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Kaithal News: बीएलओ पर अनावश्यक दबाव के विरोध में शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
Tue, 23 Jun 2026 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 23 Jun 2026 12:33 AM IST
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प्रदर्शन कर तहसीलदार को मांगों का ज्ञापन सौंपते शिक्षक। विज्ञप्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) कार्य को लेकर बीएलओ पर बनाए जा रहे अनावश्यक दबाव के विरोध में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ एवं स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले शिक्षकों ने जिला सचिवालय पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने अपनी मांगों का ज्ञापन चुनाव आयुक्त हरियाणा के नाम तहसीलदार को सौंपा।
इस अवसर पर राज्य महासचिव रामपाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 15 जून से चल रहा गहन पुनरीक्षण कार्य शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश अध्यापकों की ड्यूटी बीएलओ के रूप में लगाए जाने से कई विद्यालय लगभग खाली हो गए हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की ओर से बीएलओ पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। गणना प्रपत्रों को निर्धारित समय से पहले, मात्र चार से पांच दिनों में वितरित करने का लक्ष्य दिया जा रहा है तथा प्रतिदिन दो बार गूगल शीट के माध्यम से रिपोर्ट मांगी जा रही है, जिससे कार्य का तनाव बढ़ रहा है।
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शिक्षकों ने कहा कि अधिकांश मतदाता गणना प्रपत्र स्वयं भरने में सक्षम नहीं हैं, जिसके कारण त्रुटियों की संभावना बनी रहती है और पूरा कार्य बीएलओ को ही करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिना किसी सहायक कर्मचारी के यह कार्य अकेले बीएलओ के लिए अत्यंत कठिन और समय लेने वाला है। साथ ही तकनीकी सहायता भी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानाचार्यों, पीजीटी एवं टीजीटी शिक्षकों को सुपरवाइजर तथा कंट्रोल रूम में नोडल अधिकारी बनाकर विद्यालयों और विद्यार्थियों से दूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का दबाव अन्य राज्यों में भी बीएलओ पर मानसिक तनाव और गंभीर घटनाओं का कारण बन चुका है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले का संज्ञान नहीं लिया तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य चुनाव आयोग एवं सरकार की होगी।
इस अवसर पर ओमपाल भाल, शमशेर कालिया, जोगिंद्र सिंह, गुरुदेव जांगड़ा, कृष्ण आर्य, रामभगत, हीरा सिंह, सरदुल सिंह, राममेहर, राकेश कुमार, सतीश कुमार, कर्मवीर व कृष्ण कुमार मौजूद रहे।
बॉक्स
एसआईआर गैर-शैक्षणिक कार्य, नियमों के खिलाफ: शिक्षक संगठन
जिला प्रधान रामफल दयौरा एवं जिला सचिव अमरनाथ किठानिया ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 24 एवं 27 के अनुसार शिक्षकों से किसी प्रकार का गैर-शैक्षणिक कार्य नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक शिक्षकों को ऐसे कार्यों में लगाना अधिनियम की भावना के विपरीत है।
उन्होंने मांग की कि इस कार्य के लिए अलग से योग्य एवं शिक्षित बेरोजगार युवाओं की नियुक्ति की जाए, ताकि उन्हें रोजगार मिले और शिक्षण व्यवस्था भी प्रभावित न हो।
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कैथल। एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) कार्य को लेकर बीएलओ पर बनाए जा रहे अनावश्यक दबाव के विरोध में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ एवं स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले शिक्षकों ने जिला सचिवालय पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने अपनी मांगों का ज्ञापन चुनाव आयुक्त हरियाणा के नाम तहसीलदार को सौंपा।
इस अवसर पर राज्य महासचिव रामपाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 15 जून से चल रहा गहन पुनरीक्षण कार्य शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश अध्यापकों की ड्यूटी बीएलओ के रूप में लगाए जाने से कई विद्यालय लगभग खाली हो गए हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की ओर से बीएलओ पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। गणना प्रपत्रों को निर्धारित समय से पहले, मात्र चार से पांच दिनों में वितरित करने का लक्ष्य दिया जा रहा है तथा प्रतिदिन दो बार गूगल शीट के माध्यम से रिपोर्ट मांगी जा रही है, जिससे कार्य का तनाव बढ़ रहा है।
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शिक्षकों ने कहा कि अधिकांश मतदाता गणना प्रपत्र स्वयं भरने में सक्षम नहीं हैं, जिसके कारण त्रुटियों की संभावना बनी रहती है और पूरा कार्य बीएलओ को ही करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिना किसी सहायक कर्मचारी के यह कार्य अकेले बीएलओ के लिए अत्यंत कठिन और समय लेने वाला है। साथ ही तकनीकी सहायता भी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानाचार्यों, पीजीटी एवं टीजीटी शिक्षकों को सुपरवाइजर तथा कंट्रोल रूम में नोडल अधिकारी बनाकर विद्यालयों और विद्यार्थियों से दूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का दबाव अन्य राज्यों में भी बीएलओ पर मानसिक तनाव और गंभीर घटनाओं का कारण बन चुका है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले का संज्ञान नहीं लिया तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य चुनाव आयोग एवं सरकार की होगी।
इस अवसर पर ओमपाल भाल, शमशेर कालिया, जोगिंद्र सिंह, गुरुदेव जांगड़ा, कृष्ण आर्य, रामभगत, हीरा सिंह, सरदुल सिंह, राममेहर, राकेश कुमार, सतीश कुमार, कर्मवीर व कृष्ण कुमार मौजूद रहे।
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एसआईआर गैर-शैक्षणिक कार्य, नियमों के खिलाफ: शिक्षक संगठन
जिला प्रधान रामफल दयौरा एवं जिला सचिव अमरनाथ किठानिया ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 24 एवं 27 के अनुसार शिक्षकों से किसी प्रकार का गैर-शैक्षणिक कार्य नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक शिक्षकों को ऐसे कार्यों में लगाना अधिनियम की भावना के विपरीत है।
उन्होंने मांग की कि इस कार्य के लिए अलग से योग्य एवं शिक्षित बेरोजगार युवाओं की नियुक्ति की जाए, ताकि उन्हें रोजगार मिले और शिक्षण व्यवस्था भी प्रभावित न हो।