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दो महात्माओं के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए साध्वी बैठी अनशन पर
कैथ्ाल/ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Dec 2015 12:24 AM IST
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एक ही गुरु के दो शिष्यों में पिछले 42 वर्षों से चल रहे विवाद को सुलझाकर उन्हें एक मंच पर लाने के लिए एक साध्वी ने अनशन का रास्ता अपनाया है। देवी मैत्रेयी आनंद उर्फ डाक्टर सुशील मंगलवार को गुरु ब्रह्मानंद चौक पर स्थित गुरु जी प्रतिमा के सामने अनिश्चित कालीन अनशन पर बैठ गई। उनका कहना है कि गुरु ब्रह्मानंद जी के दो शिष्यों स्वामी बलेश्वरानंद सरस्वती एवं स्वामी जगदीशानंद में पिछले 42 सालों से विवाद चल रहा है और मामला कोर्ट तक पहुंच चुका है। पूंडरी में गुरु जी के नाम से चल रहा गुरु ब्रह्मïानंद पब्लिक स्कूल भी इसी झगड़े की भेंट चढ़ गया और हालत ये हुई की इसे बंद करना पड़ा। इसी झगड़े को खत्म करने एवं संस्था की एकता और अखंडता के लिए साध्वी ने अनशन का रास्ता अपनाया है। साध्वी मैत्रेयी का कहना है कि दोनों महात्माओं के आपसी झगड़े के कारण गुरु जी की शिक्षाओं का हनन हो रहा है और गुरु जी के मानने वालों पर भी गलत असर हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक दोनों महात्मा एक नहीं होते वो अनशन पर बैठी रहेगी।
इस बारे में जब गुरु जी के समाधि स्थल पूंडरी के महात्मा स्वामी बलेश्वरानंद सरस्वती जी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके बीच में कोई मनमुटाव नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों महात्मा अपने-अपने तरीके से गुरु जी की शिक्षाओं का प्रचार कर रहे है।
वहीं, गुरु ब्रह्मानंद जन्म स्थल चूहड़माजरा के महात्मा जगदीशानंद ने कहा कि उन्हें इसमें कोई परेशानी नहीं है। जैसा भक्त चाहेंगे वे उसी में सहमत होंगे।
इस बारे में जब गुरु जी के समाधि स्थल पूंडरी के महात्मा स्वामी बलेश्वरानंद सरस्वती जी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके बीच में कोई मनमुटाव नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों महात्मा अपने-अपने तरीके से गुरु जी की शिक्षाओं का प्रचार कर रहे है।
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वहीं, गुरु ब्रह्मानंद जन्म स्थल चूहड़माजरा के महात्मा जगदीशानंद ने कहा कि उन्हें इसमें कोई परेशानी नहीं है। जैसा भक्त चाहेंगे वे उसी में सहमत होंगे।