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Kaithal News: देवीगढ़ गांव के सरकारी स्कूल के जर्जर भवन में विद्यार्थी बना रहे अपना भविष्य
Sun, 03 Aug 2025 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 03 Aug 2025 01:03 AM IST
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13 कैथल। देवीगढ़ स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में कमरे से बाहर लगाई जा रही कक्षाएं। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सरकारी स्कूलों की शिक्षा सुधार योजनाएं मंचों पर गूंजती हैं, लेकिन हकीकत ज़मीनी स्तर पर खंडहर बन चुकी इमारतों में दम तोड़ती नजर आती हैं। शहर से सटे देवीगढ़ गांव का राजकीय माध्यमिक विद्यालय इसका ताज़ा उदाहरण है, जहां बच्चे जर्जर भवन में जान हथेली पर रखकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
वर्ष 1987 में स्थापित यह स्कूल 2018 में प्राथमिक से माध्यमिक में अपग्रेड हुआ था, लेकिन भवन अब भी पुराने ढर्रे पर ही खड़ा है।
पांच कमरे पूरी तरह जर्जर घोषित हो चुके हैं, जिनकी छतों से बारिश में पानी टपकता है, दीवारों में दरारें हैं और प्लास्टर झड़ चुका है। इसके बावजूद इन्हीं कमरों में बच्चों की कक्षाएं चल रही हैं, क्योंकि इन्हें अभी तक औपचारिक रूप से उपयोग से बाहर नहीं किया गया। कई बार बाहर भी कक्षाएं लगानी पड़ती है। सरकार की ओर से वर्ष 2017 में छह नए कमरे बनाए गए थे, जबकि हाल ही में केवल दो और कमरों का निर्माण हुआ है लेकिन जरूरत और खतरे दोनों बने हुए हैं।
रिपोर्ट कार्ड
राजकीय माध्यमिक विद्यालय, देवीगढ़
स्थापना वर्ष
1987
विद्यार्थी संख्या
345
शिक्षकों के स्वीकृत पद
15
कार्यरत शिक्षक
15
कुल कमरे
15
कंडम कमरे
05
जरूरी अतिरिक्त कमरे
05
विद्यालय में जर्जर हो चुके कमरों के स्थान पर नए कक्ष निर्माण की प्रक्रिया जारी है। समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय से बजट की स्वीकृति मांगी गई है। बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। -कला देवी, मुख्य अध्यापक, राजकीय माध्यमिक विद्यालय, देवीगढ़
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कैथल। सरकारी स्कूलों की शिक्षा सुधार योजनाएं मंचों पर गूंजती हैं, लेकिन हकीकत ज़मीनी स्तर पर खंडहर बन चुकी इमारतों में दम तोड़ती नजर आती हैं। शहर से सटे देवीगढ़ गांव का राजकीय माध्यमिक विद्यालय इसका ताज़ा उदाहरण है, जहां बच्चे जर्जर भवन में जान हथेली पर रखकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
वर्ष 1987 में स्थापित यह स्कूल 2018 में प्राथमिक से माध्यमिक में अपग्रेड हुआ था, लेकिन भवन अब भी पुराने ढर्रे पर ही खड़ा है।
पांच कमरे पूरी तरह जर्जर घोषित हो चुके हैं, जिनकी छतों से बारिश में पानी टपकता है, दीवारों में दरारें हैं और प्लास्टर झड़ चुका है। इसके बावजूद इन्हीं कमरों में बच्चों की कक्षाएं चल रही हैं, क्योंकि इन्हें अभी तक औपचारिक रूप से उपयोग से बाहर नहीं किया गया। कई बार बाहर भी कक्षाएं लगानी पड़ती है। सरकार की ओर से वर्ष 2017 में छह नए कमरे बनाए गए थे, जबकि हाल ही में केवल दो और कमरों का निर्माण हुआ है लेकिन जरूरत और खतरे दोनों बने हुए हैं।
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रिपोर्ट कार्ड
राजकीय माध्यमिक विद्यालय, देवीगढ़
स्थापना वर्ष
1987
विद्यार्थी संख्या
345
शिक्षकों के स्वीकृत पद
15
कार्यरत शिक्षक
15
कुल कमरे
15
कंडम कमरे
05
जरूरी अतिरिक्त कमरे
05
विद्यालय में जर्जर हो चुके कमरों के स्थान पर नए कक्ष निर्माण की प्रक्रिया जारी है। समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय से बजट की स्वीकृति मांगी गई है। बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। -कला देवी, मुख्य अध्यापक, राजकीय माध्यमिक विद्यालय, देवीगढ़

13 कैथल। देवीगढ़ स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में कमरे से बाहर लगाई जा रही कक्षाएं। संवाद

13 कैथल। देवीगढ़ स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में कमरे से बाहर लगाई जा रही कक्षाएं। संवाद

13 कैथल। देवीगढ़ स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में कमरे से बाहर लगाई जा रही कक्षाएं। संवाद
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