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गोदामों में मिले प्याज का स्टॉक, व्यापारी दुकानें बंद कर भागे
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
Updated Thu, 27 Aug 2015 01:10 AM IST
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जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच बुधवार को सब्जी मंडी में कार्रवाई की। विभाग की ओर से अचानक की गई कार्रवाई में कई दुकानदार अपनी दुकानों के शटर बंद कर भाग गए।
बाद में टीम के शटर खोलने पर वहां प्याज के भारी स्टॉक मिले। कई दुकानों पर इस प्याज की एंट्री ही नहीं थी। अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
बुधवार सुबह ही डीएफएससी सुरेंद्र सैनी के नेतृत्व में मंडी में प्याज की दुकानों पर जाकर स्टॉक एवं कीमतों के बारे में जानकारी हासिल की। यहां थोेक विक्रेता ने टीम को प्याज के भाव 32 रुपये किलो बताए।
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वहीं प्याज लेकर आए ग्योंग निवासी रमेश कुमार, कैथल निवासी राजेश एवं संजय ने बताया कि उन्होंने अभी प्याज 60 रुपये प्रति किलो के भाव से खरीदी है।
इस पर अधिकारियों ने एक दुकान खोलकर देखा तो वहां प्याज का स्टॉक मिला। दुकानदार वहां नहीं था। टीम की कार्रवाई के चलते कई दुकानदार दुकानें बंद कर भाग गए।
दो अन्य दुकानों में करीब 236 कट्टे प्याज के मिले। बाद में दुकानदार को बुलाकर पूछा गया तो फर्म के रजिस्टर में 23 अगस्त के बाद कोई एंट्री नहीं पाई गई।
इसी तरह बंद कर दी गई एक अन्य दुकान को खोलकर देखा तो उसके अंदर दो महिलाएं प्याज की पैकिंग करते हुए पाई गई। इस दुकान पर करीब 50 बैग प्याज मिला।
अधिकारियों ने दुकान बंद करके चले गए दुकानदारों को मंडी प्रधान सहित कार्यालय में तलब कर लिया। इसके बाद टीम ने बाहर प्याज से भरी एक गाड़ी की जांच की। जिसमें करीब 200 बैग लोड मिले।
मंडी में नहीं है प्याज की कमी
डीएफएससी सैनी ने बताया कि मंडी में प्याज की कोई कमी नहीं है। रही बात कीमत की तो कीमत के बारे में पीछे से दुकानदारों को किस कीमत पर मिल रहा है, उसकी जानकारी हासिल की जा रही है।
यदि कोई ज्यादा कीमत वसूल रहा है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इसके साथ-साथ जो दुकानदार दुकानें बंद करके इधर-उधर हुए हैं, उन दुकानदारों का स्टॉक जांचा जाएगा।
यदि स्टॉक में गड़बड़ी पाई जाती है या फिर वे किसी को प्याज देने से इनकार करते हैं तो उनके खिलाफ अवैध रूप से भंडारण करने के आरोप में कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई पूरे जिले में चलेगी।
जहां अवैध रुप से स्टॉक पाया गया, उस स्टॉक मालिक के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज करवाया जाएगा। कार्रवाई करने गई टीम में एफएसओ सतीश कुमार, इंस्पेक्टर जयभगवान, सब-इंस्पेक्टर दीपक कुमार, मार्केटिंग बोर्ड की ओर से सुपरवाइजर हरपाल सिंह सहित कर्मचारी सोहन लाल शामिल थे।
थोक में ही महंगा दिया जा रहा है साहब
मंडी में ही फड़ी पर प्याज बेच रहे काला राम ने कहा कि उन्हें थोक में ही 52 रुपये दिया जा रहा है। साहब, हम कम दामों पर कैसे प्याज बेचें। प्याज की कीमतें पीछे से कम करवाई जाए।
चिंतित न हों
लोग प्याज को लेकर चिंतित न हों। जिले में प्याज की कोई कमी नहीं है। अवैध रूप से प्याज का स्टॉक करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा। प्रयास किया जाएगा कि लोगों को उचित कीमतों पर प्याज मिलता रहे।
केएम पांडुरंग, डीसी, कैथल
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बाद में टीम के शटर खोलने पर वहां प्याज के भारी स्टॉक मिले। कई दुकानों पर इस प्याज की एंट्री ही नहीं थी। अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
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बुधवार सुबह ही डीएफएससी सुरेंद्र सैनी के नेतृत्व में मंडी में प्याज की दुकानों पर जाकर स्टॉक एवं कीमतों के बारे में जानकारी हासिल की। यहां थोेक विक्रेता ने टीम को प्याज के भाव 32 रुपये किलो बताए।
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वहीं प्याज लेकर आए ग्योंग निवासी रमेश कुमार, कैथल निवासी राजेश एवं संजय ने बताया कि उन्होंने अभी प्याज 60 रुपये प्रति किलो के भाव से खरीदी है।
इस पर अधिकारियों ने एक दुकान खोलकर देखा तो वहां प्याज का स्टॉक मिला। दुकानदार वहां नहीं था। टीम की कार्रवाई के चलते कई दुकानदार दुकानें बंद कर भाग गए।
दो अन्य दुकानों में करीब 236 कट्टे प्याज के मिले। बाद में दुकानदार को बुलाकर पूछा गया तो फर्म के रजिस्टर में 23 अगस्त के बाद कोई एंट्री नहीं पाई गई।
इसी तरह बंद कर दी गई एक अन्य दुकान को खोलकर देखा तो उसके अंदर दो महिलाएं प्याज की पैकिंग करते हुए पाई गई। इस दुकान पर करीब 50 बैग प्याज मिला।
अधिकारियों ने दुकान बंद करके चले गए दुकानदारों को मंडी प्रधान सहित कार्यालय में तलब कर लिया। इसके बाद टीम ने बाहर प्याज से भरी एक गाड़ी की जांच की। जिसमें करीब 200 बैग लोड मिले।
मंडी में नहीं है प्याज की कमी
डीएफएससी सैनी ने बताया कि मंडी में प्याज की कोई कमी नहीं है। रही बात कीमत की तो कीमत के बारे में पीछे से दुकानदारों को किस कीमत पर मिल रहा है, उसकी जानकारी हासिल की जा रही है।
यदि कोई ज्यादा कीमत वसूल रहा है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इसके साथ-साथ जो दुकानदार दुकानें बंद करके इधर-उधर हुए हैं, उन दुकानदारों का स्टॉक जांचा जाएगा।
यदि स्टॉक में गड़बड़ी पाई जाती है या फिर वे किसी को प्याज देने से इनकार करते हैं तो उनके खिलाफ अवैध रूप से भंडारण करने के आरोप में कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई पूरे जिले में चलेगी।
जहां अवैध रुप से स्टॉक पाया गया, उस स्टॉक मालिक के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज करवाया जाएगा। कार्रवाई करने गई टीम में एफएसओ सतीश कुमार, इंस्पेक्टर जयभगवान, सब-इंस्पेक्टर दीपक कुमार, मार्केटिंग बोर्ड की ओर से सुपरवाइजर हरपाल सिंह सहित कर्मचारी सोहन लाल शामिल थे।
थोक में ही महंगा दिया जा रहा है साहब
मंडी में ही फड़ी पर प्याज बेच रहे काला राम ने कहा कि उन्हें थोक में ही 52 रुपये दिया जा रहा है। साहब, हम कम दामों पर कैसे प्याज बेचें। प्याज की कीमतें पीछे से कम करवाई जाए।
चिंतित न हों
लोग प्याज को लेकर चिंतित न हों। जिले में प्याज की कोई कमी नहीं है। अवैध रूप से प्याज का स्टॉक करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा। प्रयास किया जाएगा कि लोगों को उचित कीमतों पर प्याज मिलता रहे।
केएम पांडुरंग, डीसी, कैथल