फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Strike ends, PR paddy not sold due to wet

हड़ताल खत्म, गीला होने से नहीं बिका पीआर धान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 28 Sep 2022 01:42 AM IST
विज्ञापन
Strike ends, PR paddy not sold due to wet
07 कैथल। नई अनाज मंडी में हड़ताल स्थगित होने के बाद बोरियों में डाला गया धान। - फोटो : Kaithal
कैथल। आढ़तियों की हड़ताल खत्म होने के बाद मंगलवार को अनाज मंडियों में धान खरीद का कार्य शुरू हुआ। हड़ताल समाप्त होने के बाद किसानों को 1509 धान के अच्छे भाव भी मिले। मंगलवार को यह 3710 रुपये प्रति क्विंटल बिका जबकि गीला होने के कारण पीआर धान नहीं बिका। किसानों का कहना है कि यदि हड़ताल और बारिश न होती तो किसानों को नुकसान न उठाना पड़ता। इस दौरान करीब आठ क्विंटल धान बिका। दूसरी ओर एक अक्तूबर से पीआर धान की सरकारी खरीद शुरू करने की तैयारी है।
विज्ञापन

गौरतलब है कि ई-नेम पोर्टल प्रणाली के विरोध में जिलेभर की अनाज मंडियों में पिछले हफ्ते सोमवार से हड़ताल शुरू हुई थी और इसके बाद आई बारिश ने किसानों पर आफत ला दी। राइस मिलरों ने जब खरीद शुरू की भी तो किसानों को भाव कम मिले। इस प्रकार धान सीजन के शुरुआती दौर में किसानों को तिहरी मार पड़ी। इससे किसानों में निराशा रही। नाराजगी जताने के लिए उन्होंने प्रदर्शन भी किया था। अंतत: लंबी प्रतीक्षा के बाद मंगलवार को आढ़तियों ने हड़ताल खत्म कर दी। इसके बाद धान की खरीद शुरू हो गई है।
विज्ञापन

किसान कुलबीर, सुमित और सौरभ ने बताया कि आढ़तियों की हड़ताल का उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा है। बारिश व हड़ताल के कारण इस बार सीजन में काफी नुकसान हुआ है। अब मंडी में धान लेकर आए हैं, आज अच्छे भाव धान के मिले। पिछले साल की अपेक्षा इस बार 1509 धान के अच्छे भाव मंडियों में मिल रहे हैं, पिछले साल 2800 से तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल तक धान बिका था।
विज्ञापन
विज्ञापन

दूसरी ओर पीआर धान की सरकारी खरीद अभी तक शुरू नहीं की गई है। अभी केवल निजी एजेंसियों की तरफ से खरीदा जा रहा है। जो समर्थन मूल्य से कम मिल रहा है। किसानों की मांग थी कि 25 सितंबर से शुरू की जाए, लेकिन सरकार ने एक अक्तूबर से खरीद शुरू करने की बात कही है। पीआर धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2060 रुपये प्रति क्विंटल है। इस कारण किसानों को 100 से 150 रुपये का नुकसान हो रहा है।
मार्केट कमेटी कैथल के सचिव सतवीर राविश ने बताया कि हड़ताल के बाद राइस मिलर मंडियों में पहुंच रहे हैं। अच्छे भाव किसानों को 1509 के मिल रहे हैं। पीआर धान गीला होने के कारण नहीं बिका है। एक अक्तूबर से सरकारी एजेंसियां धान की खरीद करेंगी। किसान धान को सुखाकर लेकर आएं, ताकि अच्छे भाव मिल सके। उन्होंने बताया कि नई अनाज मंडी में तीन गेट, पुरानी में एक व अतिरिक्त अनाज मंडी में दो गेट बनाए गए हैं, ताकि गेट पास को लेकर कोई परेशानी किसानों को न आए।

अनाज मंडी वाले समाचार में जिला प्रधान का पक्ष
जिला मंडी एसोसिएशन के प्रधान अश्वनी शोरेवाला ने कहा कि सरकार ने ई-नेम प्रणाली को वापस लेने का एलान किया है। जबकि दूसरी मांगे नहीं मानी है। वहीं, किसानों की परेशानी को देखते हुए आढ़तियों ने राज्य कार्यकारिणी की बैठक के बाद हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed