फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Stray animals roaming the streets have become a cause of trouble.

Kaithal News: सड़कों पर घूम रहे आवारा पशु बने परेशानी का सबब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Nov 2025 03:48 AM IST
विज्ञापन
Stray animals roaming the streets have become a cause of trouble.
कलायत। कस्बे की सड़कों पर घूम रहे गोवंश, आवारा कुत्ते और अन्य पशु लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। नगर की सडक़ों पर बैठे गो वंशों के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना ही पड़ता है। कई बार गोवंश भी बुरी तरह से घायल हो जाता है। रेलवे रोड़, कपिल मुनि रोड़, सजूमा रोड़ आदी की सडक़ों पर शाम को बड़ी संख्या में गाेवंश बैठे रहते हैं दोपहिया वाहन तो किसी तरह से निकल जाते हैं पर चार पहिया वाहनों को निकलने का भी मार्ग नहीं मिलता है। जिससे सायंकाल में तो रेलवे रोड़ पर जाम की स्थिति ही बनी रहती है।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार इस समय अनाज मंडी में धान की सीजन चल रहा है जिससे रेलवे रोड़ पर वाहनों की गहमागहमी बनी रहती है उस पर आवारा गोवंश का सडक़ पर कब्जा भारी परेशानी का सबब बना हुआ है। गली मुहल्लों में बड़ी संख्या में झुंड बना कर घूमने वाले आवारा कुत्ते भी लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बने हुए हैं। कई बार तो ये आवारा कुत्ते हिंसक हो उठते हैं और लोगों को काट लेते हैं। इस प्रकार की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। कलायत सीएचसी में पिछले मास में कुत्तों के काटे जाने के 105 रोगी आए जिन्हें रैबीज इंजेक्शन दिए जा रहे हैं। इसी तरह से पिछले मास में गांव बात्ता की पीएचसी में भी आवारा कुत्तों के काटने के 15 केस आए हैं। संवाद
विज्ञापन


आवारा बंदर घरों में घुस कर मचाते हैं उत्पात

नगर में बड़ी संख्या में डेरा डाले बंदरों का समूह भी लोगों के लिए भारी समस्या का कारण बना हुआ है। आवारा बंदर घरों में घुस कर उत्पात मचाते हैं और कई बार तो काट भी लेते हैं। सुनीता, अनुराधा, मोनिका आदी महिलाओं का कहना है कि कई बार तो बंदर फ्रिज खोल कर खाने का सामान तक निकाल कर ले जाते हैं। कपिल मुनि मंदिर परिसर, माई वाला डेरा, ब्रिक टेंपल परिसर व सिरसा ब्रांच के किनारे तो आवारा बंदरों का भारी जमावड़ा है। कई बार तो मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के हाथों से प्रसाद तक छीन कर ले जाते हैं। रमेश कुमार, सुरेंद्र, राजीव आदी ने कहा कि नहर के किनारे पर सुबह जब वे लोग घूमने जाते हैं तो कई बार बंदरों को झुंड उन पर टूट पड़ता है इस लिए हाथों में डंडे लेकर ही सुबह की सैर पर जाना पड़ता है। नगर के लोगों ने आवारा गौवंश, आवारा कुत्तों व बंदरों पर अंकुश लगाने की मांग की है। लोगों की मांग है कि नगरपालिका प्रशासन गायों को गौशाला व बंदरों को पकड़ कर जंगल में भिजवाए और कुत्तों की नसबंदी के अभियान को शुरू करे ताकि उनकी जनसंख्या पर लगाम लग सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed