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Kaithal News: बदहाल है बात्ता स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का 40 साल पुराना भवन

Wed, 24 Dec 2025 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 24 Dec 2025 01:07 AM IST
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The 40-year-old building of the Primary Health Center in Batta is in a dilapidated condition.
संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत। गांव बात्ता स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पूरी तरह जर्जर और बदहाल स्थिति में है। 40 साल पुराना यह भवन अब खुद बीमार है और गिरने के कगार पर है। अस्पताल की हालत इतनी खराब है कि न तो इलाज के लिए आने वाले मरीज सुरक्षित दिखते हैं और न ही स्वास्थ्य सेवाएं देने वाला स्टाफ।

दीवारों और छत की जर्जर हालत: डिलीवरी कक्ष की दीवारों में गहरी दरारें हैं और छत से लिंटर के टुकड़े गिरते रहते हैं। प्रसव के लिए आई महिलाओं को भी डर के साए में रहना पड़ता है।
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जर्जर महिला शौचालय का दरवाजा गिर चुका है। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता है, जिससे कमरे में पैर रखना तक मुश्किल हो जाता है। कई कमरे पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 40 साल से 6 गांवों की करीब 30 हजार की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाला यह केंद्र अब खुद दुर्घटना की आशंका पैदा कर रहा है। ग्रामीण अशोक कुमार, विनोद और रवि ने प्रशासन से पीएचसी का नया भवन बनाए जाने की मांग की है।
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अधिकारियों की बात : सीनियर मेडिकल ऑफिसर डा. किरण संधू ने बताया कि भवन का निरीक्षण करवाने के लिए विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। कुछ ही दिनों में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा भवन का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के बाद तय होगा कि भवन पूरी तरह से जर्जर है या मरम्मत की आवश्यकता है।


दो साल पहले राज्यपाल कर चुके हैं निरीक्षण

ग्रामीण संजीव भारद्वाज ने बताया कि जनवरी 2023 में तत्कालीन राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने भवन की जर्जर हालत और साफ-सफाई पर नाराजगी जताई थी और तत्कालीन डीसी को एक माह में भवन, फर्श और सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद दो वर्षों में न तो स्वास्थ्य विभाग और न ही सरकार ने कोई ध्यान दिया। अब भवन की जर्जर हालत के साथ स्टाफ की कमी भी बनी हुई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
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