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Kaithal News: ईको-फ्रेंडली दिवाली मनाने का लें संकल्प

Thu, 31 Oct 2024 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 31 Oct 2024 12:59 AM IST
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Take a pledge to celebrate eco-friendly Diwali
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल/कलायत। जिले में पराली जलाने के दो नए मामले बुधवार को आए। वीरवार को दिवाली है और लोग पटाखे छुड़ाएंगे। ऐसे में वायु प्रदूषण बढ़ेगा। हालात से बचना है तो ईको-फ्रेंडली दिवाली मनाने का संकल्प सभी को लेना चाहिए। यह जागरूक लोगों का कहना है। यदि छुड़ाना है ग्रीन पटाखे प्रयोग करें।

उधर, कलायत नगर पालिका की ओर से स्वच्छ दिवाली शुभ दिवाली का संदेश देते हुए विभिन्न रैलियां और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान बाजारों और आवासीय क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ दीपावली त्योहार मनाने के लिए प्रदूषण न करने की अपील की गई। इसके तहत एसडीएम एवं नपा प्रशासक सत्यवान सिंह मान के निर्देश पर पालिका सचिव पवन शर्मा द्वारा विशेष कार्ययोजना तय की गई।
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इसके तहत स्वच्छ भारत अभियान संयोजक सुरेश चहल, सफाई सुपरवाइजर सोमप्रकाश शर्मा, डोर टू डोर सुपरवाइजर नवीन राणा, वर्क सुपरवाइजर अमित राणा, सुरेश मौण और विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ नपा से संबंधित विकास एवं जनहित कार्यों के प्रति जागरूकता पर आधारित कार्यक्रम गतिमान हुए।
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नपा सचिव पवन शर्मा और लेखाकार सचिन गिल ने बताया कि त्योहार देश की गौरवशाली पहचान को चार-चांद लगाने का माध्यम है। इसलिए त्योहारों को इस तरह से मनाएं कि जिससे आपसी सौहार्द एवं भाईचारा की भावना मजबूत हो। यह तभी संभव है जब सभी वर्गों के बीच सहयोग-तालमेल की भावना सुदृढ़ रहे। कलायत नगर पालिका समग्र विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए सजग है। इसके साथ ही जन जागरूकता को लेकर निरंतर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

ये होते हैं ग्रीन पटाखे
ग्रीन पटाखों का साइज छोटा होता है और ये राख नहीं छोड़ते हैं। दरअसल, ये डस्ट रिप्रेसेंट मिलाकर बनाए जाते हैं, ताकि हवा में प्रदूषण कम फैले। साधारण पटाखों में बैरियम का उपयोग किया जाता है, लेकिन इनसे प्रदूषण ज्यादा फैलता है।

...और रहे सावधान
संकरी गलियों में पटाखे न जलाएं। बेहतर होगा कि आप खुले स्थानों और पार्कों का इस्तेमाल करें। सिंथेटिक कपड़े न पहनें। बेहतर होगा कि आप मोटे सूती कपड़े पहनें। ढीले कपड़े न पहनें। यदि जल जाएं तो उस हिस्से पर कोई क्रीम, मलहम या तेल न लगाएं। जले हुए स्थान को कम से कम 20 मिनट तक ठंडे बहते पानी के नीचे रखें । जले हुए स्थान को ठंडा करने से दर्द, सूजन और निशान पड़ने का जोखिम कम होगा। जले हुए स्थान को जितनी जल्दी और लंबे समय तक ठंडा किया जाएगा, चोट का प्रभाव उतना ही कम होगा।
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