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नहर में डूबे युवक की खोज में टीम के हाथ खाली
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32-पूंडरी। नहर के बाहर खड़े गोताखोर।
- फोटो : Kaithal
पूंडरी। गांव मटरवा खेड़ी व संगरोली के बीच 152डी हाईवे पुल के पास नहर में डूबे प्रवासी मजदूर प्रह्लाद का 30 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। मंगलवार को प्रह्लाद को खोजने के लिए दो प्राइवेट गोताखोर नहर में उतरे, लेकिन अंतत: खाली हाथ लौट आए। उधर, प्रशासन व 152 डी पर काम कर रही ई-5 कंपनी जहां युवक काम करता था, का रवैया उदासीन रहा।
गौरतलब है कि अलीगढ़ (यूपी) के गांव ऐदलपुर फतेहगढ़ी निवासी प्रह्लाद पुत्र केशरदेव 152 डी हाईवे के तहत चल रहे काम पर बतौर मजदूर कार्यरत था। काम करते-करते गर्मी से बचने के लिए वह नहाने के लिए सिरसा ब्रांच नहर में उतर गया। वहां बहाव तेज और गहराई होने के कारण वह बह गया। आसपास के लोगों के उसे ढूंढ़ने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद फायर बिग्रेड के कर्मचारियों और गोताखोर प्रगट सिंह की टीम ने भी करीब छह घंटे तक सर्च अभियान चलाया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा।
मंगलवार को फिर से दो प्राइवेट गोताखोर आए और उन्होंने घंटो तक प्रह्लाद का सुराग लगाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें भी सफलता हाथ नहीं लगी। वे गोताखोर सर्च अभियान की फीस 12 हजार रुपये लेकर चले गए। प्रह्लाद के परिजन अब भी इसी उम्मीद में वहां बैठे हैं कि शायद उसका कोई सुराग लग जाए। उधर, जिस कंपनी के लिए प्रह्लाद काम कर रहा था और जिला प्रशासन का रवैया पूरी तरह उदासीन बना रहा।
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ग्रामीणों व सर्च अभियान में जुटे गोताखोरों ने बताया कि जहां प्रह्लाद डूबा है, वहां 15 से 20 फीट के गड्ढे बन चुके हैं व उसकी तलाश में बाधा बन रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल निर्माण का काम कर रही कंपनी ने नहर की मिट्टी उठाकर पुल निर्माण के काम में लगा दी, जिस कारण यहां गढ्ढे बन गए और अब ये परेशानी का सबब बन रहे हैं।
10 दिन बाद वापस पढ़ाई के लिए जाना था
नहर में डूबे युवक प्रह्लाद के परिजनों चाचा चंद्रपाल व बड़े भाई सत्येंद्र ने बताया कि वह 30 दिन पहले ही यहां काम पर लगा था और 10 दिन बाद ही उसे पढ़ाई के लिए वापस जाना था। वे तीन भाई और दो बहन हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है। पूरा परिवार सोमवार रात से मौके पर पहुंचा हुआ है, लेकिन कंपनी और प्रशासन की ओर से उन्हें कोई मदद नहीं मिली है। उधर गांव वासी अरुण, विनोद, श्यामवीर, सत्यदेव, लक्ष्मी, चेतन व अजय ने बताया कि वे किराये पर साधन लेकर यहां आए थे और उन्हें उम्मीद थी कि प्रह्लाद का कोई सुराग मिल जाएगा।
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गौरतलब है कि अलीगढ़ (यूपी) के गांव ऐदलपुर फतेहगढ़ी निवासी प्रह्लाद पुत्र केशरदेव 152 डी हाईवे के तहत चल रहे काम पर बतौर मजदूर कार्यरत था। काम करते-करते गर्मी से बचने के लिए वह नहाने के लिए सिरसा ब्रांच नहर में उतर गया। वहां बहाव तेज और गहराई होने के कारण वह बह गया। आसपास के लोगों के उसे ढूंढ़ने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद फायर बिग्रेड के कर्मचारियों और गोताखोर प्रगट सिंह की टीम ने भी करीब छह घंटे तक सर्च अभियान चलाया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा।
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मंगलवार को फिर से दो प्राइवेट गोताखोर आए और उन्होंने घंटो तक प्रह्लाद का सुराग लगाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें भी सफलता हाथ नहीं लगी। वे गोताखोर सर्च अभियान की फीस 12 हजार रुपये लेकर चले गए। प्रह्लाद के परिजन अब भी इसी उम्मीद में वहां बैठे हैं कि शायद उसका कोई सुराग लग जाए। उधर, जिस कंपनी के लिए प्रह्लाद काम कर रहा था और जिला प्रशासन का रवैया पूरी तरह उदासीन बना रहा।
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ग्रामीणों व सर्च अभियान में जुटे गोताखोरों ने बताया कि जहां प्रह्लाद डूबा है, वहां 15 से 20 फीट के गड्ढे बन चुके हैं व उसकी तलाश में बाधा बन रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल निर्माण का काम कर रही कंपनी ने नहर की मिट्टी उठाकर पुल निर्माण के काम में लगा दी, जिस कारण यहां गढ्ढे बन गए और अब ये परेशानी का सबब बन रहे हैं।
10 दिन बाद वापस पढ़ाई के लिए जाना था
नहर में डूबे युवक प्रह्लाद के परिजनों चाचा चंद्रपाल व बड़े भाई सत्येंद्र ने बताया कि वह 30 दिन पहले ही यहां काम पर लगा था और 10 दिन बाद ही उसे पढ़ाई के लिए वापस जाना था। वे तीन भाई और दो बहन हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है। पूरा परिवार सोमवार रात से मौके पर पहुंचा हुआ है, लेकिन कंपनी और प्रशासन की ओर से उन्हें कोई मदद नहीं मिली है। उधर गांव वासी अरुण, विनोद, श्यामवीर, सत्यदेव, लक्ष्मी, चेतन व अजय ने बताया कि वे किराये पर साधन लेकर यहां आए थे और उन्हें उम्मीद थी कि प्रह्लाद का कोई सुराग मिल जाएगा।