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Kaithal News: आंधी से तबाही, 515 पेड़ और 800 खंभे गिरे
Fri, 23 May 2025 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 23 May 2025 01:11 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिलेभर में बुधवार देर शाम आंधी ने खूब तबाही मचाई। इस कारण बिजली निगम व वन विभाग को काफी नुकसान हुआ है। जिले में अलग-अलग जगहों पर 515 पेड़ गिरे। इस दौरान पूंडरी क्षेत्र में 175, चीका क्षेत्र में 180 व कैथल क्षेत्र में 160 पेड़ धराशायी हो गए।
इसके अलावा करीब 800 बिजली के खंभे भी गिर गए। 70 ट्रांसफार्मरों को क्षति भी पहुंची। आंधी के कारण रात के समय ग्रामीण क्षेत्र में करीब चार घंटे तक बिजली भी गुल रही। इस कारण लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्हें गर्मी में ही रात गुजरानी पड़ी।
हालांकि इस दौरान जिले में कुछ ही जगहों पर हल्की बारिश हुई। आंधी के चलते कैथल-खनौरी रोड पर स्थित ओम विश्वा राइस मिल में चिमनी गिर गई। इसके साथ ही शेड की चादर भी उड़ गई। मिल के मालिक दीपक गर्ग ने बताया कि गनीमत रही कि यह किसी पर नहीं गिरी।
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जिले में अलग-अलग मुख्य मार्गों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने के कारण रास्ता भी अवरुद्ध हुआ। इस दौरान चीका, कैथल व सीवन, चीका, पूंडरी और राजौंद क्षेत्र में पेड़ व बिजली के खंभे गिरने के कारण जाम की स्थिति बनी रही।
राजौंद क्षेत्र में सौंगल-जाखौली और हरसौला से सौंगल मार्ग पर करीब एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी। वहीं, कैथल-पटियाला स्टेट हाईवे पर तीन से चार जगह पर बीच सड़क पर पेड़ गिरने के कारण अलग-अलग समय में करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा। इस कारण वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दूसरी ओर आंधी से सीवन क्षेत्र में मौसम में सब्जियों को नुकसान भी हुआ है। इसमें बेल वाली सब्जियों को नुकसान पहुंचा है। कई किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
बुधवार देर शाम को आए आंधी के कारण निगम को भारी नुकसान हुआ है। इस दौरान सैकड़ों खंभे और 70 ट्रांसफार्मर गिरे हैं। इसके चलते कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली करीब छह घंटे तक आपूर्ति प्रभावित रही, लेकिन बारिश रुकने के बाद तुरंत ही कर्मियों ने व्यवस्था बना दी थी। -सोमबीर भलोठिया, अधीक्षक अभियंता, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम
चंदलाना के ग्रामीण बिजली और पानी को तरस रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। क्षेत्र में बुधवार देर शाम आई आंधी से तमाम पेड़ गिर गए। लोगों के मकानों की छतें उड़ गई। गोशाला, राइस मिलों के शेड उखड़ गए। चंदलाना में बिजली आपूर्ति दो दिन से बाधित है।
चंदलाना गांव निवासी हुकम चंद, वेद प्रकाश, कुलदीप, फकीरचंद,रविदत्त ने बताया कि बुधवार को आंधी के बाद से बिजली गुल हुई थी जो अब तक नहीं आई है। उन्होंने बताया कि बिजली आपूर्ति कब शुरू होगी, अफसर बता नहीं पा रहे। नाराज ग्रामीणों का कहना है कि दो रात गर्मी व मच्छरों के प्रकोप को झेल रहे है,बच्चों तथा बुजुर्गों का बीमार होने का अंदेशा बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ रही है। पीने के पानी के लिए दूर दराज तक जाना पड़ रहा है। बिजली की समस्या के साथ पानी की भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है।
एसडीओ ढांड प्रिंस भूरा ने बताया कि ढांड सब डिविजन में बिजली विभाग को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि हमारी कोशिश है कि सबसे पहले गांवों की बिजली को बहाल किया जाए। फिर खेतों की बिजली बहाल करने का कार्य शुरू किया जाएगा।
दूसरी ओर किसानों का कहना है कि खेतों में बिजली के खंभे ज्यादा टूट जाने से लाइट बंद हो गई है। इस समय धान की पनीरी की बीजाई का समय है। अगर समय पर धान की पनीरी की बिजाई नही पाए तो रोपाई कैसे करेंगे। किसानों का कहना है कि खेतों में बुआई करना जरूरी है,लेकिन खंभे गिर जाने से खेतों में पानी नही मिल पा रहा है।
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कैथल। जिलेभर में बुधवार देर शाम आंधी ने खूब तबाही मचाई। इस कारण बिजली निगम व वन विभाग को काफी नुकसान हुआ है। जिले में अलग-अलग जगहों पर 515 पेड़ गिरे। इस दौरान पूंडरी क्षेत्र में 175, चीका क्षेत्र में 180 व कैथल क्षेत्र में 160 पेड़ धराशायी हो गए।
इसके अलावा करीब 800 बिजली के खंभे भी गिर गए। 70 ट्रांसफार्मरों को क्षति भी पहुंची। आंधी के कारण रात के समय ग्रामीण क्षेत्र में करीब चार घंटे तक बिजली भी गुल रही। इस कारण लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्हें गर्मी में ही रात गुजरानी पड़ी।
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हालांकि इस दौरान जिले में कुछ ही जगहों पर हल्की बारिश हुई। आंधी के चलते कैथल-खनौरी रोड पर स्थित ओम विश्वा राइस मिल में चिमनी गिर गई। इसके साथ ही शेड की चादर भी उड़ गई। मिल के मालिक दीपक गर्ग ने बताया कि गनीमत रही कि यह किसी पर नहीं गिरी।
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जिले में अलग-अलग मुख्य मार्गों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने के कारण रास्ता भी अवरुद्ध हुआ। इस दौरान चीका, कैथल व सीवन, चीका, पूंडरी और राजौंद क्षेत्र में पेड़ व बिजली के खंभे गिरने के कारण जाम की स्थिति बनी रही।
राजौंद क्षेत्र में सौंगल-जाखौली और हरसौला से सौंगल मार्ग पर करीब एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी। वहीं, कैथल-पटियाला स्टेट हाईवे पर तीन से चार जगह पर बीच सड़क पर पेड़ गिरने के कारण अलग-अलग समय में करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा। इस कारण वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दूसरी ओर आंधी से सीवन क्षेत्र में मौसम में सब्जियों को नुकसान भी हुआ है। इसमें बेल वाली सब्जियों को नुकसान पहुंचा है। कई किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
बुधवार देर शाम को आए आंधी के कारण निगम को भारी नुकसान हुआ है। इस दौरान सैकड़ों खंभे और 70 ट्रांसफार्मर गिरे हैं। इसके चलते कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली करीब छह घंटे तक आपूर्ति प्रभावित रही, लेकिन बारिश रुकने के बाद तुरंत ही कर्मियों ने व्यवस्था बना दी थी। -सोमबीर भलोठिया, अधीक्षक अभियंता, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम
चंदलाना के ग्रामीण बिजली और पानी को तरस रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। क्षेत्र में बुधवार देर शाम आई आंधी से तमाम पेड़ गिर गए। लोगों के मकानों की छतें उड़ गई। गोशाला, राइस मिलों के शेड उखड़ गए। चंदलाना में बिजली आपूर्ति दो दिन से बाधित है।
चंदलाना गांव निवासी हुकम चंद, वेद प्रकाश, कुलदीप, फकीरचंद,रविदत्त ने बताया कि बुधवार को आंधी के बाद से बिजली गुल हुई थी जो अब तक नहीं आई है। उन्होंने बताया कि बिजली आपूर्ति कब शुरू होगी, अफसर बता नहीं पा रहे। नाराज ग्रामीणों का कहना है कि दो रात गर्मी व मच्छरों के प्रकोप को झेल रहे है,बच्चों तथा बुजुर्गों का बीमार होने का अंदेशा बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ रही है। पीने के पानी के लिए दूर दराज तक जाना पड़ रहा है। बिजली की समस्या के साथ पानी की भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है।
एसडीओ ढांड प्रिंस भूरा ने बताया कि ढांड सब डिविजन में बिजली विभाग को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि हमारी कोशिश है कि सबसे पहले गांवों की बिजली को बहाल किया जाए। फिर खेतों की बिजली बहाल करने का कार्य शुरू किया जाएगा।
दूसरी ओर किसानों का कहना है कि खेतों में बिजली के खंभे ज्यादा टूट जाने से लाइट बंद हो गई है। इस समय धान की पनीरी की बीजाई का समय है। अगर समय पर धान की पनीरी की बिजाई नही पाए तो रोपाई कैसे करेंगे। किसानों का कहना है कि खेतों में बुआई करना जरूरी है,लेकिन खंभे गिर जाने से खेतों में पानी नही मिल पा रहा है।