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Kaithal News: कोर्स बंद होने से विद्यार्थियों में रोष
Sun, 29 Sep 2024 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 29 Sep 2024 02:32 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। प्रदेश की पहली संस्कृत विश्वविद्यालय महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय मुदंड़ी में पीजी कार्यक्रम में अनुवाद और जीवन प्रबंधन विषय का कोर्स शुरू होने से पहले ही बंद हो गया है। इन दोनों ही कोर्स बंद होने से विद्यार्थियों में रोष है। दरअसल, इस समय अन्य कॉलेजों में भी पीजी कार्यक्रम के कोर्स के दाखिले का समय जा चुका है।
ऐसे में इस कोर्स के विद्यार्थी अन्य कॉलेजों में दाखिले से वंचित रहेंगे। ऐसे में बंद हुए कोर्स में दाखिला ले चुके विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिल पाएगा। बता दें कि विवि प्रशासन ने पीजी कार्यक्रम में दो डिप्लोमा कोर्स बंद करने का निर्णय लिया है। इसमें विवि की ओर से इसी सत्र में शुरू किए गए अनुवाद और जीवन प्रबंधन डिप्लोमा शामिल हैं।
इसी वर्ष शुरू किया था कोर्स, शुरू होने से पहले बंद ः विवि प्रशासन ने इसी साल ही पीजी कार्यक्रम के तहत यह दो डिप्लोमा कोर्स शुरू किए थे। परंतु यह कोर्स शुरू होने से पहले ही बंद कर दिए गए हैं। कोर्स के बंद करने को लेकर विवि ने एक दिन पहले ही पत्र जारी करके दी थी। पत्र में बताया गया था कि 2024-25 के नए शैक्षणिक सत्र के लिए डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्रवेश की अंतिम तिथि 10 सितंबर 2014 निर्धारित की गई थी।
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इसमें पीजी कार्यक्रम के लिए अनुवाद में डिप्लोमा शुरू किया था। इसमें अंग्रेजी से हिंदी और हिंदी से अंग्रेज़ी पाठ्यक्रम में कुल आठ दाखिले हुए हैं। जीवन प्रबंधन डिप्लोमा में दो दाखिले हुए हैं। इसलिए इस सत्र में यह दोनों ही डिप्लोमा कोर्स संचालित नहीं किए जाएंगे।
व्याकरण, साहित्य, ज्योतिष, दर्शन, धर्मशास्त्र, वेद विषयों से शास्त्री एवं आचार्य पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं और योग से बीए और एमए पाठ्यक्रम संचालित हैं साथ ही हिन्दू अध्ययन से एमए पाठ्यक्रम संचालित है।
विवि में जो पीजी कार्यक्रम कोर्स बंद किए गए हैं। यह दोनों ही कोर्स डिप्लोमा कोर्स हैं, जो पार्ट टाइम किए जाते हैं। इन दोनों कोर्स में दाखिले के लिए 40-40 सीटें निर्धारित की गई थी, लेकिन इसमें 20-20 दाखिले भी नहीं हो पाए हैं। अब यह कोर्स आगामी सत्र से शुरू किए जाएंगे। -डॉ. रमेश चंद्र भारद्वाज, विवि के कुलपति
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कैथल। प्रदेश की पहली संस्कृत विश्वविद्यालय महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय मुदंड़ी में पीजी कार्यक्रम में अनुवाद और जीवन प्रबंधन विषय का कोर्स शुरू होने से पहले ही बंद हो गया है। इन दोनों ही कोर्स बंद होने से विद्यार्थियों में रोष है। दरअसल, इस समय अन्य कॉलेजों में भी पीजी कार्यक्रम के कोर्स के दाखिले का समय जा चुका है।
ऐसे में इस कोर्स के विद्यार्थी अन्य कॉलेजों में दाखिले से वंचित रहेंगे। ऐसे में बंद हुए कोर्स में दाखिला ले चुके विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिल पाएगा। बता दें कि विवि प्रशासन ने पीजी कार्यक्रम में दो डिप्लोमा कोर्स बंद करने का निर्णय लिया है। इसमें विवि की ओर से इसी सत्र में शुरू किए गए अनुवाद और जीवन प्रबंधन डिप्लोमा शामिल हैं।
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इसी वर्ष शुरू किया था कोर्स, शुरू होने से पहले बंद ः विवि प्रशासन ने इसी साल ही पीजी कार्यक्रम के तहत यह दो डिप्लोमा कोर्स शुरू किए थे। परंतु यह कोर्स शुरू होने से पहले ही बंद कर दिए गए हैं। कोर्स के बंद करने को लेकर विवि ने एक दिन पहले ही पत्र जारी करके दी थी। पत्र में बताया गया था कि 2024-25 के नए शैक्षणिक सत्र के लिए डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्रवेश की अंतिम तिथि 10 सितंबर 2014 निर्धारित की गई थी।
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इसमें पीजी कार्यक्रम के लिए अनुवाद में डिप्लोमा शुरू किया था। इसमें अंग्रेजी से हिंदी और हिंदी से अंग्रेज़ी पाठ्यक्रम में कुल आठ दाखिले हुए हैं। जीवन प्रबंधन डिप्लोमा में दो दाखिले हुए हैं। इसलिए इस सत्र में यह दोनों ही डिप्लोमा कोर्स संचालित नहीं किए जाएंगे।
व्याकरण, साहित्य, ज्योतिष, दर्शन, धर्मशास्त्र, वेद विषयों से शास्त्री एवं आचार्य पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं और योग से बीए और एमए पाठ्यक्रम संचालित हैं साथ ही हिन्दू अध्ययन से एमए पाठ्यक्रम संचालित है।
विवि में जो पीजी कार्यक्रम कोर्स बंद किए गए हैं। यह दोनों ही कोर्स डिप्लोमा कोर्स हैं, जो पार्ट टाइम किए जाते हैं। इन दोनों कोर्स में दाखिले के लिए 40-40 सीटें निर्धारित की गई थी, लेकिन इसमें 20-20 दाखिले भी नहीं हो पाए हैं। अब यह कोर्स आगामी सत्र से शुरू किए जाएंगे। -डॉ. रमेश चंद्र भारद्वाज, विवि के कुलपति