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Kaithal News: दम घोंट रहा वायु प्रदूषण एक्यूआई श्रेणी-बहुत बुरा
Tue, 19 Nov 2024 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 19 Nov 2024 01:28 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में चौथे दिन भी वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक रहा। सोमवार को वायु प्रदूषण का स्तर फिर 326 से पार दर्ज किया है। यह छोटे बच्चे व बीमार लोगों के लिए तो गंभीर है ही, इसके साथ ही स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी हानिकारक है। गौरतलब है कि 300 से ज्यादा एक्यूआई बहुत बुरा श्रेणी में माना जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में हैं तब तक छोटे बच्चों व बुजुर्गों को बाहर नहीं घूमना चाहिए। बता दें कि पिछले करीब 10 दिनों से वायु प्रदूषण के स्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। सोमवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक औसतन 326 और अधिकतम 500 दर्ज किया है।
गौरतलब है कि दीपावली के बाद कुछ दिन तो वायु प्रदूषण से राहत मिली, लेकिन 15 दिन बीतने के बाद फिर से वायु प्रदूषण के स्तर में बदलाव होना शुरू हुआ है। चिकित्सक ऐसे मौसम में बीमारों को बाहर जाने से बचने की सलाह दे रहे हैं। यदि किसी को जाना भी पड़े तो मास्क या कपड़े से अपने चेहरे को ढक कर निकलें। इसके बाद पानी से अपना चेहरा धोएं, ताकि प्रदूषण के कण हमारे शरीर में प्रवेश न कर सकें। अस्पताल में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।
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सिविल अस्पताल में रोजाना ओपीडी में 400 से 500 तक मरीज पहुंच रहे हैं। बदन दर्द, बुखार, नजला, खांसी व गले के इंफेक्शन मिल रहे हैं। इनमें प्लेटलेट्स कम होने के मरीज भी सामने आ रहे हैं। गंभीर मरीज को अस्पताल में दाखिल कर इलाज किया जा रहा है। बाकियों को ब्लड सैंपल की रिपोर्ट के मुताबिक दवाइयां व परामर्श देकर भेजा जा रहा है।
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कैथल। जिले में चौथे दिन भी वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक रहा। सोमवार को वायु प्रदूषण का स्तर फिर 326 से पार दर्ज किया है। यह छोटे बच्चे व बीमार लोगों के लिए तो गंभीर है ही, इसके साथ ही स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी हानिकारक है। गौरतलब है कि 300 से ज्यादा एक्यूआई बहुत बुरा श्रेणी में माना जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में हैं तब तक छोटे बच्चों व बुजुर्गों को बाहर नहीं घूमना चाहिए। बता दें कि पिछले करीब 10 दिनों से वायु प्रदूषण के स्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। सोमवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक औसतन 326 और अधिकतम 500 दर्ज किया है।
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गौरतलब है कि दीपावली के बाद कुछ दिन तो वायु प्रदूषण से राहत मिली, लेकिन 15 दिन बीतने के बाद फिर से वायु प्रदूषण के स्तर में बदलाव होना शुरू हुआ है। चिकित्सक ऐसे मौसम में बीमारों को बाहर जाने से बचने की सलाह दे रहे हैं। यदि किसी को जाना भी पड़े तो मास्क या कपड़े से अपने चेहरे को ढक कर निकलें। इसके बाद पानी से अपना चेहरा धोएं, ताकि प्रदूषण के कण हमारे शरीर में प्रवेश न कर सकें। अस्पताल में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।
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सिविल अस्पताल में रोजाना ओपीडी में 400 से 500 तक मरीज पहुंच रहे हैं। बदन दर्द, बुखार, नजला, खांसी व गले के इंफेक्शन मिल रहे हैं। इनमें प्लेटलेट्स कम होने के मरीज भी सामने आ रहे हैं। गंभीर मरीज को अस्पताल में दाखिल कर इलाज किया जा रहा है। बाकियों को ब्लड सैंपल की रिपोर्ट के मुताबिक दवाइयां व परामर्श देकर भेजा जा रहा है।