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Kaithal News: कलायत में सजूमा के सूर्य कुंड तीर्थ को जीर्णोद्धार की दरकार
Sun, 22 Dec 2024 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 22 Dec 2024 12:39 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। पिछले लगभग एक दशक से अपने विकास के लिए गांव सजूमा का सूर्य कुंड तीर्थ बांट जोह रहा है। यहां पर शुकदेव मुनि जी का भव्य मंदिर व गुफा विद्यमान है, जो प्राचीन समय से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रही हैं। पंडित राम जी का दावा है कि इस मंदिर का इतिहास करीब 2200 साल पुराना है।
मान्यता के अनुसार, शुकदेव मुनि जी ने इस गुफा में तपस्या की थी। मंदिर की इस गुफा में शुकदेव जी महाराज की भव्य प्रतिमा स्थापित है। माना जाता है कि शुकदेव मुनि के नाम पर ही गांव सजूमा का नामकरण हुआ है। मंदिर में हर मास की पंचमी को मेला लगता है जिसमें दूर दराज से लोग आकर पूजा अर्चना करते हैं। ज्येष्ठ मास की पंचमी को इस स्थान पर वार्षिक भव्य मेला का आयोजन भी लगातार हो रहा है।
तीर्थ व मंदिर कमेटी के प्रधान रमेश सैनी ने बताया कि वर्ष 2011 में तत्कालीन सरकार की अनुशंसा से कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने इस तीर्थ का जीर्णोद्धार किया था। एक बार तीर्थ का सुंदरीकरण करने के बाद केडीबी ने कभी भी तीर्थ की संभाल नहीं की। उस समय में भी कुछ कार्य अधूरे रह गए थे जो आज तक पूरे नहीं हो पाए। बिना रखरखाव के यह तीर्थ खंडहर होने की कगार पर है।
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प्रधान रमेश सैनी ने बताया कि तीर्थ की चारदीवारी की सबसे बड़ी आवश्यकता है। चार दीवारी न होने के कारण आवारा पशु तीर्थ में घुस आते हैं और कई बार वे तीर्थ में गिर जाते हैं। जिन्हें निकालने में कमेटी के लोगों को भारी मशक्कत करना पड़ती है। तीर्थ पर बिजली व पानी की कोई सुविधा नहीं है। परिक्रमा मार्ग टूट रहा है और महिला घाट तो पूरी तरह से खंडहर बन गया। महिला घाट की छत टूट चुकी है और उसमें बड़ी संख्या में सांपों का जमावड़ा बना हुआ है। तीर्थ के पानी की निकासी का कोई प्रबंध न होने के कारण पानी दुर्गंधमय है।
उन्होंने कहा कि इन समस्याओं व तीर्थ की मांगों को लेकर कमेटी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधिकारियों से कई बार मिल चुकी पर आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। बलबीर सैनी ने बताया कि इस तीर्थ की स्पेशल रिपेयर के लिए लोक निर्माण विभाग कैथल कार्यालय से 16 जून 2023 को चीफ इंजीनियर (भवन) लोक निर्माण विभाग चंडीगढ़ को 62 लाख 08 हजार रुपए का एस्टीमेट बना कर भेजा गया था। डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी भेजे गए एस्टीमेट पर कोई ध्यान ही नहीं दिया गया।
बताया गया कि रमेश सैनी, डा.सुभाष, बलबीर सिंह, रमेश कुमार, रणजीत सिंह, रणधीर सैनी, रोशन लाल, अरुण, राजू वर्मा आदी ने कहा कि इस विषय को लेकर गांव के लोगों का एक शिष्टमंडल मुख्यमंत्री नायब सैनी से मिलेगा। इस दौरान उन्हें इस हालात की जानकारी देने के साथ इस तीर्थ के विकास के लिए मांग की जाएगी।
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कलायत। पिछले लगभग एक दशक से अपने विकास के लिए गांव सजूमा का सूर्य कुंड तीर्थ बांट जोह रहा है। यहां पर शुकदेव मुनि जी का भव्य मंदिर व गुफा विद्यमान है, जो प्राचीन समय से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रही हैं। पंडित राम जी का दावा है कि इस मंदिर का इतिहास करीब 2200 साल पुराना है।
मान्यता के अनुसार, शुकदेव मुनि जी ने इस गुफा में तपस्या की थी। मंदिर की इस गुफा में शुकदेव जी महाराज की भव्य प्रतिमा स्थापित है। माना जाता है कि शुकदेव मुनि के नाम पर ही गांव सजूमा का नामकरण हुआ है। मंदिर में हर मास की पंचमी को मेला लगता है जिसमें दूर दराज से लोग आकर पूजा अर्चना करते हैं। ज्येष्ठ मास की पंचमी को इस स्थान पर वार्षिक भव्य मेला का आयोजन भी लगातार हो रहा है।
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तीर्थ व मंदिर कमेटी के प्रधान रमेश सैनी ने बताया कि वर्ष 2011 में तत्कालीन सरकार की अनुशंसा से कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने इस तीर्थ का जीर्णोद्धार किया था। एक बार तीर्थ का सुंदरीकरण करने के बाद केडीबी ने कभी भी तीर्थ की संभाल नहीं की। उस समय में भी कुछ कार्य अधूरे रह गए थे जो आज तक पूरे नहीं हो पाए। बिना रखरखाव के यह तीर्थ खंडहर होने की कगार पर है।
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प्रधान रमेश सैनी ने बताया कि तीर्थ की चारदीवारी की सबसे बड़ी आवश्यकता है। चार दीवारी न होने के कारण आवारा पशु तीर्थ में घुस आते हैं और कई बार वे तीर्थ में गिर जाते हैं। जिन्हें निकालने में कमेटी के लोगों को भारी मशक्कत करना पड़ती है। तीर्थ पर बिजली व पानी की कोई सुविधा नहीं है। परिक्रमा मार्ग टूट रहा है और महिला घाट तो पूरी तरह से खंडहर बन गया। महिला घाट की छत टूट चुकी है और उसमें बड़ी संख्या में सांपों का जमावड़ा बना हुआ है। तीर्थ के पानी की निकासी का कोई प्रबंध न होने के कारण पानी दुर्गंधमय है।
उन्होंने कहा कि इन समस्याओं व तीर्थ की मांगों को लेकर कमेटी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधिकारियों से कई बार मिल चुकी पर आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। बलबीर सैनी ने बताया कि इस तीर्थ की स्पेशल रिपेयर के लिए लोक निर्माण विभाग कैथल कार्यालय से 16 जून 2023 को चीफ इंजीनियर (भवन) लोक निर्माण विभाग चंडीगढ़ को 62 लाख 08 हजार रुपए का एस्टीमेट बना कर भेजा गया था। डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी भेजे गए एस्टीमेट पर कोई ध्यान ही नहीं दिया गया।
बताया गया कि रमेश सैनी, डा.सुभाष, बलबीर सिंह, रमेश कुमार, रणजीत सिंह, रणधीर सैनी, रोशन लाल, अरुण, राजू वर्मा आदी ने कहा कि इस विषय को लेकर गांव के लोगों का एक शिष्टमंडल मुख्यमंत्री नायब सैनी से मिलेगा। इस दौरान उन्हें इस हालात की जानकारी देने के साथ इस तीर्थ के विकास के लिए मांग की जाएगी।