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शिक्षक बोले-जल्द से जल्द प्रयोग में लाए जाएं स्कूलों में मौजूद डिजिटल बोर्ड

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Feb 2022 01:27 AM IST
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Teacher said - Digital boards present in schools should be used as soon as possible
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग ने जिले के कई बड़े विद्यालयों में नए डिजिटल बोर्ड स्थापित करने का निर्णय लिया है। कैथल, कलायत, गुहला, पूंडरी, राजौंद, सीवन और ढांड क्षेत्र के 55 स्कूलों का विभाग ने डिजिटल बोर्ड बनाने के लिए चयन किया है। हालांकि कई स्कूलों में पहले से बोर्ड स्थापित हैं लेकिन अब तक स्कूलों में इन बोर्डों का प्रयोग सुचारु नहीं हो पाया है। ऐसे में शिक्षक वर्ग ने नए बोर्ड बनाने के साथ-साथ पहले से मौजूद सुविधाओं को सुचारु करने की मांग की है।
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शिक्षकों का कहना है कि स्कूलों में पहले से मौजूद और आगे स्थापित होने वाले ये बोर्ड पूरी तरह से डिजिटल शिक्षा पर आधारित हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थियों की शिक्षा कंप्यूटर पर आधारित होगी। एक स्कूल में बोर्ड स्थापित करने पर कम से कम पांच से 10 लाख रुपये विभाग से खर्च किए जा रहे हैं। विभाग का प्रयास होना चाहिए कि इन्हें जल्द शुरू कर दिया जाए ताकि विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके। जिला शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा ने कहा कि फिलहाल कोरोना के चलते स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाएं सुचारु नहीं हो पाई हैं। बच्चों की संख्या बढ़ते ही पहले से मौजूद बोर्डों का प्रयोग शुरू कर दिया जाएगा। नए बोर्ड स्थापित होते ही उन्हें भी प्रयोग में लाया जाएगा।
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हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन से जुड़े शिक्षक जितेंद्र कुमार ने कहा कि बोर्ड स्थापित होने से विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान भी मिलेगा। साथ ही डिजिटल शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा। ऐसे में जिले के स्कूलों में बोर्ड स्थापित करना सकारात्मक कदम है।
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डिजिटल बोर्ड स्थापित करने के संबंध में सर्व कर्मचारी संघ के प्रेस प्रवक्ता मास्टर सतबीर गोयत ने कहा कि भले ही बोर्ड विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद हैं लेकिन जहां पहले से हैं वहां भी इनका प्रयोग नहीं हो रहा। सबसे पहले प्रयास होना चाहिए कि पहले उन स्थानों पर बोर्ड शुरू किए जाएं। इनके जरिये विद्यार्थियों को काफी लाभ होगा।

हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ से जुड़े शिक्षक बलजीत गोपेरा ने कहा कि डिजिटल बोर्ड स्थापित होने से स्कूलों में विद्यार्थियों को लाभ होगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों का कंप्यूटर ज्ञान बढ़ेगा। डिजिटल बोर्ड के जरिये कंप्यूटर की तरह डेटा कॉपी करने और प्रिंट निकालने जैसी सुविधाएं बच्चों को मिलेंगी।
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