{"_id":"6a021fed8c91121d4801f4e1","slug":"students-displayed-their-technical-talent-in-model-exhibition-and-poster-making-kaithal-news-c-245-1-kht1013-149208-2026-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: मॉडल प्रदर्शनी और पोस्टर मेकिंग में विद्यार्थियों ने दिखाई तकनीकी प्रतिभा,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: मॉडल प्रदर्शनी और पोस्टर मेकिंग में विद्यार्थियों ने दिखाई तकनीकी प्रतिभा,
Mon, 11 May 2026 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 11 May 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
आईटीआई में प्रदर्शनी का अवलोकन करते मुख्य अतिथि। संस्थान
- फोटो : गुरुगुज पुरवा गांव के पास प्रदर्शन करते ग्रामीण।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। राजकीय आईटीआई कैथल के सभागार में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय सेमिनार, मॉडल प्रदर्शनी एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विज्ञान और तकनीक आधारित मॉडल प्रस्तुत कर अपनी रचनात्मकता और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कंवल कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि डीआईपीआरओ कैथल नसीब सैनी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य एवं जिला युवा समन्वयक अधिकारी सतीश मच्छाल ने की।
सतीश मच्छाल ने कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 11 मई 1998 को पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण ने भारत को विश्व के प्रमुख तकनीकी राष्ट्रों में स्थापित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में नवाचार के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि कंवल कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष का थीम “यंत्र-युगांतर फॉर एडवांसिंग न्यू टेक्नोलॉजी, रिसर्च एंड एक्सीलरेशन” नवाचार और तकनीकी विकास के महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और नवाचारकों के योगदान ने देश को तकनीकी रूप से मजबूत बनाया है और युवाओं को भी इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि नसीब सैनी ने कहा कि भारत ने अंतरिक्ष अनुसंधान, परमाणु ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों को अपनाने और शोध के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में विज्ञान विशेषज्ञ के रूप में डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज कैथल की सहायक प्राचार्य डॉ. रुपाली चुघ, जिला विज्ञान विशेषज्ञ सुशील कुमार तथा आईएमसी सोसाइटी आईटीआई कैथल के नरेश कुमार उपस्थित रहे।
विज्ञापन
कैथल। राजकीय आईटीआई कैथल के सभागार में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय सेमिनार, मॉडल प्रदर्शनी एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विज्ञान और तकनीक आधारित मॉडल प्रस्तुत कर अपनी रचनात्मकता और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कंवल कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि डीआईपीआरओ कैथल नसीब सैनी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य एवं जिला युवा समन्वयक अधिकारी सतीश मच्छाल ने की।
विज्ञापन
सतीश मच्छाल ने कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 11 मई 1998 को पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण ने भारत को विश्व के प्रमुख तकनीकी राष्ट्रों में स्थापित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में नवाचार के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि कंवल कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष का थीम “यंत्र-युगांतर फॉर एडवांसिंग न्यू टेक्नोलॉजी, रिसर्च एंड एक्सीलरेशन” नवाचार और तकनीकी विकास के महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और नवाचारकों के योगदान ने देश को तकनीकी रूप से मजबूत बनाया है और युवाओं को भी इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि नसीब सैनी ने कहा कि भारत ने अंतरिक्ष अनुसंधान, परमाणु ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों को अपनाने और शोध के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में विज्ञान विशेषज्ञ के रूप में डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज कैथल की सहायक प्राचार्य डॉ. रुपाली चुघ, जिला विज्ञान विशेषज्ञ सुशील कुमार तथा आईएमसी सोसाइटी आईटीआई कैथल के नरेश कुमार उपस्थित रहे।