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Kaithal News: देशसेवा संग सिखा रहे कबड्डी के गुर, सेना में भर्ती को करते हैं प्रेरित
Sun, 11 Aug 2024 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 11 Aug 2024 01:02 AM IST
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राजिंद्र तवंर कैथल। गुहणा गांव निवासी फौजी अमरजीत सिंह देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बने हैं। वह देश सेवा के साथ युवाओं को कबड्डी के गुर सिखा रहे हैं। साथ ही वह अब तक 40 से अधिक युवाओं को फौज में नौकरी दिलवा चुके हैं।
फौजी भारतीय सेना नासिक महाराष्ट्र में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं। वह अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी भी हैं। फौजी अमरजीत सिंह ने गांव व आसपास के जरूरतमंद युवा युवतियों को आर्मी व पुलिस में भर्ती करवाने का बीड़ा उठा रखा है। इसके साथ वह खेलों को भी बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य देश की सेवा के साथ खिलाड़ियों व जरूरतमंद लोगों की सेवा करना व अपने देश के लिए खेल कर विश्व पटल पर भारत का नाम और अधिक ऊंचा करना है।
अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी फौजी अमरजीत सिंह ने बताया कि वर्ष 2008 में वह खेल कोटे से सेना में भर्ती हुए थे। इस समय वह नासिक महाराष्ट्र में भारतीय सेना में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। भर्ती होने के बाद उन्होंने शुरुआत में ही सेना के प्रशिक्षण के दौरान सुबह शाम खेलना शुरू कर दिया था। 2008-09 में हैदराबाद सेंटर में दक्षिण कमांड में भाग लिया ओर सभी छह कमांडों में चयनित हुए। इसके बाद आर्मी चैपिंयनशिप में भाग लेकर रजत पदक जीता। इसके बाद सेंटर ने लगभग दो वर्ष तक खेल बंद कर दिए। उस समय वह वर्ष 2010-11 में जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर में तैनात रहे। जो पाकिस्तान के निकट है। देश सेवा के करते हुए वर्ष 2012 में आर्मी के खेल फिर से शुरू हुए और झांसी आकर निरंतर कबड्डी खेलने लगे। विभिन्न प्रतियोगिता में भाग लिया ओर उसका नासिक में चयन हो गया।
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हादसे में दोस्त की मौत के बाद अन्य युवाओं को तैयार करने का उठाया बीड़ा
अमरजीत ने बताया कि वर्ष 2010 से उनके एक दोस्त राजबीर सैनी की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई, वह सीनियर खिलाड़ी था और बेहतरीन कबड्डी खेलता था। उसकी मौत के बाद उसने अन्य युवाओं को तैयार करने का बीड़ा उठाया। अमरजीत अपने मित्र की याद में हर वर्ष गांव गुहणा में कबड्डी प्रतियोगिता भी करवा रहे हैं। अब तक सात टूर्नामेंट करवा चुके हैं। जब भी गांव गुहणा में छुट्टी जाते हैं तो युवाओं का विशेष शिविर लगाकर उन्हें प्रशिक्षण देते हैं। प्रशिक्षण लेने वालों में आठ से 15 व 19 वर्ष के लड़के व लड़कियां भी शामिल हैं। गांव गुहणा में ग्रामीणों के सहयोग से आईटीआई के निकट ही पंचायत ने चार किले खेल के दिए हुए हैं, जिसमें लगभग 400 मीटर ट्रैक व खेल मैदान है। पिछले कई वर्षों से फौजी अमरजीत सिंह से प्रशिक्षण लेकर युवा सेना में नौकरी पा चुके हैं। अबतक लगभग 40 युवा सेना में नौकरी प्राप्त कर चुके हैं। इसमें 25 युवा गांव गुहणा के और बाकी अन्य गांवों के हैं। अमरजीत सिंह जरूरतमंद खिलाडिय़ों को अपनी तरफ से खेल किट व अन्य सामान भी उपलब्ध करवाते हैं, ताकि कोई भी प्रतिभावान युवा गरीबी की वजह से लक्ष्य से पीछे न रह जाए। अमरजीत का कहना है कि उनके छोटे से प्रयास से किसी की जिदंगी संवर जाए तो इससे बड़ी खुशी उसे नहीं मिल सकती।
फौजी अमरजीत सिंह की खेल उपलब्धियां
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वर्ष 2006 में स्टेट जूनियर में स्वर्ण पदक व राष्ट्रीय जूनियर में रजत पदक जीता।
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वर्ष 2007 में राष्ट्रीय जूनियर में कांस्य पदक जीता।
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वर्ष 2009 में तोपखाना सेंटर हैदराबाद से खेलते हुए आंध्र प्रदेश, तामिलनाडु, केरल और कर्नाटक में स्वर्ण पदक जीते।
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वर्ष 2009 में आर्मी दक्षिण कमांड में रजत पदक जीता।
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वर्ष 2013 में 31वीं आर्मड कबड्डी चैपिंयनशिप में स्वर्ण पदक जीता व दक्षिण कमांड में बेस्ट खिलाड़ी चयनित हुए।
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वर्ष 2013 में आर्मी कबड्डी चैपिंयनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
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वर्ष 2013 में आर्टी सेंटर नासिक में सेंटर की टीम में चयन हो गया।
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वर्ष 2014 में पटना में आयोजित राष्ट्रीय सीनियर कबड्डी प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन दिखाया।
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वर्ष 2014-15 में एमजी व जी एरिया में गोवा, गुजरात से खेलकर स्वर्ण पदक जीता।
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वर्ष 2015 में आर्मी कबड्डी चैपिंयनशिप में रजत पदक जीता व ग्रीन आर्मी टीम में चयन होगया।
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वर्ष 2016 में कबड्डी लीग दिल्ली में राजस्थान टीम में कैप्टन की भूमिका निभाते हुए रजत पदक जीता।
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वर्ष 2017 में एमपी प्रो कबड्डी लीग इंदौर में स्वर्ण पदक जीता व बेस्ट रेडर का अवार्ड मिला।
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वर्ष 2018 में इंडो अंतरराष्ट्रीय प्रीमियर कबड्डी लीग में पुणे, मैसूर, व बंगलुरू में पुणे प्राइड टीम में कप्तान की भूमिका निभाते हुए टीम ने रजत पदक व 25 हजार रुपये का इनाम जीता।
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वर्ष 2019 में मलेशिया में हुई विश्व कप कबड्डी में भी कप्तान की भूमिका निभाते हुए स्वर्ण पदक जीता व मैन ऑफ दी सीरिज रहे।
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वर्ष 2021 में ईस्टर्न कमांड कोलकाता में आर्मी चैपिंयनशिप में रजत पर जीता।
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इन पदकों के अलावा ऑल इंडिया में विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया व बेस्ट खिलाड़ी का पुरस्कार प्राप्त किया।
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फौजी भारतीय सेना नासिक महाराष्ट्र में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं। वह अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी भी हैं। फौजी अमरजीत सिंह ने गांव व आसपास के जरूरतमंद युवा युवतियों को आर्मी व पुलिस में भर्ती करवाने का बीड़ा उठा रखा है। इसके साथ वह खेलों को भी बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य देश की सेवा के साथ खिलाड़ियों व जरूरतमंद लोगों की सेवा करना व अपने देश के लिए खेल कर विश्व पटल पर भारत का नाम और अधिक ऊंचा करना है।
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अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी फौजी अमरजीत सिंह ने बताया कि वर्ष 2008 में वह खेल कोटे से सेना में भर्ती हुए थे। इस समय वह नासिक महाराष्ट्र में भारतीय सेना में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। भर्ती होने के बाद उन्होंने शुरुआत में ही सेना के प्रशिक्षण के दौरान सुबह शाम खेलना शुरू कर दिया था। 2008-09 में हैदराबाद सेंटर में दक्षिण कमांड में भाग लिया ओर सभी छह कमांडों में चयनित हुए। इसके बाद आर्मी चैपिंयनशिप में भाग लेकर रजत पदक जीता। इसके बाद सेंटर ने लगभग दो वर्ष तक खेल बंद कर दिए। उस समय वह वर्ष 2010-11 में जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर में तैनात रहे। जो पाकिस्तान के निकट है। देश सेवा के करते हुए वर्ष 2012 में आर्मी के खेल फिर से शुरू हुए और झांसी आकर निरंतर कबड्डी खेलने लगे। विभिन्न प्रतियोगिता में भाग लिया ओर उसका नासिक में चयन हो गया।
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हादसे में दोस्त की मौत के बाद अन्य युवाओं को तैयार करने का उठाया बीड़ा
अमरजीत ने बताया कि वर्ष 2010 से उनके एक दोस्त राजबीर सैनी की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई, वह सीनियर खिलाड़ी था और बेहतरीन कबड्डी खेलता था। उसकी मौत के बाद उसने अन्य युवाओं को तैयार करने का बीड़ा उठाया। अमरजीत अपने मित्र की याद में हर वर्ष गांव गुहणा में कबड्डी प्रतियोगिता भी करवा रहे हैं। अब तक सात टूर्नामेंट करवा चुके हैं। जब भी गांव गुहणा में छुट्टी जाते हैं तो युवाओं का विशेष शिविर लगाकर उन्हें प्रशिक्षण देते हैं। प्रशिक्षण लेने वालों में आठ से 15 व 19 वर्ष के लड़के व लड़कियां भी शामिल हैं। गांव गुहणा में ग्रामीणों के सहयोग से आईटीआई के निकट ही पंचायत ने चार किले खेल के दिए हुए हैं, जिसमें लगभग 400 मीटर ट्रैक व खेल मैदान है। पिछले कई वर्षों से फौजी अमरजीत सिंह से प्रशिक्षण लेकर युवा सेना में नौकरी पा चुके हैं। अबतक लगभग 40 युवा सेना में नौकरी प्राप्त कर चुके हैं। इसमें 25 युवा गांव गुहणा के और बाकी अन्य गांवों के हैं। अमरजीत सिंह जरूरतमंद खिलाडिय़ों को अपनी तरफ से खेल किट व अन्य सामान भी उपलब्ध करवाते हैं, ताकि कोई भी प्रतिभावान युवा गरीबी की वजह से लक्ष्य से पीछे न रह जाए। अमरजीत का कहना है कि उनके छोटे से प्रयास से किसी की जिदंगी संवर जाए तो इससे बड़ी खुशी उसे नहीं मिल सकती।
फौजी अमरजीत सिंह की खेल उपलब्धियां
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वर्ष 2006 में स्टेट जूनियर में स्वर्ण पदक व राष्ट्रीय जूनियर में रजत पदक जीता।
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वर्ष 2007 में राष्ट्रीय जूनियर में कांस्य पदक जीता।
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वर्ष 2009 में तोपखाना सेंटर हैदराबाद से खेलते हुए आंध्र प्रदेश, तामिलनाडु, केरल और कर्नाटक में स्वर्ण पदक जीते।
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वर्ष 2009 में आर्मी दक्षिण कमांड में रजत पदक जीता।
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वर्ष 2013 में 31वीं आर्मड कबड्डी चैपिंयनशिप में स्वर्ण पदक जीता व दक्षिण कमांड में बेस्ट खिलाड़ी चयनित हुए।
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वर्ष 2013 में आर्मी कबड्डी चैपिंयनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
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वर्ष 2013 में आर्टी सेंटर नासिक में सेंटर की टीम में चयन हो गया।
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वर्ष 2014 में पटना में आयोजित राष्ट्रीय सीनियर कबड्डी प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन दिखाया।
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वर्ष 2014-15 में एमजी व जी एरिया में गोवा, गुजरात से खेलकर स्वर्ण पदक जीता।
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वर्ष 2015 में आर्मी कबड्डी चैपिंयनशिप में रजत पदक जीता व ग्रीन आर्मी टीम में चयन होगया।
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वर्ष 2016 में कबड्डी लीग दिल्ली में राजस्थान टीम में कैप्टन की भूमिका निभाते हुए रजत पदक जीता।
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वर्ष 2017 में एमपी प्रो कबड्डी लीग इंदौर में स्वर्ण पदक जीता व बेस्ट रेडर का अवार्ड मिला।
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वर्ष 2018 में इंडो अंतरराष्ट्रीय प्रीमियर कबड्डी लीग में पुणे, मैसूर, व बंगलुरू में पुणे प्राइड टीम में कप्तान की भूमिका निभाते हुए टीम ने रजत पदक व 25 हजार रुपये का इनाम जीता।
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वर्ष 2019 में मलेशिया में हुई विश्व कप कबड्डी में भी कप्तान की भूमिका निभाते हुए स्वर्ण पदक जीता व मैन ऑफ दी सीरिज रहे।
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वर्ष 2021 में ईस्टर्न कमांड कोलकाता में आर्मी चैपिंयनशिप में रजत पर जीता।
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इन पदकों के अलावा ऑल इंडिया में विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया व बेस्ट खिलाड़ी का पुरस्कार प्राप्त किया।