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भगवान भरोसे कैथल नगर परिषद की कार्यप्रणाली

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Sep 2021 12:53 AM IST
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Tenders placed last month were canceled
नगर परिषद कार्यालय की कार्यप्रणाली भगवान भरोसे चल रही है। दो साल पहले मुख्यमंत्री द्वारा दस करोड़ रुपये की ग्रांट खर्च नहीं हो पा रही है। मुश्किल से करीब पांच करोड़ रुपये के टेंडर लगाए गए थे। जो अब अज्ञात कारणों के चलते रद्द कर दिए गए हैं।
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महज नंदीशाला में 30 लाख रुपये की लागत से बनने वाले शेड के लिए वर्क ऑर्डर जारी किया गया है। तीन महीने की कवायद के बाद अब 10 लाख रुपये से स्ट्रीट लाइटों को ठीक करवाए जाने का वर्क ऑर्डर जारी हुआ है।
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विदित रहे कि दो साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कैथल दौरे में 10 करोड़ रुपये से विकास कार्य करवाए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद मुश्किल से इस घोषणा पर कोड अंकित हुआ और सरकार की ओर से यह राशि भी जारी हो गई। साल भर पहले नगर परिषद कैथल में यह राशि प्राप्त हो गई थी। पार्षदों के कार्यकाल समाप्ति से पहले आपसी विवाद में यह ग्रांट वितरित नहीं हो पाई। उनके कार्यकाल समाप्ति के बाद अफसरशाही ने किसी तरह से तीन चरणों में करीब पांच करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर लगाए। जो अब अज्ञात कारणों के चलते रद्द कर दिए गए हैं। कारण क्या हैं कोई भी अधिकारी खुलासा नहीं कर रहा है। इन टेंडर में गलियां, धर्मशालाओं सहित अन्य विकास कार्य करवाए जाने हैं।
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वास्तव में प्रशासनिक कारण हैं
लंबे समय तक टेंडर न लगना, बाद में टेंडर लगाकर बिना किसी कारण के टेंडर रद्द करने पर सवाल उठ रहे हैं। कई लोगों ने तो यहां तक कहा है कि क्या कहीं कोई बदनीयति है? यदि टेंडर रद्द किया जाता है तो कारण बताया जाना चाहिए। कारण प्रशासनिक है तो बताया जाए कि क्या प्रशासनिक कारण है। क्या टेंडर सही नहीं लगाए गए? क्या टेंडर के लिए सही रेट नहीं मिला? क्या टेंडर के लिए उपयुक्त संख्या में एजेंसी नहीं आईं? या फिर कोई अन्य कारण हैं, लेकिन नगर परिषद की ओर से ऐसी कोई जानकारी नहीं दी जा रही है कि आखिर टेंडर क्यों रद्द किए जा रहे हैं।
एक्सईएन हिमांशू लाटका ने महज इतना कहा कि प्रशासनिक कारणों के चलते टेंडर रद्द किए गए हैं। 30 लाख रुपये से नंदीशाला में शेड और 10 लाख रुपये से शहर की स्ट्रीट लाइटों की रिपेयर के टेंडर का वर्क ऑर्डर जारी किया गया है।

वरिष्ठ पार्षद राकेश सरदाना का कहना है कि यह पहली बार देखा जा रहा है कि नगर परिषद में इस तरह से काम हो। इस राशि को अधिकारियों को लेप्स होने से पहले खर्च कर देना चाहिए। टेंडर रद्द करने का कारण बताना चाहिए, लेकिन यहां कोई जानकारी नहीं दी जाती। यहां कार्य भगवान भरोसे चल रहा है, जिसमें परिवर्तन की दरकार है।
विधायक लीला राम ने कहा कि उनके पास भी कुछ शिकायतें और सूचनाएं पहुंची हैं। टेंडर रद्द किए जाने के कारण पता करके इन्हें शीघ्रता से दोबारा लगवाया जाएगा।
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