{"_id":"680402b7c20914be5a0d3643","slug":"storm-in-sewan-damage-due-to-lightning-kaithal-news-c-18-1-knl1004-628110-2025-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: सीवन में आंधी, बिजली गिरने से नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: सीवन में आंधी, बिजली गिरने से नुकसान
Sun, 20 Apr 2025 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 20 Apr 2025 01:38 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। नगर में शुक्रवार देर शाम आई तेज आंधी ने सीवन और आसपास के क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई। कई गांवों में आग लगने से गेहूं की तैयार खड़ी फसल जलकर राख हो गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
प्रभावत, गोहरा और रसूलपुर गांव के आसपास के क्षेत्रों में आग लगने से खेतों में खड़े गेहूं के फाने जल गए और कई स्थानों पर गेहूं की फसल भी जल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की मुख्य वजह आकाशीय बिजली बताई गई।
तेज आंधी और आसमानी बिजली ने खेतों में जमकर कहर बरपाया। लोगों के मुताबिक, खेतों में लगी आग इतनी तीव्र थी कि जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, तब तक कई एकड़ में फैली फसल जल चुकी थी। आग पर काबू पाने के लिए लोगों ने मशक्कत की, लेकिन हवा की गति ने प्रयासों को नाकाम कर दिया।
विज्ञापन
एक तरफ किसान खेतों में लगी आग से दुखी हैं तो दूसरी ओर कोई स्थानों पर बिजली की आपूर्ति ठप होने से आमजन भी परेशानी झेल रहे हैं। ऐसे में बिजली विभाग की तेजी और कर्मचारियों की कर्मठता लोगों में उम्मीद जगा रही है। प्रशासन से मांग उठ रही है कि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए तत्काल राहत और मुआवजा दिया जाए।
उधर, बिजली बोर्ड सीवन के एसडीओ आशीष गौतम ने बताया कि क्षेत्र में करीब 45 से 50 बिजली के खंभे गिर गए हैं, और कई स्थानों पर तार टूट गए हैं। आंधी में पेड़ों के गिरने के कारण बिजली के तार टूटे हैं और बिजली के खंभों को
नुकसान हुआ है। हालांकि, राहत की बात यह है कि कोई भी ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि मरम्मत शुरू कर दी गई है। कई स्थानों पर बिजली सप्लाई पूरी तरह बाधित है, लेकिन कर्मचारी इसे युद्ध स्तर पर ठीक करने में लगे हैं और जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
कई एकड़ में गेहूं की फसल जली
गुहला-चीका। शुक्रवार शाम को आंधी के दौरान उपमंडल गुहला के मस्तगढ़ गांव के सैकड़ों एकड़ खेतों में खड़े गेहूं के फाने और तूड़ी जल गई। भड़की आग ने देखते-देखते विकराल रूप धारण कर लिया और चक्कू लदाना, मेघा माजरा, थेह खरक व पहाड़पुर के खेतों तक पहुंच गई। गांव के बाहर बने कई डेरे भी आग से घिर गए। डेरों में आग के पहुंचने की सूचना मिलते ही चीका फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंची और डेरों को आग से सुरक्षित किया।
चीका फायर ब्रिगेड प्रभारी सतपाल ने बताया कि मस्तगढ़ में एक किसान की तूड़ी जल गई व तीन चार गांवों के खेतों में सैंकड़ों एकड़ में खड़े फाने जल गए। उधर, भूंसला के खेतों में आंधी के दौरान आग लग गई। पिहोवा के दिवाना गांव के खेतों में बना मकान जल गया। संवाद
चहारदीवारी गिरी
शुक्रवार शाम को आई तेज आंधी से रेस्ट हाउस गुहला की चहारदीवारी का एक हिस्सा ढह गया। रेस्ट हाउस में कार्यरत कर्मचारी ने बताया कि दो साल पहले आई आंधी में दीवार के इस हिस्से पर एक पेड़ गिर गया था। जिसके चलते दीवार हील गई थी और गत रात तेज हवाओं से यह लगभग 60 फीट लंबी दीवार ढह गई है।
विज्ञापन
सीवन। नगर में शुक्रवार देर शाम आई तेज आंधी ने सीवन और आसपास के क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई। कई गांवों में आग लगने से गेहूं की तैयार खड़ी फसल जलकर राख हो गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
प्रभावत, गोहरा और रसूलपुर गांव के आसपास के क्षेत्रों में आग लगने से खेतों में खड़े गेहूं के फाने जल गए और कई स्थानों पर गेहूं की फसल भी जल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की मुख्य वजह आकाशीय बिजली बताई गई।
विज्ञापन
तेज आंधी और आसमानी बिजली ने खेतों में जमकर कहर बरपाया। लोगों के मुताबिक, खेतों में लगी आग इतनी तीव्र थी कि जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, तब तक कई एकड़ में फैली फसल जल चुकी थी। आग पर काबू पाने के लिए लोगों ने मशक्कत की, लेकिन हवा की गति ने प्रयासों को नाकाम कर दिया।
विज्ञापन
एक तरफ किसान खेतों में लगी आग से दुखी हैं तो दूसरी ओर कोई स्थानों पर बिजली की आपूर्ति ठप होने से आमजन भी परेशानी झेल रहे हैं। ऐसे में बिजली विभाग की तेजी और कर्मचारियों की कर्मठता लोगों में उम्मीद जगा रही है। प्रशासन से मांग उठ रही है कि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए तत्काल राहत और मुआवजा दिया जाए।
उधर, बिजली बोर्ड सीवन के एसडीओ आशीष गौतम ने बताया कि क्षेत्र में करीब 45 से 50 बिजली के खंभे गिर गए हैं, और कई स्थानों पर तार टूट गए हैं। आंधी में पेड़ों के गिरने के कारण बिजली के तार टूटे हैं और बिजली के खंभों को
नुकसान हुआ है। हालांकि, राहत की बात यह है कि कोई भी ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि मरम्मत शुरू कर दी गई है। कई स्थानों पर बिजली सप्लाई पूरी तरह बाधित है, लेकिन कर्मचारी इसे युद्ध स्तर पर ठीक करने में लगे हैं और जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
कई एकड़ में गेहूं की फसल जली
गुहला-चीका। शुक्रवार शाम को आंधी के दौरान उपमंडल गुहला के मस्तगढ़ गांव के सैकड़ों एकड़ खेतों में खड़े गेहूं के फाने और तूड़ी जल गई। भड़की आग ने देखते-देखते विकराल रूप धारण कर लिया और चक्कू लदाना, मेघा माजरा, थेह खरक व पहाड़पुर के खेतों तक पहुंच गई। गांव के बाहर बने कई डेरे भी आग से घिर गए। डेरों में आग के पहुंचने की सूचना मिलते ही चीका फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंची और डेरों को आग से सुरक्षित किया।
चीका फायर ब्रिगेड प्रभारी सतपाल ने बताया कि मस्तगढ़ में एक किसान की तूड़ी जल गई व तीन चार गांवों के खेतों में सैंकड़ों एकड़ में खड़े फाने जल गए। उधर, भूंसला के खेतों में आंधी के दौरान आग लग गई। पिहोवा के दिवाना गांव के खेतों में बना मकान जल गया। संवाद
चहारदीवारी गिरी
शुक्रवार शाम को आई तेज आंधी से रेस्ट हाउस गुहला की चहारदीवारी का एक हिस्सा ढह गया। रेस्ट हाउस में कार्यरत कर्मचारी ने बताया कि दो साल पहले आई आंधी में दीवार के इस हिस्से पर एक पेड़ गिर गया था। जिसके चलते दीवार हील गई थी और गत रात तेज हवाओं से यह लगभग 60 फीट लंबी दीवार ढह गई है।