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दो घंटे की हड़ताल, मरीजों हुए बेहाल
ब्यूरो कैथल
Updated Tue, 06 Sep 2016 11:49 PM IST
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इलाज के लिए भटकते रहे मरीज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन की दो घंटे की हड़ताल से मंगलवार को जिला अस्पताल में हाहाकार मच गया। यह हड़ताल डॉक्टरों पर वर्क लोड अधिक होने के कारण की गई थी। सुबह आठ बजे से लेकर 10 बजे तक हुई हड़ताल से मरीजों के परिजन इलाज के लिए मारे-मारे अस्पताल में फिरते रहे। सुबह करीब आठ बजे आए मरीज 11 बजे तक डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। हड़ताल के दौरान केवल इमरजेंसी सेवाएं जारी रही।
अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण लगातार बढ़ रहे वर्क लोड के कारण डॉक्टरों ने मंगलवार हड़ताल का एलान किया था। सुबह आठ बजे से लेकर दस बजे तक सांकेतिक हड़ताल के चलते सुबह कोई भी डॉक्टर दो घंटे तक सीट पर नहीं पहुंचा। जबकि मरीज इलाज के लिए पहुंच गए थे। आखों के चेकअप रूम, महिला वार्ड, सर्जन वार्ड के बाहर मरीजों की भीड़ उमड़ी रही। डॉक्टरों के इंतजार में मरीजों के वार्डों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी रही।
13 डॉक्टर कर रहे हैं 42 का काम
सामान्य अस्पताल में 42 डॉक्टरों की आवश्यकता है। जबकि उनके पास केवल 13 डॉक्टर है। इसी प्रकार फील्ड में 78 डॉक्टरों की आवश्यकता है। जिसमें से केवल 18 डॉक्टर है। ऐसे में वर्क लोड अधिक होने के कारण डॉक्टरों ने हड़ताल की। उन्होंने बताया कि वर्क लोड अधिक होने के कारण वह काम करने में सफर कर रहे है। जिसमें क्वालिटी की कोई संभावना नहीं है।
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सुबह आठ बजे आए थे नहीं मिला इलाज
गांव डीग निवासी सूबे सिंह ने बताया कि वह सांस का मरीज है, सुबह करीब आठ बजे आए थे। लेकिन डॉक्टर सीट पर नहीं मिले। लाइन में वह खड़ा होने में असमर्थ हैं। वह पिछले दो घंटे में अस्पताल के फर्श पर लेटे हुए हैं। ऐसे में उनकी हालत काफी नाजुक हो गई है।
तीन घंटे से डॉक्टर में लिए भटक रहा हूं
गांव पाड़ला निवासी महीपाल राणा ने बताया कि तीन घंटे से पर्ची कटवाकर डॉक्टर का इंतजार कर रहा हूूं। तबीयत बहुत ज्यादा खराब है। डॉक्टर से मौके पर जाकर प्रार्थना की थी, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की।
चार बार मिल चुकी है तारीख
गांव चौशाला निवासी केलो देवी ने बताया कि उसे चार बार आंखों के लिए तारीख मिल चुकी है। आज उसकी आंखों का ऑपरेशन होना था। लेकिन डॉक्टरों की हड़ताल के कारण ऑपरेशन नहीं हो सका है। ना ही उसको तारीख मिली है। जिसके कारण वह बहुत परेशान है।
डॉक्टर कम होने के कारण वर्क लोड बढ़ रहा है : डा. देवेन्द्र सिंह
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के जिला उप प्रधान डा. देवेन्द्र सिंह ने बताया कि राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर यह दो घंटे की हड़ताल की गई थी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में 42 डॉक्टरों की आवश्यकता है, जिसमें से केवल 13 डॉक्टर हैं। इसी प्रकार फील्ड में पीएचसी सहित कुल 78 डॉक्टरों की आवश्यकता है लेकिन केवल 18 डॉक्टर हैं। ऐसे में मरीजों के अधिक होने के कारण डॉक्टर उनका इलाज अच्छे से नहीं कर पाते। वर्क लोड अधिक होने कारण डॉक्टरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि 11 सितंबर को करनाल में मीटिंग का आयोजन किया गया है। जिसमें डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की मांग, स्पेशलिस्ट तैयारी के लिए पीजी पॉलिसी में सुधार, सभी भत्ते केंद्र के सामान लागू करने की मांग रखी जाएगी। इस मौके पर डॉक्टर सचिन, आरडी चावला सहित अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।
अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी है। जिसके कारण डॉक्टरों पर काफी वर्क लोड है। अस्पताल में करीब 1400 से 1500 ओपीडी हो जाती है। जिसके कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मनीष बंसल, सीएमओ
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अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण लगातार बढ़ रहे वर्क लोड के कारण डॉक्टरों ने मंगलवार हड़ताल का एलान किया था। सुबह आठ बजे से लेकर दस बजे तक सांकेतिक हड़ताल के चलते सुबह कोई भी डॉक्टर दो घंटे तक सीट पर नहीं पहुंचा। जबकि मरीज इलाज के लिए पहुंच गए थे। आखों के चेकअप रूम, महिला वार्ड, सर्जन वार्ड के बाहर मरीजों की भीड़ उमड़ी रही। डॉक्टरों के इंतजार में मरीजों के वार्डों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी रही।
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13 डॉक्टर कर रहे हैं 42 का काम
सामान्य अस्पताल में 42 डॉक्टरों की आवश्यकता है। जबकि उनके पास केवल 13 डॉक्टर है। इसी प्रकार फील्ड में 78 डॉक्टरों की आवश्यकता है। जिसमें से केवल 18 डॉक्टर है। ऐसे में वर्क लोड अधिक होने के कारण डॉक्टरों ने हड़ताल की। उन्होंने बताया कि वर्क लोड अधिक होने के कारण वह काम करने में सफर कर रहे है। जिसमें क्वालिटी की कोई संभावना नहीं है।
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सुबह आठ बजे आए थे नहीं मिला इलाज
गांव डीग निवासी सूबे सिंह ने बताया कि वह सांस का मरीज है, सुबह करीब आठ बजे आए थे। लेकिन डॉक्टर सीट पर नहीं मिले। लाइन में वह खड़ा होने में असमर्थ हैं। वह पिछले दो घंटे में अस्पताल के फर्श पर लेटे हुए हैं। ऐसे में उनकी हालत काफी नाजुक हो गई है।
तीन घंटे से डॉक्टर में लिए भटक रहा हूं
गांव पाड़ला निवासी महीपाल राणा ने बताया कि तीन घंटे से पर्ची कटवाकर डॉक्टर का इंतजार कर रहा हूूं। तबीयत बहुत ज्यादा खराब है। डॉक्टर से मौके पर जाकर प्रार्थना की थी, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की।
चार बार मिल चुकी है तारीख
गांव चौशाला निवासी केलो देवी ने बताया कि उसे चार बार आंखों के लिए तारीख मिल चुकी है। आज उसकी आंखों का ऑपरेशन होना था। लेकिन डॉक्टरों की हड़ताल के कारण ऑपरेशन नहीं हो सका है। ना ही उसको तारीख मिली है। जिसके कारण वह बहुत परेशान है।
डॉक्टर कम होने के कारण वर्क लोड बढ़ रहा है : डा. देवेन्द्र सिंह
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के जिला उप प्रधान डा. देवेन्द्र सिंह ने बताया कि राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर यह दो घंटे की हड़ताल की गई थी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में 42 डॉक्टरों की आवश्यकता है, जिसमें से केवल 13 डॉक्टर हैं। इसी प्रकार फील्ड में पीएचसी सहित कुल 78 डॉक्टरों की आवश्यकता है लेकिन केवल 18 डॉक्टर हैं। ऐसे में मरीजों के अधिक होने के कारण डॉक्टर उनका इलाज अच्छे से नहीं कर पाते। वर्क लोड अधिक होने कारण डॉक्टरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि 11 सितंबर को करनाल में मीटिंग का आयोजन किया गया है। जिसमें डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की मांग, स्पेशलिस्ट तैयारी के लिए पीजी पॉलिसी में सुधार, सभी भत्ते केंद्र के सामान लागू करने की मांग रखी जाएगी। इस मौके पर डॉक्टर सचिन, आरडी चावला सहित अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।
अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी है। जिसके कारण डॉक्टरों पर काफी वर्क लोड है। अस्पताल में करीब 1400 से 1500 ओपीडी हो जाती है। जिसके कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मनीष बंसल, सीएमओ