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देरी से रोल नंबर मिलने से विद्यार्थी परेशान
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल
Updated Tue, 09 Sep 2014 11:38 PM IST
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हरियाणा शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली से जिले के दर्जनों स्कूल मुखिया व विद्यार्थी परेशान हैं। हरियाणा शिक्षा बोर्ड की ओर से विद्यार्थियों के रोल नंबर समय पर जारी न करने से स्कूल मुखियाओं को भिवानी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। परीक्षा के लिए सिर्फ एक दिन शेष रहने के कारण विद्यार्थियों और स्कूल प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से नौ सितंबर को विद्यार्थियों के रोल नंबर भिवानी से लेकर आए हैं। प्रधानाचार्य सतीश कक्कड़ व प्राध्यापक अशोक कुमार ने बताया कि बोर्ड विद्यार्थियों व स्कूल मुखियाओं के लिए परेशानी पैदा रहा है। जबसे ऑनलाइन आवेदन फार्म जमा होने आरंभ हुए तब से यह समस्या आ रही है।
भिवानी जाने के बाद बोर्ड के अधिकारी वहां मौजूद नहीं होते हैं। कंपनियों के ठेकेदार रोल नंबर देने के लिए बैठे हैं। उन्होंने बताया कि जिले के करीब 12 स्कूलों के प्राध्यापक वहां से परीक्षाओं के एक दिन पूर्व रोल नंबर लेने के लिए गए हुए हैं। कई घंटे लाइनों में खड़े होकर विद्यार्थियों के रोल नंबर मिले हैं। विद्यार्थियों के रोल नंबर न मिलने के कारण अभिभावक स्कूल प्राध्यापकों से आकर झगड़ा करते हैं।
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परीक्षा आज, अभी तक नहीं मिला रोल नंबर
विद्यार्थी सोनिया, जसप्रीत, मोनिका, सपना, पारूल ने बताया कि दस सितंबर को उनकी परीक्षा है। अभी तक रोल नंबर नहीं मिला है। स्कूल प्रधानाचार्य ने बताया कि रोल नंबर लेने के लिए बोर्ड में प्राध्यापक भेजा गया है जो नौ सितंबर शाम तक रोल नंबर लेकर आएगा। विद्यार्थियों ने बताया कि रोल नंबर न मिलने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एक क्लिक और एक हजार की पेनल्टी
विद्यार्थियों के ऑनलाइन आवेदन करने में अगर किसी विद्यार्थी का फार्म दोबारा से क्लिक हो जाता है तो सॉफ्टवेयर दूसरी बार भी विद्यार्थियों की संख्या लेता है जिसके कारण स्कूल मुखियाओं को पेनल्टी के तौर पर एक हजार रुपये प्रति विद्यार्थी के हिसाब से देना होता है। ऐसे में कई स्कूलों में मुखियाओं पर विद्यार्थियों के फार्म ऑनलाइन करने की पेनल्टी लग चुकी है। पेनल्टी का पैसे स्कूल मुखियाओं को देना पड़ रहा है।
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राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से नौ सितंबर को विद्यार्थियों के रोल नंबर भिवानी से लेकर आए हैं। प्रधानाचार्य सतीश कक्कड़ व प्राध्यापक अशोक कुमार ने बताया कि बोर्ड विद्यार्थियों व स्कूल मुखियाओं के लिए परेशानी पैदा रहा है। जबसे ऑनलाइन आवेदन फार्म जमा होने आरंभ हुए तब से यह समस्या आ रही है।
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भिवानी जाने के बाद बोर्ड के अधिकारी वहां मौजूद नहीं होते हैं। कंपनियों के ठेकेदार रोल नंबर देने के लिए बैठे हैं। उन्होंने बताया कि जिले के करीब 12 स्कूलों के प्राध्यापक वहां से परीक्षाओं के एक दिन पूर्व रोल नंबर लेने के लिए गए हुए हैं। कई घंटे लाइनों में खड़े होकर विद्यार्थियों के रोल नंबर मिले हैं। विद्यार्थियों के रोल नंबर न मिलने के कारण अभिभावक स्कूल प्राध्यापकों से आकर झगड़ा करते हैं।
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परीक्षा आज, अभी तक नहीं मिला रोल नंबर
विद्यार्थी सोनिया, जसप्रीत, मोनिका, सपना, पारूल ने बताया कि दस सितंबर को उनकी परीक्षा है। अभी तक रोल नंबर नहीं मिला है। स्कूल प्रधानाचार्य ने बताया कि रोल नंबर लेने के लिए बोर्ड में प्राध्यापक भेजा गया है जो नौ सितंबर शाम तक रोल नंबर लेकर आएगा। विद्यार्थियों ने बताया कि रोल नंबर न मिलने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एक क्लिक और एक हजार की पेनल्टी
विद्यार्थियों के ऑनलाइन आवेदन करने में अगर किसी विद्यार्थी का फार्म दोबारा से क्लिक हो जाता है तो सॉफ्टवेयर दूसरी बार भी विद्यार्थियों की संख्या लेता है जिसके कारण स्कूल मुखियाओं को पेनल्टी के तौर पर एक हजार रुपये प्रति विद्यार्थी के हिसाब से देना होता है। ऐसे में कई स्कूलों में मुखियाओं पर विद्यार्थियों के फार्म ऑनलाइन करने की पेनल्टी लग चुकी है। पेनल्टी का पैसे स्कूल मुखियाओं को देना पड़ रहा है।