{"_id":"67104f7666b257577f043224","slug":"the-air-is-continuously-getting-worse-irritation-in-the-eyes-is-increasing-kaithal-news-c-18-1-knl1004-500705-2024-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: लगातार खराब हो रही हवा, आंखों में बढ़ने लगी जलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: लगातार खराब हो रही हवा, आंखों में बढ़ने लगी जलन
Thu, 17 Oct 2024 05:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 17 Oct 2024 05:12 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में बदल रहे मौसम के बीच लगातार खराब हो रही हवा से रात के समय अब आंखों में जलन होने लगी है क्योंकि वायु प्रदूषण का स्तर खराब चल रहा है। बुधवार को एक्यूआई 150 दर्ज किया गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार और बुधवार को पराली जलाने के 14 मामले आए। जिले में अब तक पराली जलाने के कुल 97 मामले सामने आ चुके हैं।
गौरतलब है कि इस सीजन में जिले में अब तक सबसे अधिक वायु प्रदूषण का स्तर 152 रहा है जबकि पिछले तीन दिन से यह अब वायु प्रदूषण का स्तर 100 से ऊपर चल रहा है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार अब खेतों में पराली जलाने के मामले बढ़ने से हवा अधिक खराब हो रही है। बुधवार को कैथल जिले का दोपहर दो बजे तक का वायु प्रदूषण का स्तर 150 तक आंका गया है। अब यदि खेतों में पराली जलाने के मामले ऐसे ही आते रहे तो यह प्रदूषण का स्तर और अधिक बढ़ने लगेगा।
विज्ञापन
चिकित्सकों के अनुसार, ज्यादा एक्यूआई होना सभी के लिए खतरे का संकेत है। इस वजह से लोगों को एक तरफ जहां सांस लेने में दिक्कत होती तो वहीं आंखों में जलन की समस्या भी लगातार बढ़ती है। गौरतलब है कि एक्यूआई जितना अधिक होगा तो उतना अधिक वायु प्रदूषण का स्तर होगा। वहीं, चिकित्सकों ने भी इस समय शाम के समय हो रहे वायु प्रदूषण से बचने के लिए लोगों को उपाय बताएं हैं।
जिले में अब लगातार पराली जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। कृषि विभाग की ओर से पराली जलाने की घटनाएं सामने आने के बाद किसानों पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। अब पराली जलाने के मामलों को लेकर जिला प्रशासन काफी सख्त हो चुका है। पराली जलाने के मामले रोकने के लिए कृषि विभाग की टीम के साथ ही पुलिस, पटवारी, नंबरदार और सरपंच की ओर से भी अपने स्तर पर जागरूक किया जा रहा है।
कृषि विभाग के सहायक कृषि अभियंता जगदीश मलिक ने बताया कि जिले में अब तक पराली जलाने के 97 मामले आ चुके हैं। हालांकि अभी तक एक भी किसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। किसानों को पराली न जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।
आंखों को जलन से बचाने के उपाय
जिला नागरिक अस्पताल की नेत्र रोष विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. कविता गोयल ने बताया कि यदि आपके आंखों में जलन की समस्या हो जाए तो इससे बचाव के लिए आपको आंखों को सादे पानी से धोना चाहिए। उन्होंने बताया कि एक कपड़े को गर्म पानी में भिगोएं और फिर अपनी आंखों पर दिन में कुछ मिनट के लिए गर्म सेंक लगाए, जिससे आपकी आंखों में जलन की समस्या खत्म हो जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि हो सके तो शाम के समय साधारण चश्मा पहने। इसके साथ ही मास्क का प्रयोग करेंगे तो इस समस्या से बेहतर तरीके से बच पाएंगे।
विज्ञापन
कैथल। जिले में बदल रहे मौसम के बीच लगातार खराब हो रही हवा से रात के समय अब आंखों में जलन होने लगी है क्योंकि वायु प्रदूषण का स्तर खराब चल रहा है। बुधवार को एक्यूआई 150 दर्ज किया गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार और बुधवार को पराली जलाने के 14 मामले आए। जिले में अब तक पराली जलाने के कुल 97 मामले सामने आ चुके हैं।
गौरतलब है कि इस सीजन में जिले में अब तक सबसे अधिक वायु प्रदूषण का स्तर 152 रहा है जबकि पिछले तीन दिन से यह अब वायु प्रदूषण का स्तर 100 से ऊपर चल रहा है।
विज्ञापन
मौसम विज्ञानियों के अनुसार अब खेतों में पराली जलाने के मामले बढ़ने से हवा अधिक खराब हो रही है। बुधवार को कैथल जिले का दोपहर दो बजे तक का वायु प्रदूषण का स्तर 150 तक आंका गया है। अब यदि खेतों में पराली जलाने के मामले ऐसे ही आते रहे तो यह प्रदूषण का स्तर और अधिक बढ़ने लगेगा।
विज्ञापन
चिकित्सकों के अनुसार, ज्यादा एक्यूआई होना सभी के लिए खतरे का संकेत है। इस वजह से लोगों को एक तरफ जहां सांस लेने में दिक्कत होती तो वहीं आंखों में जलन की समस्या भी लगातार बढ़ती है। गौरतलब है कि एक्यूआई जितना अधिक होगा तो उतना अधिक वायु प्रदूषण का स्तर होगा। वहीं, चिकित्सकों ने भी इस समय शाम के समय हो रहे वायु प्रदूषण से बचने के लिए लोगों को उपाय बताएं हैं।
जिले में अब लगातार पराली जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। कृषि विभाग की ओर से पराली जलाने की घटनाएं सामने आने के बाद किसानों पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। अब पराली जलाने के मामलों को लेकर जिला प्रशासन काफी सख्त हो चुका है। पराली जलाने के मामले रोकने के लिए कृषि विभाग की टीम के साथ ही पुलिस, पटवारी, नंबरदार और सरपंच की ओर से भी अपने स्तर पर जागरूक किया जा रहा है।
कृषि विभाग के सहायक कृषि अभियंता जगदीश मलिक ने बताया कि जिले में अब तक पराली जलाने के 97 मामले आ चुके हैं। हालांकि अभी तक एक भी किसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। किसानों को पराली न जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।
आंखों को जलन से बचाने के उपाय
जिला नागरिक अस्पताल की नेत्र रोष विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. कविता गोयल ने बताया कि यदि आपके आंखों में जलन की समस्या हो जाए तो इससे बचाव के लिए आपको आंखों को सादे पानी से धोना चाहिए। उन्होंने बताया कि एक कपड़े को गर्म पानी में भिगोएं और फिर अपनी आंखों पर दिन में कुछ मिनट के लिए गर्म सेंक लगाए, जिससे आपकी आंखों में जलन की समस्या खत्म हो जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि हो सके तो शाम के समय साधारण चश्मा पहने। इसके साथ ही मास्क का प्रयोग करेंगे तो इस समस्या से बेहतर तरीके से बच पाएंगे।