज किया गया था।
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वर्ष 2017 में यमुनानगर का लिंगानुपात 944 तक पहुंच गया था। ऐसे में वर्तमान में जो लिंगानुपात है उसमें और अधिक सुधार की जरूरत है। एक तरफ लिंगानुपात में सुधार हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ अभी भी ऐसे मामलों में की कमी नहीं है जहां मां खुद ही अपने नवजात बच्चों को मार रही है। इस साल की शुरुआत में ही छह जनवरी को साढौरा की नकटी नदी में नवजात बच्चे को बोरी में बांध कर खुले में फेंक दिया था। बच्चा पहले से जिंदा था या फिर मरा हुआ इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। जिस बोरी में बच्चा था उसके पास बेसहारा कुत्ते मंडरा रहे थे।
वहां खेल रहे बच्चों ने मरे हुए बच्चे को नदी में दबा दिया था। बाद में पता चलने पर पुलिस ने बच्चे का शव नदी से निकलवाया था। लिंगानुपात में यमुनानगर को नंबर एक पर पहुंचाने में पलवल व पंचकूला भी बड़ा हाथ है। वर्ष 2023 में लिंगानुपात के मामले में यमुनानगर सातवें नंबर पर था। पलवल, पंचकूला, सिरसा, गुरुग्राम, फतेहाबाद, नूंह, जींद यमुनानगर से आगे थे। तब पलवल नंबर एक और पंचकूला 942 के साथ नंबर दो पर था। 2024 में पलवल का 946 से 909 व पंचकूला का 942 से 915 पर आ गया है।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना को जानें...
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरूआत प्रधानमंत्री मोदी ने 22 जनवरी, 2015 को हरियाणा के पानीपत में की थी। इसको 2014-15 में 100 जिलों में शुरू किया गया था। तीन मंत्रालय मिलकर इस योजना को चलाते हैं जोकि - मिनिस्ट्री ऑफ वीमेन एंड चाइल्ड वेलफेयर, मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर तथा मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्स हैं।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को चाइल्ड सेक्स रेशियो में कमी को रोकने के लिए शुरू किया गया था। इसके अंतर्गत महिलाओं के एंपावरमेंट से जुड़े मुद्दों को भी हल किया जाता है। इस योजना के माध्यम से ना केवल बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है बल्कि बेटियों को हायर एजुकेशन के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है। इसका उद्देश्य बेटी के माता-पिता को बेटियों को हायर एजुकेशन के लिए प्रोत्साहित करना भी है। यह योजना बालिकाओं की सुरक्षा और शिक्षा को सुनिश्चित करती है। यह बेटी और बेटे के बीच समानता स्थापित करने में भी कारगर साबित हुई है।
वर्ष 2024 में प्रदेश में जिलावार लिंगानुपात
जिला
लिंगानुपात
यमुनानगर
939
सिरसा
936
नूंह
928
करनाल
926
फतेहाबाद
925
भिवानी
919
जींद
919
हिसार
916
पंचकूला
915
अंबाला
913
कुरुक्षेत्र
913
जिला
लिंगानुपात
पलवल
909
कैथल
907
झज्जर
904
महेंद्रगढ़
902
सोनीपत
901
पानीपत
900
गुरुग्राम 899
फरीदाबाद
899
रोहतक
888
रेवाड़ी 873
चरखी दादरी
869
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कैथल/यमुनानगर। पानीपत की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 22 जनवरी 2015 को शुरू किया गया बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान हरियाणा में रंग लाया है। कैथल में 1000 लड़कों में लड़कियों की संख्या 907 है।
गौरतलब है कि लिंगानुपात के मामले में यमुनानगर प्रदेश में टॉप पर है। जिले में 2024 में 1000 लड़कों के मुकाबले 939 लड़कियाें का जन्म हुआ। गत सात वर्षों में यह जिले का सबसे अधिक लिंगानुपात है।
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इसी प्रकार कैथल में भी लिंगानुपात में सुधार हुआ है। गौरतलब है कि 2016 में लिंगानुपात 884, वर्ष 2017 में 900, वर्ष 2018 में 916, वर्ष 2019 में 919 तथा अब तक 2020 में 942 लिंगानुपात दर्ज किया गया था।
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वर्ष 2017 में यमुनानगर का लिंगानुपात 944 तक पहुंच गया था। ऐसे में वर्तमान में जो लिंगानुपात है उसमें और अधिक सुधार की जरूरत है। एक तरफ लिंगानुपात में सुधार हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ अभी भी ऐसे मामलों में की कमी नहीं है जहां मां खुद ही अपने नवजात बच्चों को मार रही है। इस साल की शुरुआत में ही छह जनवरी को साढौरा की नकटी नदी में नवजात बच्चे को बोरी में बांध कर खुले में फेंक दिया था। बच्चा पहले से जिंदा था या फिर मरा हुआ इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। जिस बोरी में बच्चा था उसके पास बेसहारा कुत्ते मंडरा रहे थे।
वहां खेल रहे बच्चों ने मरे हुए बच्चे को नदी में दबा दिया था। बाद में पता चलने पर पुलिस ने बच्चे का शव नदी से निकलवाया था। लिंगानुपात में यमुनानगर को नंबर एक पर पहुंचाने में पलवल व पंचकूला भी बड़ा हाथ है। वर्ष 2023 में लिंगानुपात के मामले में यमुनानगर सातवें नंबर पर था। पलवल, पंचकूला, सिरसा, गुरुग्राम, फतेहाबाद, नूंह, जींद यमुनानगर से आगे थे। तब पलवल नंबर एक और पंचकूला 942 के साथ नंबर दो पर था। 2024 में पलवल का 946 से 909 व पंचकूला का 942 से 915 पर आ गया है।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना को जानें...
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरूआत प्रधानमंत्री मोदी ने 22 जनवरी, 2015 को हरियाणा के पानीपत में की थी। इसको 2014-15 में 100 जिलों में शुरू किया गया था। तीन मंत्रालय मिलकर इस योजना को चलाते हैं जोकि - मिनिस्ट्री ऑफ वीमेन एंड चाइल्ड वेलफेयर, मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर तथा मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्स हैं।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को चाइल्ड सेक्स रेशियो में कमी को रोकने के लिए शुरू किया गया था। इसके अंतर्गत महिलाओं के एंपावरमेंट से जुड़े मुद्दों को भी हल किया जाता है। इस योजना के माध्यम से ना केवल बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है बल्कि बेटियों को हायर एजुकेशन के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है। इसका उद्देश्य बेटी के माता-पिता को बेटियों को हायर एजुकेशन के लिए प्रोत्साहित करना भी है। यह योजना बालिकाओं की सुरक्षा और शिक्षा को सुनिश्चित करती है। यह बेटी और बेटे के बीच समानता स्थापित करने में भी कारगर साबित हुई है।
वर्ष 2024 में प्रदेश में जिलावार लिंगानुपात
जिला
लिंगानुपात
यमुनानगर
939
सिरसा
936
नूंह
928
करनाल
926
फतेहाबाद
925
भिवानी
919
जींद
919
हिसार
916
पंचकूला
915
अंबाला
913
कुरुक्षेत्र
913
जिला
लिंगानुपात
पलवल
909
कैथल
907
झज्जर
904
महेंद्रगढ़
902
सोनीपत
901
पानीपत
900
गुरुग्राम 899
फरीदाबाद
899
रोहतक
888
रेवाड़ी 873
चरखी दादरी
869