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Kaithal News: आरोपी पुलिसकर्मी गिरफ्त से बाहर, मामला अब हाईकोर्ट पहुंचा
Fri, 18 Jul 2025 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 18 Jul 2025 12:53 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सीवन थाना क्षेत्र में पूछताछ के लिए बुलाई गई महिला ममता के साथ कथित थर्ड डिग्री टॉर्चर के मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। इस घटना को लेकर पीड़ित पक्ष ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
पीड़िता के पति रोहताश की ओर से एडवोकेट राजेश कापड़ो ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई न होने सहित अन्य अहम मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग की है।
गौरतलब है कि इस मामले में मारपीट की एफआईआर दर्ज हुए 16 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक आरोपी पुलिसकर्मी गिरफ्तार नहीं किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने आयोग को बताया था कि दो पुलिसकर्मियों को दो दिन बाद ही लाइन हाजिर किया गया था, जबकि तीसरा आरोपी होमगार्ड कर्मी है, जिसकी कार्रवाई संबंधित विभाग के माध्यम से की जा रही है।
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हाईकोर्ट ने एक दिन पूर्व ही इस मामले में सुनवाई की, हालांकि अभी सुनवाई की विस्तृत दलील सामने नहीं आई है।
आयोग ने भी जताई थी चिंता ः 10 जुलाई को हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कैथल पहुंचे थे और उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे सवाल किए थे। आयोग ने एडीजीपी करनाल कार्यालय से फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट, रोहतक पीजीआई में चिकित्सीय समिति के गठन और जांच अधिकारियों को तलब करने के निर्देश जारी किए थे।
अब तक न स्वास्थ्य परीक्षण, न अस्पताल से छुट्टी ः घटना के 18 दिन बाद भी ममता अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं हो पाई है। चंडीगढ़ पीजीआई में प्रस्तावित स्वास्थ्य परीक्षण भी अब तक नहीं हो सका है। पीजीआई प्रशासन ने इसे राज्य सरकार से निर्देश मिलने के बाद ही संभव बताया है। ऐसे में अब महिला का परीक्षण करनाल मेडिकल कॉलेज या रोहतक पीजीआई में कराने की योजना है।
घटनाक्रम एक नजर में
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26 जून : सीवन क्षेत्र से एक किशोरी लापता हुई।
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27 जून : किशोरी के अपहरण का केस दर्ज।
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29 जून : भगाने के आरोप में जांच में ममता को किया शामिल।
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29 जून : ममता ने थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाया। अस्पताल में हुई भर्ती।
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30 जून
: संगठनों ने डीसी और एसपी से मुलाकात की।
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1 जुलाई : पुलिस ने ममता के बयान दर्ज किए।
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2 जुलाई : तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज।
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3 जुलाई : एसपी ने पीजीआई चंडीगढ़ को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पत्र लिखा।
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7 जुलाई : लापता किशोरी मिली; दो युवकों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया।
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7 जुलाई : जांच करनाल एसआईटी को सौंपी गई।
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8 जुलाई : महिला आयोग ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के आदेश दिए।
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9 जुलाई : मुख्य आरोपी नसीब गिरफ्तार।
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11 जुलाई : अनुसूचित जाति आयोग कैथल पहुंचा, जांच को आगे बढ़ाते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया।
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कैथल। सीवन थाना क्षेत्र में पूछताछ के लिए बुलाई गई महिला ममता के साथ कथित थर्ड डिग्री टॉर्चर के मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। इस घटना को लेकर पीड़ित पक्ष ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
पीड़िता के पति रोहताश की ओर से एडवोकेट राजेश कापड़ो ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई न होने सहित अन्य अहम मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग की है।
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गौरतलब है कि इस मामले में मारपीट की एफआईआर दर्ज हुए 16 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक आरोपी पुलिसकर्मी गिरफ्तार नहीं किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने आयोग को बताया था कि दो पुलिसकर्मियों को दो दिन बाद ही लाइन हाजिर किया गया था, जबकि तीसरा आरोपी होमगार्ड कर्मी है, जिसकी कार्रवाई संबंधित विभाग के माध्यम से की जा रही है।
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हाईकोर्ट ने एक दिन पूर्व ही इस मामले में सुनवाई की, हालांकि अभी सुनवाई की विस्तृत दलील सामने नहीं आई है।
आयोग ने भी जताई थी चिंता ः 10 जुलाई को हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कैथल पहुंचे थे और उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे सवाल किए थे। आयोग ने एडीजीपी करनाल कार्यालय से फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट, रोहतक पीजीआई में चिकित्सीय समिति के गठन और जांच अधिकारियों को तलब करने के निर्देश जारी किए थे।
अब तक न स्वास्थ्य परीक्षण, न अस्पताल से छुट्टी ः घटना के 18 दिन बाद भी ममता अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं हो पाई है। चंडीगढ़ पीजीआई में प्रस्तावित स्वास्थ्य परीक्षण भी अब तक नहीं हो सका है। पीजीआई प्रशासन ने इसे राज्य सरकार से निर्देश मिलने के बाद ही संभव बताया है। ऐसे में अब महिला का परीक्षण करनाल मेडिकल कॉलेज या रोहतक पीजीआई में कराने की योजना है।
घटनाक्रम एक नजर में
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26 जून : सीवन क्षेत्र से एक किशोरी लापता हुई।
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27 जून : किशोरी के अपहरण का केस दर्ज।
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29 जून : भगाने के आरोप में जांच में ममता को किया शामिल।
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29 जून : ममता ने थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाया। अस्पताल में हुई भर्ती।
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30 जून
: संगठनों ने डीसी और एसपी से मुलाकात की।
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1 जुलाई : पुलिस ने ममता के बयान दर्ज किए।
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2 जुलाई : तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज।
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3 जुलाई : एसपी ने पीजीआई चंडीगढ़ को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पत्र लिखा।
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7 जुलाई : लापता किशोरी मिली
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7 जुलाई : जांच करनाल एसआईटी को सौंपी गई।
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8 जुलाई : महिला आयोग ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के आदेश दिए।
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9 जुलाई : मुख्य आरोपी नसीब गिरफ्तार।
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11 जुलाई : अनुसूचित जाति आयोग कैथल पहुंचा, जांच को आगे बढ़ाते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया।